NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पूर्वी और उत्तरी निगम अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों का बकाया वेतन दो हफ्तों में जारी करें: दिल्ली हाई कोर्ट
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Dec 2020
दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगमों को दो सप्ताह के भीतर निगम संचालित नौ अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों के अक्टूबर माह का बकाया वेतन जारी करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। ये सुनवाई आईएमए की याचिका पर की जा रही थी जहां कोर्ट ने दोनों निगमों और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी उन्हें अपना रुख बताने को कहा है।

बुधवार की सुनवाई में कोर्ट ने आईएमए की एक और याचिका मंजूर कर ली जिसमें एक जनहित याचिका में उसने पक्ष बनाने का अनुरोध किया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित छह अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों को भत्ते के भुगतान के संबंध में इस याचिका पर सुनवाई हो रही है।

कस्तूरबा गांधी अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा इस साल मार्च से वेतन का भुगतान नहीं होने पर इस्तीफा की चेतावनी देने संबंधी खबरों का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। इसके बाद दिल्ली के तीनों नगर निगमों द्वारा वेतन भुगतान नहीं किए जाने के संबंध में अलग-अलग विभाग के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों द्वारा कई याचिकाएं दायर की गयी।

न्यायमूर्ति कोहली की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को कहा कि चूंकि मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली पीठ निगमों को मिलने वाली रकम के संबंध में मामले की निगरानी कर रही है इसलिए आगे मामले में इन सभी याचिकाओं को उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। बता दें कि सभी याचिकाओं को 15 जनवरी 2021 को उपयुक्त पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है जब निगम के अधीन काम करने वाले डॉक्टरों,नर्सिंग स्टॉफ, शिक्षक या फिर कर्मचारियों को अपने वेतन के लिए कोर्ट जाना पड़ा हो। हाल के दिनों में ऐसा लगता है जैसे निगम कर्मियों को अपने वेतन के लिए कोर्ट जाना, हड़ताल करना एक रिवायत बन गई है। पिछले कुछ सालों में हमने निगम में डॉक्टरों, शिक्षकों से लेकर सफ़ाई कर्मचारियों की कई  हड़तालें देखी है। लगभग सभी हड़तालों और प्रदर्शनो की मांग सामान्य है कि बकाया वेतन जारी किया जाए। हर बार इसका तत्कालीन हल निकालकर बकाया वेतन का कुछ हिस्सा जारी कर दिया जाता है फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

किसी भी सरकार ने या निगम पर शासन कर रही भाजपा ने इसके स्थाई समाधान की कोशिश नहीं की है। दिल्ली सरकार इसका ठीकरा निगम पर फोड़ती है और निगम यह कहकर बचता है कि उसका बकाया पैसा दिल्ली सरकार नहीं दे रही है। इन दोनों के बीच निगम का कर्मचारी फुटबॉल बनकर रह गया है।
 
ये बात सर्वविदित है कि दिल्ली के उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम इस समय ख़राब आर्थिक हालत से जूझ रहे हैं। यही वजह है कि निगम अपने सफ़ाई कर्मचारियों से लेकर निगम के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों को समय से वेतन नहीं दे पा रहा है।

कर्मचारियों के अलावा उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों को भी समय से वेतन नहीं मिल पाता है। उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में कर्मचारियों की हड़ताल आम बात हो गई है लेकिन यह भी सच्चाई है कि हालात पैदा ही निगम में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन से हुआ है।

Eastern and Northern Corporation hospitals
Delhi High court
Indian Medical Association
IMA
delhi government
Arvind Kejriwal

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License