NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रुबैया अपहरण कांड: टाडा अदालत में यासीन मलिक समेत 10 के ख़िलाफ़ आरोप तय
आरोप है कि जेकेएलएफ के सदस्यों ने आठ दिसंबर 1989 को श्रीनगर से रुबैया सईद का अपहरण कर लिया था और विभिन्न जेलों में बंद अपने साथियों को छोड़ने की मांग की थी।
भाषा
12 Jan 2021
यासीन मलिक

जम्मू: विशेष टाडा अदालत ने 31 साल पहले तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण के मामले में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक और नौ अन्य के खिलाफ आरोप तय किये हैं।

मलिक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अप्रैल 2019 में आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में मलिक को गिरफ्तार किया था। इससे एक महीने पहले ही केंद्र सरकार ने मलिक के संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

विशेष टाडा अदालत ने जनवरी 1990 में श्रीनगर के बाहरी इलाके में भारतीय वायु सेना के चार जवानों की हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में पिछले साल मार्च में जेकेएलएफ प्रमुख और छह अन्य के खिलाफ आरोप तय किये थे।

विशेष टाडा न्यायाधीश सुनीत गुप्ता ने सोमवार को मलिक और नौ अन्य लोगों- अली मोहम्मद मीर, मोहम्मद जमान मीर, इकबाल अहमद गंदरू, जावेद अहमद मीर, मोहम्मद रफीक पहलू, मंजूर अहमद सोफी, वजाहत बशीर, मेहराजुद्दीन शेख और शौकत अहमद बख्शी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।

ये दस लोग उन दो दर्जन आरोपियों में शामिल हैं जिनके नाम टाडा अदालत में दाखिल सीबीआई के आरोप-पत्र में हैं। इनमें जेकेएलएफ के शीर्ष कमांडर मोहम्मद रफीक डार और मुश्ताक अहमद लोन की मौत हो चुकी है जबकि 12 अन्य फरार हैं।

जेकेएलएफ के सदस्यों ने आठ दिसंबर 1989 को श्रीनगर से रुबैया सईद का अपहरण कर लिया था और विभिन्न जेलों में बंद अपने साथियों को छोड़ने की मांग की थी।

विशेष न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आरोपियों के इकबालिया बयानों, अपहृत की गईं रुबैया सईद तथा अभियोजन पक्ष के अन्य गवाहों के आधार पर प्रथमदृष्टया यह साबित होता है कि आरोपियों ने सईद के अपहरण की साजिश रची ताकि जम्मू-कश्मीर सरकार और भारत सरकार के साथ अपने साथियों को छुड़वाने के लिए सौदेबाजी कर सकें। आरोपी अपने नापाक इरादों में कामयाब रहे और उन्होंने अपने लोगों को छुड़वा भी लिया’’।

Jammu and Kashmir
JKLF
Yasin Malik
TADA court
Rubaiya Sayeed

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती

जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License