NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रास्ते खुले: दिल्ली पुलिस ने टिकरी और ग़ाज़ीपुर बार्डर से बैरिकेड हटाए
किसान आंदोलन वाली जगह से दिल्‍ली पुलिस ने बैरिकेड्स हटाने शुरू कर दिए हैं। कंटीली तारें हटाकर रास्‍ता बनाया जा रहा है। इसी के साथ साफ़ हो गया है कि रास्ते किसने बंद किए थे। अब देखना है कि क्या इसी तरह सरकार भी बातचीत के बंद रास्ते को खोलती है या नहीं।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Oct 2021
cartoon

करीब एक साल से बंद पड़े दिल्‍ली-उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली-हरियाणा बॉर्डर खुल रहे हैं। किसान आंदोलन वाली जगह से दिल्‍ली पुलिस ने बैरिकेड्स हटाने शुरू कर दिए हैं। कंटीली तारें हटाकर रास्‍ता बनाया जा रहा है। इसी के साथ साफ़ हो गया है कि रास्ते किसने बंद किए थे।

बहुत समय से इस बात को लेकर विवाद चल रहा था किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली बॉर्डर पर रास्ते बंद हैं। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी डाली गई, सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियां भी कीं, लेकिन किसान नेताओं ने साफ़ कर दिया कि रास्ते उन्होंने नहीं दिल्ली पुलिस ने बंद किए हैं। और अब यह बिल्कुल साफ़ हो गया है। क्योंकि दिल्ली पुलिस ने रास्ते खोलने शुरू किए हैं।

दिल्‍ली पुलिस ने गुरुवार रात से ही टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर रास्‍ता खोलने की तैयारी शुरू कर दी थी। शुक्रवार को इसमें तेजी आई। 100 से भी ज्‍यादा की संख्‍या में पुलिसकर्मी बैरिकेड्स और कंटीली तारें हटाते नजर आए। नेशनल हाइवे - 9 और 24 को खोल दिया गया है।

इसे देखते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने भी दोहराया कि रास्‍ते किसानों ने नहीं रोक रखे हैं। उन्होंने रास्ते खोलने को सही बताया और कहा कि अब किसान संसद में जाकर अपनी फसल बेचेंगे।

आपको मालूम है कि दिल्ली के ग़ाज़ीपुर बार्डर, टिकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर किसान 11 महीने से आंदोलन कर रहे हैं। यहां हजारों किसान केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में बैठे हैं, लेकिन सरकार ने बातचीत के दरवाज़े बंद कर रखे हैं। इसी गतिरोध के चलते दिल्ली पुलिस ने आंदोलन स्थलों के आसपास काफी सुरक्षा बल तैनात कर रास्ते बंद कर रखे थे। 26 जनवरी की लाल किले वाली घटना के बाद गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में बैरिकेड लगाकर और सड़क पर कीलें बिछाकर आवाजाही बिल्कुल रोक दी गई थी। जिससे आम लोगों को बहुत परेशानी हो रही थी। अब जब कोर्ट में यह मामला पहुंचा और किसानों ने साफ कर दिया कि रास्ता बंद करने में उनकी कोई भूमिका नहीं तब दिल्ली पुलिस ने मजबूर होकर रास्ते खोलने शुरू किए हैं। अब देखना है कि क्या इसी तरह सरकार भी बातचीत के बंद रास्ते को खोलती है या नहीं।  

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
kisan andolan
farmers protest
delhi police
Tikri Border
Ghazipur Border

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा


बाकी खबरें

  • UP Teachers Protest
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : आगामी चुनाव से पहले लाखों शिक्षकों ने योगी सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने को कहा
    02 Dec 2021
    विरोध करने वाले शिक्षकों ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, पूर्व वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, डीए की किस्त और बक़ाया राशि जारी करने सहित कई मांगें…
  • bhopal gas tragedy
    अनिल जैन
    भोपाल गैस त्रासदी के 37 बरस, अभी भी थमा नहीं है लोगों का मरना! 
    02 Dec 2021
    आज से ठीक 37 वर्ष पहले दो और तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात को यूनियन कार्बाइड के कारखाने से निकली जहरीली गैस (मिक यानी मिथाइल आइसो साइनाइट) ने अपने-अपने घरों में सोए हजारों लोगों को एक झटके में ही…
  • putin
    एम. के. भद्रकुमार
    मजबूत गठजोड़ की ओर अग्रसर होते चीन और रूस
    02 Dec 2021
    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने उच्च-स्तरीय “स्रोत” के हवाले से खुलासा किया है कि बीजिंग का 2022 के शीतकालीन ओलंपिक में अमेरिकी एवं पश्चिमी राजनेताओं को आमंत्रित करने का कोई इरादा…
  • left
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन
    02 Dec 2021
    इस प्रदर्शन को सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, प्रकाश करात, हन्नान मौल्ला और दिल्ली राज्य कमेटी के नेताओं ने संबोधित किया। इस प्रदर्शन में सांप्रदायिकता का दंश झेल चुके उत्तर पूर्वी दिल्ली…
  • covid
    संदीपन तालुकदार
    ओमिक्रॉन: घबराने की नहीं, सावधानियां रखने की ज़रूरत है
    02 Dec 2021
    विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया सूचना के मुताबिक़, यह साफ़ नहीं है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट समेत, पिछले वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल सकता है या नहीं। फिर भी यह सुझाव है कि अब भी उतनी ही सावधानी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License