NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
पर्यावरण
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
वायु प्रदूषण बढ़ने और कोरोना संक्रमण के प्रसार के बीच क्या संबंध है?
सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को संसद की एक समिति को बताया कि वायु प्रदूषण के कारण कोरोना वायरस का संक्रमण पहले के मुकाबले तेज गति से फैल सकता है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण और कोविड-19 के बीच संबंध का अभी ठोस प्रमाण नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Nov 2020
वायु प्रदूषण
Image courtesy: The Asian Age

वैज्ञानिक अभी भले ही वायु प्रदूषण और कोराना के बीच संबंध का पता लगाने में ही जुटे हैं दिल्ली एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  के मुताबिक दिल्ली के पंजाबी बाग में शनिवार को वायु गुणवत्ता स्तर 438 रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत एनसीआर के सभी शहर प्रदूषण के लिहाज से रेड जोन में ही चल रहे हैं। इसके चलते लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जिक्र किया है, जिसमें सांस लेने में दिक्कत के साथ आंखों में जलन आम है।

बता दें कि वायु प्रदूषण बढ़ने और कोरोना संक्रमण के प्रसार के बीच संबंध को लेकर परस्पर विरोधी दावे किए जा रहे हैं। सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को संसद की एक समिति को बताया कि वायु प्रदूषण के कारण कोरोना वायरस का संक्रमण पहले के मुकाबले तेज गति से फैल सकता है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि प्रदूषण और कोविड-19 के बीच संबंध का ठोस प्रमाण अभी नहीं है।

वायु प्रदूषण से कोविड संक्रमण के फैलने की गति तेज़  

सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को संसद की एक समिति को बताया कि वायु प्रदूषण के कारण कोरोना वायरस का संक्रमण पहले के मुकाबले तेज गति से फैल सकता है। समिति के समक्ष केंद्र सरकार के अधिकारियों ने वायु प्रदूषण के कारण कोविड-19 के तेजी से प्रसार की आशंका को लेकर चिंता प्रकट की।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने समिति के समक्ष कहा, ‘अधिक वायु प्रदूषण से खांसी आना और छींकना बढ़ सकता है जिससे कोविड-19 तेज गति से फैल सकता है।’ ‘लान्सेंट’ के एक अध्ययन का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारण भारत में औेसत आयु 1.7 वर्ष कम हो जाती है। पर्यावरण मंत्रालय ने समिति के साथ दिल्ली में पिछले चार वर्षों के दौरान की वायु गुणवत्ता का आंकड़ा साझा किया। मंत्रालय ने कहा कि इस अवधि में वायु गुणवत्ता सिर्फ चार दिन अच्छी थी और 319 दिन बहुत खराब थी। 78 दिनों तक दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बहुत ही खराब थी।

वायु प्रदूषण के कारण कोविड-19 से मृत्यु का खतरा बढ़ा

हालिया शोध के मुताबिक वायु प्रदूषण के कारण कोविड-19 से होने वाली मृत्यु का खतरा बढ़ गया है। इस बारे में गुरुवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण को सूचित किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता राज पंजवानी और वकील शिबानी घोष ने एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके. गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि पार्टिकुलेट वायु प्रदूषण के कारण पूरी दुनिया में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 15 फीसदी है। पटाखों पर प्रतिबंध से जुड़े एक मामले में पंजवानी और घोष को अधिकरण का सहयोग करने के लिए न्याय मित्र नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘वायु प्रदूषण और कोविड-19 संक्रमण से मौत के खतरे को लेकर हालिया शोध से पता चलता है कि ‘कोविड-19 से मृत्यु के बढ़े खतरे में वायु प्रदूषण एक महत्वपूर्ण कारक है’।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अध्ययन में यह भी कहा गया है कि ‘कोविड-19 के प्रसार पर नियंत्रण के लिए वायु प्रदूषण घटाने की खातिर निष्कर्ष को समन्वित महत्वाकांक्षी नीतियां बनाने में ज्यादा प्रेरणा’ देने वाला होना चाहिए।

अध्ययन का आकलन है कि पार्टिकुलेट वायु प्रदूषण पूरी दुनिया में कोविड-19 के कारण मृत्यु में 15 फीसदी का योगदान करता है। दोनों वकीलों ने आंद्रे पोजर और अन्य के अध्ययन ‘रिजनल एंड ग्लोबल कंट्रीब्यूशंस ऑफ एयर पॉल्यूशन टू रिस्क ऑफ डेथ फ्रॉम कोविड-19’ का हवाला दिया। उन्होंने सभी तरह के पटाखा की बिक्री पर किसी भी प्राधिकार द्वारा किसी भी तरह का लाइसेंस देने पर रोक लगाने की मांग की। ‘इंडियन फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन’ की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का विरोध किया और कहा कि इस पर कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं है और मामला पहले ही उच्चतम न्यायालय में है।

पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से पेश हुए वकील बालेंदु शेखर ने एनजीटी से कहा कि कोविड-19 के कारण मृत्यु दर में वायु प्रदूषण की भागीदार पर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं है और इस मुद्दे पर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय को पत्र लिखकर उनके विचार मांगे हैं।

प्रदूषण और कोविड-19 के बीच संबंध का ठोस प्रमाण नहीं

भारत की राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि पर श्वास रोग विशेषज्ञ चिंतित हैं लेकिन उनका कहना है कि प्रदूषण कारक सूक्ष्म कणों (पीएम 2.5) और कोविड-19 से होने वाली मौत के बीच अभी तक कोई प्रामाणिक संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

गुरुग्राम के कोलंबिया एशिया अस्पताल में श्वास रोग विशेषज्ञ पीयूष गोयल ने कहा, “वर्तमान में यह साबित नहीं हो पाया है कि ‘पीएम 2.5’ के स्तर में वृद्धि का संक्रमण या मौत से सीधा संबंध है या नहीं।” गोयल ने बताया कि ‘पीएम 2.5’ कणों में जलवाष्प, धूल के कण और प्रदूषण कारी तत्व होते हैं जिन पर कोविड-19 का वायरस चिपक सकता है और हवा के द्वारा संक्रमण फैल सकता है। उन्होंने कहा, “लेकिन यह केवल एक विचार है और इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है” उन्होंने कहा, “अभी तक भारत में ऐसा कोई अध्ययन प्रकाशित नहीं हुआ है जिससे यह प्रमाणित हो सके, किंतु यह संभव है।”

गोयल के अनुसार जिन्हे लंबे समय से फेफड़ों में समस्या है, उन्हें मौसम में बदलाव और प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होने से दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। प्रदूषित वायु के संपर्क में रहने और कोविड-19 से होने वाली मौत के बीच संबंध के बारे में नयी दिल्ली स्थित सीएसआईआर- जिनोमिकी और समवेत जीव विज्ञान संस्थान (आईजीआईबी) के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि दोनों ही कारणों से फेफड़े और हृदय प्रभावित हो सकते हैं और मौत हो सकती है।

आईजीआईबी के श्वास रोग विशेषज्ञ ने कहा, “लेकिन इन दोनों में से किसके कारण स्वास्थ्य को अधिक खतरा है या दोनों के मिलने से खतरा बढ़ जाता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।”

वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख़्त

फिलहाल वायु प्रदूषण को लेकर शीर्ष अदालत ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिये कहा कि दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग नहीं हो। इससे पहले, न्यायालय को सूचित किया गया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आज से काम शुरू कर देगा। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने इसके साथ ही वायु प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं को अब दिवाली अवकाश के बाद के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

बता दें कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव एम एम कुट्टी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इससे सटे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। केन्द्र की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग शुक्रवार से काम शुरू कर देगा और सरकार ने आयोग के सदस्यों की भी नियुक्ति कर दी है। मेहता ने 29 अक्टूबर को न्यायालय को सूचित किया था कि प्रदूषण पर काबू पाने के लिये सरकार एक अध्यादेश लायी है और उसे लागू कर दिया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Coronavirus
COVID-19
Air Pollution
Delhi Air Pollution
Corona cases in India
Air Quality Index
Supreme Court
Air pollution and corona infection

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Mehsi oyster button industry
    शशि शेखर
    बिहार: मेहसी सीप बटन उद्योग बेहाल, जर्मन मशीनों पर मकड़ी के जाल 
    26 Oct 2021
    बिहार के पूर्वी चंपारण के मेहसी स्थित विश्व प्रसिद्ध सीप-बटन उद्योग की मशीनों पर मकड़ी के जाले लग चुके हैं। बिजली की सप्लाई नहीं है। उद्योग यूनिट दर यूनिट बंद हो रहे हैं। इस उद्योग के कारीगर पंजाब-…
  • coal crisis
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोयला संकट से होगा कुछ निजी कंपनियों को फायदा, जनता का नुकसान
    26 Oct 2021
    कोयले के संकट से देश में बिजली की किल्लत हो रही है। इस किल्लत की वजह क्या है? इस संकट से किसको फायदा और किसको नुकसान होगा? जानने के लिए न्यूज़क्लिक ने बात की पूर्व कोयला सचिव अनिल स्वरुप से
  • Biden’s Taiwan Gaffe Meant no Harm
    एम. के. भद्रकुमार
    ताइवान पर दिया बाइडेन का बयान, एक चूक या कूटनीतिक चाल? 
    26 Oct 2021
    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले गुरुवार को सीएनएन टाउन हॉल में यह कहा है कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो वाशिंगटन उसकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों का स्थायी नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन, हड़ताल की चेतावनी दी
    26 Oct 2021
    लगभग 3500 से अधिक कर्मचारी दिल्ली के तीनों नगर निगम में अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं। राजधानी में डेंगू और अन्य ऐसी महामारी की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद ये ठेके प्रथा के तहत कार्यरत…
  • instant loan
    शाश्वत सहाय
    तत्काल क़र्ज़ मुहैया कराने वाले ऐप्स के जाल में फ़ंसते नौजवान, छोटे शहर और गाँव बने टार्गेट
    26 Oct 2021
    इन ऐप्स के क़र्ज़ वसूली एजेंटों की ओर से किये जा रहे उत्पीड़न के चलते 2020 और 2021 के बीच पूरे भारत में कम से कम 21आत्महत्याएं हुई हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License