NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने ली उप लोकायुक्त पद की शपथ
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में फ़ैसला देने वाले एवं अवकाश प्राप्त न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने सोमवार को राज्य के नए उप लोकायुक्त पद की शपथ ली।
भाषा
12 Apr 2021
सुरेंद्र कुमार यादव
Image courtesy : The Hindu

लखनऊ: बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में पिछले साल फैसला देने वाले एवं अवकाश प्राप्त न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने सोमवार को राज्य के नए उप लोकायुक्त पद की शपथ ली। सरकारी बयान में इसकी जानकारी दी गयी है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छह अप्रैल को यादव को प्रदेश का तीसरा उप लोकायुक्त नियुक्त किया था। बयान में कहा गया है कि सोमवार को लोकायुक्त संजय मिश्रा ने यादव को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

यादव ने 30 सितंबर 2020 को सीबीआई के विशेष जज की हैसियत से सुनाए गए फैसले में छह दिसंबर 1992 को हुए बाबरी विध्वंस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती तथा कल्याण सिंह भी शामिल थे।

यादव ने अपने आदेश में कहा था कि आरोपियों के खिलाफ कोई निष्कर्षात्मक सबूत नहीं है।

लोकायुक्त भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई की एक संस्था है। लोकायुक्त एक गैर राजनीतिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति होता है और वह भ्रष्टाचार, सरकारी कुप्रबंधन या मंत्रियों अथवा लोक सेवकों द्वारा सत्ता के दुरुपयोग जैसे मामलों की जांच के सांविधिक प्राधिकरण की तरह काम करता है।

Surendra Kumar Yadav
babri masjid

Related Stories

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद

काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद: ईद बाद वकील कमिश्नर लेंगे परिसर का जायज़ा

हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 

अयोध्या: राजनीति के कारण उपेक्षा का शिकार धर्मनिरपेक्ष ऐतिहासिक इमारतें

भाजपा ने फिर उठायी उपासना स्थल क़ानून को रद्द करने की मांग

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

6 दिसंबर,1992 : सिर्फ़ बाबरी मस्जिद नहीं, ढहा था लोकतंत्र का स्तंभ

कृष्ण जन्मभूमि मामला, बैंक यूनियनों का हड़ताल का ऐलान और अन्य ख़बरें

6 दिसंबर महज़ एक तारीख़ रह गई : अयोध्या के चेहरे पर नहीं कोई शिकन


बाकी खबरें

  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    जहांगीरपुरी हिंसा में देश के गृह मंत्री की जवाबदेही कौन तय करेगा ?
    18 Apr 2022
    न्यूज़चक्र में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं जहांगीरपुरी में हुई हिंसा की, और सवाल उठा रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की इस मुद्दे पर साधी हुई चुप्पी पर
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में 1573 करोड़ रुपये का धान घोटाला, जिसके पास मिल नहीं उसे भी दिया धान
    18 Apr 2022
    बिहार में हुए 1573 करोड़ रुपये के धान घोटाले की सीआईडी जांच में अब नए खुलासे हुए हैं। जिले के बोचहां थाने में दर्ज इस मामले की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
  • सोनिया यादव
    यूपी: फतेहपुर के चर्च में सामूहिक धर्मांतरण या विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल का बवाल?
    18 Apr 2022
    एफ़आईआर में धर्मान्तरण के क़ानून से जुड़ी धाराओं को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया क्योंकि धर्मान्तरित किए जा रहे किसी शख़्स या उनके परिजन इस मामले में शिकायतकर्ता नहीं थे। कोर्ट से गिरफ्तार सभी लोगों को…
  • अखिलेश अखिल
    भारतीय लोकतंत्र: संसदीय प्रणाली में गिरावट की कहानी, शुरुआत से अब में कितना अंतर?
    18 Apr 2022
    यह बात और है कि लोकतंत्र की प्रतीक भारतीय संसद और उसकी कार्य प्रणाली में गिरावट आज से पहले ही शुरू हो गई थी लेकिन पिछले एक दशक का इतिहास तो यही बताता है कि जो अभी हो रहा है अगर उसे रोका नहीं गया तो…
  • सौरव कुमार
    मिरात-उल-अख़बार का द्विशताब्दी वर्ष: भारत का एक अग्रणी फ़ारसी अख़बार, जो प्रतिरोध का प्रतीक बना
    18 Apr 2022
    विख्यात पत्रकार पी साईनाथ के अनुसार, मिरात-उल-अख़बार के द्वारा जिस प्रकार की गुणवत्ता और पत्रकारिता का प्रतिनिधित्व किया गया, वह समकालीन भारत के लिए पूर्व से कहीं अधिक प्रासंगिक है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License