NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पंजशीर विद्रोह का पूरे अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान प्रतिरोध खड़ा करना असंभव है
पंजशीर विद्रोह एक फुटनोट बन कर रह गया है क्योंकि इसकी पूरे अफ़गानिस्तान में तालिबान विरोधी प्रतिरोध पैदा करने की संभावना शून्य है।
एम. के. भद्रकुमार
06 Sep 2021
Translated by महेश कुमार
पंजशीर विद्रोह का पूरे अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान प्रतिरोध खड़ा करना असंभव है
तालिबान विरोधी विद्रोही प्रशिक्षण लेते हुए, पंजशीर, अफगानिस्तान, 30 अगस्त, 2021

शुक्रवार को बीजिंग में विदेश मंत्रालय की दैनिक ब्रीफिंग में, रूसी समाचार चैनल स्पुतनिक के संवाददाता ने राजदूत प्रवक्ता वांग वेनबिन से पूछा कि चीन पंजशीर पर हमला करने के तालिबान के फैसले को कैसे देखता है और कि यह अफ़गान के हालात को कैसे प्रभावित करेगा।

राजदूत वांग ने उत्तर दिया कि "चीन को सच्चे मायने में उम्मीद है कि अफ़गानिस्तान में सभी पक्ष के लोगों की आकांक्षाओं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की अपेक्षा के अनुरूप सबके साथ परामर्श के माध्यम से मतभेदों को हल किया जाएगा जिससे कि एक स्थिर संक्रमण सुनिश्चित किया जा सकेगा ताकि इस युद्धग्रस्त देश के लोग युद्ध और संघर्ष से मुक्त होकर देश के भीतर जल्द से जल्द स्थायी शांति का निर्माण कर सकें।"

इस टिप्पणी का अर्थ यह है कि बीजिंग नाखुश तो है लेकिन वह फिलहाल किसी पर कोई दोष नहीं मढ़ेगा। उनका यह स्टैंड हस्तक्षेप न करने की चीनी नीति के अनुरूप है। इतना सब कहने के बाद, चीन अभी भी अफ़गानिस्तान के पूरे हालत के प्रति आशावादी बना हुआ है, जिसमें "एक मौलिक परिवर्तन है... (जिससे) कि आज फिर से अफ़गानिस्तान का भविष्य और तक़दीर एक बार फिर अफ़गान लोगों के हाथों में है," जैसा कि दोहा में अफ़गान तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के उप-प्रमुख मवलावी अब्दुल सलाम हनफी ने चीन के सहायक विदेश मंत्री वू जियानघाओ से 2 सितंबर को फोन पर बातचीत के बाद कहा था।

मुख्य बात यह है कि चीन पंजशीर के मसले पर तालिबान के आमने-सामने नहीं आएगा, हालांकि इस लड़ाई से अफ़गान-ताजिकिस्तान सीमा की सुरक्षा और स्थिरता पर कुछ असर पड़ेगा, जहां हाल के वर्षों में चीन ताजिकस्तान को सुरक्षा प्रदान करने वाला सबसे बड़ा प्रदाता रहा है। 

ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी इन घटनाओं पर चीन के समान ही रुख अपनाया है। इससे पहले शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबजादेह ने सभी अफ़गान समूहों को आपस में अपने विवादों को सुलझाने और हिंसा से बचने में मदद करने का आह्वान किया था। साथ ही बातचीत के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की अपील की थी।  

खतीबजादेह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि "ईरान का साफ मानना है कि अफ़गानिस्तान में स्थायी शांति और स्थिरता केवल अफ़गान की भीतरी वार्ता के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है, न कि विदेशियों की उपस्थिति और या उनके हस्तक्षेप के जरिए।" उन्होंने कहा कि ईरान सभी अफ़गान समूहों के साथ निरंतर संपर्क में है और अफ़गानिस्तान के लोग एक लोकप्रिय और समावेशी सरकार चाहते हैं जो देश की जनसांख्यिकीय और जातीय संरचना को स्पष्ट तौर पर दर्शाती हो। 

शुक्रवार को मोटे तौर पर इसी तरह की टिप्पणी करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि "वास्तविकता में, तालिबान आंदोलन अफ़गानिस्तान के लगभग पूरे क्षेत्र को नियंत्रित करता है, केवल पंजशीर और उत्तर के आसपास के क्षेत्रों को छोड़कर, जो ताजिकिस्तान की सीमा से सटे हुए हैं। अगर ऐसा है तो हमें वास्तविकताओं के साथ आगे बढ़ना चाहिए।"

उन्होंने अफ़गान एकता का बलपूर्वक बचाव करते हुए कहा कि "रूस की अफ़गानिस्तान के विघटन में कोई दिलचस्पी नहीं है। अगर ऐसा होता, तो बात करने वाला कोई नहीं होता। उज्बेकिस्तान के इस्लामिक आंदोलन और अफ़गानिस्तान के क्षेत्र में कई अन्य हमारे सहयोगियों और पड़ोसियों के लिए खतरा मौजूद हैं। और अगर हम सब को याद है कि हमारे यहाँ कोई वीजा प्रतिबंध नहीं है - और सीमा पार यात्रा वास्तव में मुक्त/मुफ्त है – इसलिए यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि रूस के लिए, खुद की सुरक्षा बनाए रखने का दृष्टिकोण बहुत महत्व रखता है।

तुर्की, कथित तौर पर काबुल हवाई अड्डे पर फिर से ऑपरेशन शुरू करने का प्रयास कर रहा है - और तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद को उम्मीद है कि हवाई अड्डा "सितंबर में फिर से चालू हो जाएगा" - अंकारा पर यह भरोसा करना होगा कि वह राशिद दोस्तम को किसी भी तालिबान विरोधी मोर्चे में शामिल होने से रोकेगा।

साथ ही, तालिबान ने पंजशीर विद्रोह के पीछे हेरात में ताजिक आबादी को जुटाने की   इस्माइल खान की क्षमता को प्रभावी ढंग से बेअसर कर दिया है।

गुरुवार को, तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लुत कवुसोग्लू को यह कहते हुए उद्धृत किया गया था कि "सुरक्षा को इस तरह से स्थापित किया जाना चाहिए कि हर कोई उससे आश्वस्त हो। हमने इस मामले में तालिबान को अपने विचारों से अवगत करा दिया है।” उन्होंने कहा कि अफ़गानिस्तान के मामले में तुर्की की "सबसे बड़ी उम्मीद" यह है कि देश के भीतर "जल्द से जल्द व्यवस्था और स्थिरता सुनिश्चित की जाए।" गौरतलब है कि पाकिस्तानी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के प्रमुख जनरल फैज हामिद शनिवार को एक उच्च स्तरीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल के साथ काबुल पहुंच गए हैं।

स्पष्ट रूप से, ब्रिटेन के विदेश सचिव डॉमिनिक रब्ब की इस्लामाबाद की अनिर्धारित सप्ताहांत यात्रा का उद्देश्य तालिबान नेतृत्व पर पाकिस्तान के प्रभाव को सही दिशा में ले जाना था और सुरक्षा स्थिति को स्थिर करना था। वाशिंगटन, स्पष्ट रूप से लंदन की तरफ झुक रहा है।

इस तरह की पृष्ठभूमि के सामने - और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ आम हितों के आधार पर तालिबान के साथ एक अनुमानित व्यावहारिक कामकाजी संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है - पंजशीर विद्रोह की इतनी क्षमता नहीं कि वह पूरे अफ़गानिस्तान में तालिबान प्रतिरोध को बढ़ा सके। 

तालिबान का उद्देश्य पंजशीर विद्रोह को कम करना है और अंततः इसे पूरी तरह से कुचलना है - यदि आवश्यक हुआ तो इस ऑपरेशन के बारे में पाकिस्तानी सलाह ली जाएगी। तालिबान के ऑपरेशन कथित तौर पर पहले से ही कुछ सफलता हासिल कर रहे हैं। शुक्रवार की रात अफवाहें आम थीं कि पंजशीर पर तालिबान का कब्ज़ा हो गया है और काबुल में जश्न में कुछ गोलियां भी चलाई गई थी - हालांकि तालिबान ने जीत की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। 

तालिबान पर एंटनी ब्लिंकन की नवीनतम टिप्पणी काफ़ी उदार स्वर की रही है। ब्लिंकन तालिबान सरकार में "कुछ वास्तविक समावेशिता" की उम्मीद कर रहे हैं और अब वे "कोई भी सरकार क्या करती है ... पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं ... हम नज़र रख रहे हैं कि कोई भी नई अफ़गान सरकार कौन सी कार्रवाइयां, कौन सी नीतियां अपनाती है। आज यही बात सबसे ज्यादा मायने रखती है।"

जैसा कि उन्होंने कहा, "कि हमारी उम्मीद तो एक समवेशी सरकार की है, लेकिन अंततः उम्मीद पर एक ऐसी सरकार को खरा उतरना है जो तालिबान द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करती हो, खासकर जब यात्रा करने की स्वतंत्रता की बात आती है; जब अफ़गानिस्तान को हमारे या हमारे किसी भी सहयोगी और साझेदारों की तरफ उन्मुख आतंकवाद के हमलों के लिए एक लॉन्चिंग ग्राउंड के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देने की बात सामने आती है; और जब महिलाओं और अल्पसंख्यकों सहित अफ़गान लोगों के बुनियादी अधिकारों को कायम रखने की बात आती है; और जब किसी भी किस्म के प्रतिशोध में शामिल न होने की बात आती है।”

इस बीच, वाशिंगटन के ट्रेजरी विभाग ने तालिबान पर प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिकी सरकारी एजेंसियों, ठेकेदारों और अनुदान प्राप्तकर्ताओं को अफ़गानिस्तान के लोगों को महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखने की अनुमति देने के लिए विशिष्ट लाइसेंस जारी किए हैं, जिसे स्वतंत्र संगठनों के माध्यम से अंजाम दिया जाएगा। 

दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 13 सितंबर को जिनेवा में एक मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाएंगे ताकि अफ़गानिस्तान में बढ़ते मानवीय संकट को दूर करने के लिए वित्त-पोषण में तेजी लाने की बात की जा सके।

स्पष्ट रूप से जैसे-जैसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय तालिबान शासित अफ़गानिस्तान की नई वास्तविकता के साथ तालमेल बिठाता रहेगा, पंजशीर में चल रहा विद्रोह फुटनोट बनता जाएगा। सच कहें तो इस विद्रोह को कभी भी एक प्रतिरोधी आंदोलन के रूप में विकसित होने का मौका नहीं मिला। दुनिया का ध्यान नए तालिबान और काबुल में एक समावेशी सरकार की आसन्न घोषणा पर लगा हुआ है।

एम॰ के॰ भद्रकुमार एक पूर्व राजनयिक हैं। वे उज्बेकिस्तान और तुर्की में भारत के राजदूत रह चुके हैं। व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं।

सौजन्य: इंडियन पंचलाइन 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Reflections on Events in Afghanistan- XIII

China
IRAN
Pakistan
PANJSHIR
Russia

Related Stories

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन


बाकी खबरें

  • International Women's Day
    सोनिया यादव
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के संघर्ष और बेहतर कल की उम्मीद
    08 Mar 2022
    श्रम आंदोलन से उपजे इस आयोजन के केंद्र में प्रदर्शन की अहमियत रही है, लिहाज़ा आज महिलाओं के संघर्ष ने एक लंबा सफ़र तय किया है और इसमें उनका अपने ह़क़ और हुक़ूक के लिए आवाज़ बुलंद करना, सड़कों पर धरने…
  • School teachers
    पीपुल्स डिस्पैच
    हंगरी: देशभर के स्कूल शिक्षकों ने बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए कसी कमर
    08 Mar 2022
    विक्टर ओरबान की अगुवाई वाली हंगरी की रूढ़िवादी सरकार कोविड-19 संकट का हवाला देते हुए स्कूलों में अनिवार्य शिक्षण सेवाओं को लेकर एक विशेष फ़रमान जारी करते हुए शिक्षकों की हड़ताल को प्रतिबंधित करने की…
  • Atoms for Peace
    एम. के. भद्रकुमार
    ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 
    08 Mar 2022
    ईरान उन देशों में से एक है जिसमें अमेरिका के "डॉलर रूपी हथियार" का मुकाबला करने के लिए "परमाणु रूपी हथियार" का सहारा लेने की कई संभावनाएं मौजूद हैं।
  • women's day
    राज वाल्मीकि
    दलित और आदिवासी महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवाल
    08 Mar 2022
    यदि हमारे भारतीय समाज से लैंगिक-ग़ैर बराबरी और जातिवाद का ख़ात्मा हो जाए, जो कि वैज्ञानिक शिक्षा से संभव है, तभी इस देश की दलित और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार समाप्त हो सकेगा।
  • कुमुदिनी पति
    महिला दिवस विशेष : लड़ना होगा महिला अधिकारों और विश्व शांति के लिए
    08 Mar 2022
    अंतराष्ट्रीय महिला दिवस एक औपचारिकता मात्र न बन कर रह जाए इसके लिए औरतों को लगातार सजग रहना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License