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अमीर देशों ने पांच प्रमुख COVID-19 वैक्सीन कैंडिडेट की लगभग 51% आपूर्ति का सौदा किया: ऑक्सफ़ैम
अध्ययन के अनुसार, अमीर देश जो कि वैश्विक आबादी का लगभग 13% हैं उन्होंने वैक्सीन कैंडिडेट के लिए आपूर्ति के एक बड़े हिस्से का सौदा किया है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Sep 2020
 COVID-19

हालिया एक अध्ययन में पाया गया है कि अमीर देशों के एक समूह ने विभिन्न COVID-19 वैक्सीन कंडिडेट के लिए आधे से अधिक आपूर्ति सौदों पर एकाधिकार बना लिया है। गुरुवार 17 सितंबर को एक बयान में ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने पांच सबसे सफल COVID-19 वैक्सीन कंडिडेट के उत्पादकों द्वारा किए गए सौदों पर एक अध्ययन का विवरण जारी किया। इस अध्ययन के निष्कर्ष उस दिन जारी किए गए थे जब जी-20 राष्ट्रों के स्वास्थ्य और वित्त मंत्री COVID-19 महामारी पर चर्चा करने के लिए बैठक कर रहे थे।

इस अध्ययन ने एस्ट्राज़ेनेका, गामालिया / स्पुतनिक, मॉडर्ना, फाइज़र और सिनोवैक द्वारा विकसित किए जा रहे पांच वैक्सीन कंडिडेट पर किए गए सौदों का विश्लेषण किया जो क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच गए हैं। इन कंडिडेट टीकों की संयुक्त रुप से कुल वादा की गई आपूर्ति लगभग 5.94 बिलियन खुराक है जिनमें से 5.3 बिलियन से अधिक खुराक के लिए सौदे किए गए हैं।

कुल मिलाकर अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इज़रायल, हांगकांग-मकाऊ और यूरोपीय संघ जैसे स्विट्जरलैंड देश को बेचने या बेचने की पेशकश करने के लिए उत्पादकों द्वारा 2.73 बिलियन खुराक का सौदा किया गया है। यह लगभग 51% वैक्सीन की मात्रा उन राष्ट्रों को जा रही है जो कि वैश्विक जनसंख्या का केवल 13% है।

बाकी 2.57 बिलियन की खुराक भारत, चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और मैक्सिको जैसे बड़ी आबादी वाले विकासशील देशों में वितरित की जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूके ने इस तरह के सौदों के माध्यम से सबसे अधिक प्रति व्यक्ति खुराक अर्थात प्रति व्यक्ति पांच खुराक हासिल की है जबकि बांग्लादेश को हर नौ लोगों पर केवल एक खुराक के अनुसार सबसे कम मिला है।

सभी आपूर्तिकर्ताओं के बीच ये प्रवृत्ति समान नहीं है। उदाहरण के लिए मॉडर्ना ने केवल अमीर देशों के साथ सौदे किए हैं और अमेरिकी सरकार से 2.5 बिलियन अमरीकी डॉलर की धनराशि प्राप्त करने के बावजूद वैक्सीन से इसे केवल लाभ कमाने का इरादा है।

इस बीच यूके स्थित एस्ट्राज़ेनेका ने विकासशील देशों को अपने वादा किए गए टीके की आपूर्ति का लगभग दो-तिहाई हिस्सा देने का वादा किया है, जिसमें COVAX एडवांस मार्केट कमिटमेंट (एएमसी) वैक्सिन पूलिंग इनिशिएटिव के 300 मिलियन से अधिक खुराक का सौदा शामिल है।

दुनिया भर के हेल्थ एक्टिविस्टों ने ग़रीब देशों की कीमत पर इस वैक्सीन की आपूर्ति पर चिंता जाहिर करते हुए अमीर देशों को लेकर चिंता व्यक्त की है। ऑक्सफैम के अनुसार, तीसरे चरण के सभी पांच वैक्सीन कंडिडेट की अत्यधिक असंभव मामले में जो की सफल होने जा रहा है वह अभी भी आधी दुनिया का टीकाकरण करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

COVID-19
COVID-19 vaccine
Oxfam
Coronavirus
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