NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
शोधः हृदय मांसपेशियों की कोशिकाओं में फैटी एसिड को नियंत्रित करने संबंधी नई जानकारी मिली
फैटी एसिड (वसा अम्ल) तब बनता है जब पाचन के दौरान आहार से वसा अलग होती है। हृदय अपनी अधिकांश आवश्यक ऊर्जा फैटी एसिड के ऑक्सीकरण से प्राप्त करता है।
भाषा
29 Jun 2021
शोधः हृदय मांसपेशियों की कोशिकाओं में फैटी एसिड को नियंत्रित करने संबंधी नई जानकारी मिली
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

बेंगलुरु: भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में भारत और अमेरिका के शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस बारे में नई जानकारी उपलब्ध कराई है कि कार्डियोमायोसाइट्स (हृदय की लयबद्ध धड़कन को नियंत्रित करने वाली हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाओं) में फैटी एसिड बढ़ने को कैसे नियंत्रित किया जाता है।

फैटी एसिड (वसा अम्ल) तब बनता है जब पाचन के दौरान आहार से वसा अलग होती है। शरीर के कई अंग अपने प्राथमिक ऊर्जा स्रोत के रूप में ग्लूकोज का उपयोग करते हैं, लेकिन हृदय अपनी अधिकांश आवश्यक ऊर्जा (70 प्रतिशत से अधिक) फैटी एसिड के ऑक्सीकरण से प्राप्त करता है। यह कार्डियोमायोसाइट्स के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन कार्डियोमायोसाइट्स में अतिरिक्त फैटी एसिड का संचय हानिकारक प्रतिक्रियाओं को शुरू कर देता है, जिससे अक्सर गंभीर हृदय रोग हो जाते हैं।

आईआईएससी के माइक्रोबायोलॉजी और सेल बायोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर रवि सुंदरसन ने कहा, ‘‘हमने एक तंत्र की पहचान की है जिसके जरिए फैटी एसिड के (कार्डियोमायोसाइट्स तक) पहुंचने को एसआईआरटी 6 नामक प्रोटीन के जरिए महत्वपूर्ण रूप से नियंत्रित किया जाता है।’’

बेंगलुरु स्थित आईआईएससी ने एक बयान में कहा कि अध्ययन से पता चलता है कि हृदय को प्रभावित करने वाले कई चयापचय रोगों के इलाज के लिए एसआईआरटी 6 लाभकारी साबित हो सकता है। हालिया अध्ययन ‘‘सेल रिपोर्ट्स’’ में प्रकाशित किया गया है।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह पहला अध्ययन है जिसमें दर्शाया गया है कि एसआईआरटी6 कार्डियोमायोसाइट्स में इन वाहक प्रोटीन के निर्माण के लिए जिम्मेदार जीन को नियंत्रित करता है।

Heart muscle cells
Indian Institute of Science

Related Stories


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन की वजह से घर-घर चक्कर काट रहे हैं गृह मंत्री : धर्मेंद्र मलिक
    29 Jan 2022
    जाटलैंड यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन ने कितनी बदली है तस्वीर, क्या चलेगा भाजपा का सांप्रदायिक कार्ड, इस पर वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की भारतीय किसान यूनियन के अहम चेहरे और मीडिया…
  • uttarpradesh
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: जिसके सर होगा पूर्वांचल का हाथ, वही करेगा यूपी में राज!
    29 Jan 2022
    देश का सबसे बड़ा सियासी सूबा उत्तर प्रदेश हर बार यही सोचता है कि इस बार तो विकास पर चुनाव होंगे, लेकिन गाड़ी आकर आखिरकार जातिवाद पर ही अटक जाती है, ऐसे में पूर्वांचल का जातीय समीकरण हर बार राजनीतिक…
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड 2022: क्या खदबदा रहा है पहाड़ के भीतर, पहाड़ की सियासत, पहाड़ के सवाल
    29 Jan 2022
    सन् 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना उत्तराखंड राज्य आज तक अपनी तकदीर नहीं बदल पाया। हर बार इस आशा में सरकार बदलता है कि शायद इस बार अच्छा होगा...लेकिन इसके अच्छे दिन नहीं आते। भाजपा और कांग्रेस…
  • GANDHI JI
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: टीवी स्टूडियो में गांधी जी के साथ महाबहस
    29 Jan 2022
    बापू मुस्कुरा के बोले— मुझे तो इतने साल पहले मारा जा चुका है। फिर आप मुझे मारने के लिए अब क्यों परेशान हो रहे हैं?
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपीः योगी सरकार के 5 साल बाद भी पानी के लिए तरसता बुंदेलखंड
    29 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश को बुंदेलखंड स्पेशल पैकेज के तहत जितना पैसा दिया गया उसका 66% यानी 1445.74 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पानी का संकट दूर करने के लिए किया गया लेकिन स्थिति नहीं बदली।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License