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रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 
अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की, तो दूसरी तरफ जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया।
एपी
08 Mar 2022
refugee crisis

रूसी विमानों ने रातभर पूर्वी और मध्य यूक्रेन के शहरों पर बम गिराए। यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि राजधानी कीव के उपनगरों में भी गोलाबारी हुई।
        
क्षेत्रीय नेता दमित्रो झिवित्स्की ने बताया कि रूसी सीमा के समीप कीव के पूर्व में सूमी और ओखतिरका शहरों में रिहायशी इमारतों पर बम गिराए गए और एक परमाणु संयंत्र नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की मौत हुई है और कुछ घायल भी हुए हैं लेकिन उन्होंने संख्या नहीं बतायी।
         
कीव के पश्चिम में झितोमिर और पड़ोसी शहर चेर्नियाखीव में तेल डिपो पर भी बम गिराए गए। कीव के उपनगर बुचा में मेयर ने बताया कि भारी गोलाबारी हुई है।
         
मेयर अनातोल फेदोरुक ने कहा, ‘‘हम भारी हथियारों से दिन-रात हो रही गोलाबारी के कारण शवों को एकत्रित भी नहीं कर पाए। शहर की सड़कों पर कुत्ते शवों को खींच रहे हैं। यह एक दु:स्वप्न है।’’
         
यूक्रेन की सरकार सूमी, झितोमिर, खारकीव, मारियुपोल और बुचा समेत कीव के उपनगरों से लोगों को सुरक्षित जाने देने के लिए मानवीय गलियारा खोलने की मांग कर रही है। 
         
लवीव 

लवीव के मेयर ने कहा कि पश्चिमी यूक्रेन में यह शहर भोजन और हजारों लोगों को शरण देने के लिए जूझ रहा है जो देश के युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भागकर यहां आए हैं। मेयर आंद्रे सदोवी ने कहा, ‘‘हमें वाकई सहयोग की जरूरत है।’’
        
अपने घरों से विस्थापित हुए 2,00,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिक अब लवीव में हैं, जिससे उनके रहने के लिए खेल के सभागार, स्कूल, अस्पताल और गिरजाघर की इमारतें कम पड़ रही हैं। पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रहे इस ऐतिहासिक शहर में युद्ध से पहले 7,00,000 लोग रहते थे।
         
मेयर ने कहा कि शहर को रसोई से लैस बड़े टेंट्स की आवश्यकता है ताकि भोजन पकाया जा सके। अगर रूसी सेना के हमलों वाले शहरों से मानवीय गलियारा खोला जाता है तो हजारों और लोग आ सकते हैं।
         
अमेरिका और यूरोपीय देशों के दूतावास हमले से पहले कीव से लवीव स्थानांतरित हो गए थे। लवीव पोलैंड की सीमा पार करने वाले लोगों के लिए मुख्य ट्रांजिट केंद्र है। अब विदेश में रह रहे यूक्रेन के 17 लाख से अधिक लोग इस शहर से होकर गुजरे थे।
         
संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति को द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से यूरोप में सबसे तेजी से बढ़ता शरणार्थी संकट बताया है।
         
खारकीव :
         
यूक्रेन के सबसे बड़े शहर खारकीव के आसपास लड़ाई में रूस का एक जनरल मारा गया। रूसी सेना हमला शुरु होने के बाद से ही इस शहर पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी ने यह जानकारी दी।
        
उसने मृतक जनरल की पहचान मेजर जनरल विताली गेरासिमोव (45) के रूप में की और कहा कि उसने सीरिया और चेचन्या में रूसी सेना के साथ लड़ाई में भाग लिया और 2014 में क्रीमिया पर कब्जा जमाने के दौरान भी लड़ाई का हिस्सा रहे।
         
अभी स्वतंत्र रूप से जनरल की मौत की पुष्टि नहीं की गयी है। रूस ने इस पर टिप्पणी नहीं की है।
         
इससे पहले लड़ाई में रूस का एक और जनरल मारा गया था। रूस में स्थानीय अधिकारियों के संगठन ने यूक्रेन में रूस में 7वीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडिंग जनरल मेजर जनरल आंद्रे सुखोवेत्स्की की मौत की पुष्टि की थी। 
         
सुखोवेत्स्की ने सीरिया में रूसी सेना के अभियान में भी भाग लिया था।
         
कैनबरा :
         
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा कि वह मॉस्को के ‘‘दुष्प्रचारकों और दुष्प्रचार के पैरोकारों’’ पर प्रतिबंध लगा रही है जिन्होंने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को वैध ठहराया है।
         
विदेश मंत्री मारिस पायने ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन के प्रति शत्रुता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए ‘‘रूस के प्रति सामरिक हित रखने वाले 10 लोगों’’ पर प्रतिबंध लगा रही है। 
        
जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया
 

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि सोमवार को उनके देश को मानवीय आधार पर गलियारा देने के लिए हुए समझौते के बावजूद रास्ते ‘‘ रूसी टैंक, रूसी रॉकेट और रूसी बारूदी सुरंग’’ से पटे रहे। 
         
जेलेंस्की ने मध्य रात्रि को जारी वीडियो संदेश में आरोप लगाया, ‘‘मारियुपोल में बच्चों सहित आम लोगों तक खाना और दवाएं पहुंचाने के लिए जिस रास्ते पर सहमति बनी थी, उन सड़कों पर भी बारूदी सुरंग बिछाई गई थी। ’’
         
जेलेंस्की द्वारा सोमवार रात को जारी वीडियो संदेश में वह अपने कार्यालय में नक्काशीदार मेज के पीछे बैठे नजर आ रहे हैं जो साबित करता है कि वह कीव में ही मौजूद हैं। 
         
उल्लेखनीय है कि सोमवार को वार्ता के दौरान रूस ने यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से के बजाय उसके देश और सहयोगी बेलारूस के रास्ते लोगों को निकलने देने का प्रस्ताव किया था। 
         
जेलेंस्की ने कहा, ‘‘यह महज निराशवादी कदम है।’’उन्होंने कहा कि रूस छोटा सा गलियारा खोल केवल दुष्प्रचार कर रहा है। 
         
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत ने रूस से मानवीय आधार पर गलियारा देने की अपील की
 
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने रूस से अपील की कि वह यूक्रेन के ‘‘ समयबद्ध तरीके से लोगों को सहमति के आधार पर तय स्थानों पर जाने के लिए मानवीय आधार पर गलियारा’’ देने के प्रस्ताव का सम्मान करे। 
 
यूक्रेन में बढ़ते मानवीय संकट पर चर्चा के लिए बुलाई गई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में उन्होंने जमीन पर सहायता और खाना, दवाएं और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने वाले काफिलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की प्रणाली बनाने का भी आह्वान किया। 
 
अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की
         
कांग्रेस के शीर्ष अधिकारी यूक्रेन के साथ युद्ध के मद्देनजर सोमवार को रूस से अमेरिका आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने और रूस के साथ स्थायी कारोबार दर्ज समाप्त करने को कानूनी रूप देने पर सहमत हुए। 
 
सीनेट के एक सहयोगी ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि निजी तौर पर कांग्रेस में इसपर चर्चा हुई। हालांकि, इस पर मत विभाजन की तारीख तय नहीं की गई है। 
         
संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी ने सभी पक्षों को बच्चों की रक्षा करने की अपील की
 
संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी के प्रमुख ने यूक्रेन में मौजूद 75 लाख बच्चों के ‘‘नैतिक आक्रोश’’ का सवाल उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह सभी पक्षों को बच्चों की रक्षा करने और हमलें से उन्हें दूर रखने की कानूनी प्रतिबद्धता याद दिलाए। 
 
यूनीसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने परिषद से सोमवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के मुताबिक, यूक्रेन के खिलाफ 24 फरवरी को रूस द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई में अबतक 27 बच्चों की मौत हुई जबकि 42 अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने कहा, “असंख्य बच्चे मानसिक पीड़ा में हैं।’’

संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता ने रूस भेजी टीम

संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता के प्रमुख ने कहा कि विश्व निकाय यूक्रेन संघर्ष में फंसे लाखों असैन्य लोगों की जरूरत पूरी करने में अक्षम है। उन्होंने अपील की कि ‘‘लोगों को अपनी इच्छा के अनुसार, दिशा में सुरक्षित जाने की अनुमति दी जाए ताकि उन्हें उन इलाकों में मानवीय सहायता और आतिथ्य प्राप्त हो सके।’’
 
अंडर सेकरेट्री जनरल मार्टिन ग्रीफ्थ ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में बताया कि उनके कार्यालय ने रूस के पास एक टीम भेजी है जो जरूरी मानवीय सहायता बढ़ाने के लिए रूसी सेना के साथ समन्वय करेगी। 
 
यूक्रेन में चिकित्सा और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए बनाए जा रहे रेडियोआइसोटॉप्स रूसी गोलाबारी में क्षतिग्रस्त
         
संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानीकर्ता ने कहा कि यूक्रेन ने उसे बताया है कि उसके केंद्रों में चिकित्सा और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए खारकीव में बनाए जा रहे रेडियोआइसोटॉप्स रूसी गोलाबारी में क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
 
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया कि यूक्रेनी नियामक ने रविवार को सूचित किया कि इस घटना में हालांकि, केंद्र के पास रेडियोधर्मी तत्वों का स्तर नहीं बढ़ा है।
         
रूस से दूरी बनाने के लिए स्टोलिचेन्या वोदका का नाम बदलेगा

स्टोली समूह अपने स्टोलिचेन्या वोदका ब्रांड का नाम बदल रहा है। यह पहल रूस से दूरी दिखाने की कोशिश के तहत की जा रही है। 
 
एक प्रेस विज्ञप्ति में लक्जमबर्ग से संचालित स्टोली समूह ने कहा कि अब वोदका की बिक्री और विपणन स्टोली के नाम से होगा। उल्लेखनीय है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक रहे रूसी अरबपति यूरी शेफलर ने स्टोली समूह की स्थापना वर्ष 1997 में की थी। चार साल बाद उन्हें निर्वासित कर दिया गया और वह लातविया चले आए। 
 
मैक्रों बोले आने वाले हफ्तों में भी युद्ध समाप्त होने की उम्मीद नहीं
         
फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने सोमवार को कहा कि वह आने वाले हफ्तों में भी यूक्रेन में युद्ध के समाप्त होने की उम्मीद नहीं करते। 
 
मैक्रों ने बताया कि उन्होंने रूसी नेता से कहा कि किसी भी वास्तविक संवाद से पहले संघर्ष विराम होना चाहिए लेकिन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इससे इंकार कर नियमित वार्ता को ‘मुश्किल’ बना दिया है।
        
पेरिस के उपनगर दक्षिण पश्चिम उपनगर पोइसी में उन्होंने कहा,‘‘मैं नहीं मानता कि आने वाले दिनों या हफ्तों में वार्ता से युद्ध का समाधान निकलेगा।’’
         
जब्त संपत्ति में यूक्रेन से आए लोगों को रखने पर विचार कर रहा है इटली
         
इटली संगठित अपराधियों की जब्त संपत्ति में यूक्रेन से आए लोगों को रखने पर विचार कर रहा है। आंतरिक मंत्री लुसियाना लमोर्गीस ने सोमवार को कहा कि वर्षों से जब्त की जा रही संपत्तियों पर नजर रखने वाली राष्ट्रीय एजेंसी उनमें से शरणार्थियों के रहने के लिए उपयुक्त संपत्तियों की पहचान कर रही है। यूक्रेन से अबतक करीब 14 हजार शरणार्थी इटली आए हैं।
         
अल्बानिया ने सोमवार को यूक्रेन के खारकीव शहर में स्थित अपने दूतावास पर हुई गोलाबारी की निंदा करते हुए करते हुए रूस से यूक्रेन के खिलाफ आक्रमण बंद करने की अपील की। 
        
अल्बानिया के विदेश मंत्रालय ने खारकीव स्थित उसके वाणिज्य दूतावास की इमारत की तस्वीर जारी की जो गोलाबरी में क्षतिग्रस्त हो गई है।
 
यूक्रेन ने रूस पर मध्यकालीन नीति के तहत शहरों को घेरने का आरोप लगाया 

मानवीय संकट और बढ़ गया जब रूसी सेनाओं ने गोलाबारी तेज कर दी जबकि शहर में खाद्यान्न, पानी और दवाओं की भारी कमी हो गई है। इस बीच, यूक्रेन ने रूस पर मध्यकालीन नीति के तहत शहरों को घेरने का आरोप लगाया है।
 
तीसरे दौर की वार्ता समाप्त होने के बाद यूक्रेन के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि बहुत मामूली, गैर उल्लेखित सुरक्षित गलियारा बनाने पर प्रगति हुई है ताकि आम लोगों को लड़ाई के क्षेत्र से बाहर निकाला जा सके। 
         
रूस के मुख्य वार्ताकार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मंगलवार से यह गलियारा काम करने लगेगा।

अमेरिका ने यूक्रेन के लिए प्रस्तावित राशि बढ़ाकर 12 अरब डॉलर की

अमेरिका द्वारा यूक्रेन और अन्य साझेदारों को दी जाने वाली सहायता की प्रस्तावित राशि बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गई है। सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमा ने यह जानकारी दी। 
         
कांग्रेस के वार्ताकार दोलों में कोविड-19 महमारी के मद्देनर सरकार के खर्चों में बढ़ोतरी को लेकर कार्य कर रहे हैं। 
         
शूमरन ने कहा, ‘‘यह कांग्रेस का स्पष्ट संदेश है जो वह इस सप्ताह सहायता पैकेज पारित कर (रूसी राष्ट्रपति) व्लादिमीर पुतिन को दे सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं है कि दुनिया के लोकतांत्रिक देश यूक्रेन के साथ और पुतिन के अनैतिक व खूनी युद्ध के खिलाफ खड़े हैं।’’

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