NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूक्रेन की सेना के हथियार डालने के बाद रूस ‘किसी भी क्षण’ बातचीत के लिए तैयार: लावरोव
लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।
भाषा
28 Feb 2022
Sergey Lavrov

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आह्वान पर यूक्रेन की सेना के सकारात्मक प्रतिक्रिया देने, प्रतिरोध खत्म करने और हथियार डालने के बाद मास्को यूक्रेन के साथ ‘‘किसी भी क्षण’’ बातचीत के लिए तैयार है।

लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।

रूस की समाचार एजेंसी ‘तास’ के मुताबिक दोनेत्स्क पीपल्स रिपब्लिक (डीपीआर) के उप विदेश मंत्री सर्गेई पेरसाडा और लुहांस्क पीपल्स रिपब्लिक (एलपीआर) के विदेश मंत्री व्लादिस्लाव डेनेगो के साथ बातचीत के बाद लावरोव ने यह टिप्पणी की।

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने 21 फरवरी को यूक्रेन के दो क्षेत्रों की ‘‘स्वतंत्रता’’ को मान्यता देते हुए डीपीआर और एलपीआर के नेताओं के साथ संधियों पर हस्ताक्षर किए।

समाचार एजेंसी ‘तास’ के मुताबिक लावरोव ने कहा है, ‘‘यूक्रेन के सैन्य बलों ने हमारे राष्ट्रपति के आह्वान का जवाब दिया तो हम किसी भी समय बातचीत करने के लिए तैयार हैं। वे अपना प्रतिरोध समाप्त करें और अपने हथियार डाल दें। कोई भी उन पर हमला करने और प्रताड़ित करने की योजना नहीं बना रहा है, उन्हें अपने परिवारों के पास वापस जाने दें और हमें यूक्रेन के लोगों को अपना भविष्य तय करने का मौका दें।’’

खबरों के मुताबिक, क्रेमलिन ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन के अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल बेलारूस भेजने को तैयार हैं। यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आई है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि वह यूक्रेन के लिए एक गुटनिरपेक्ष स्थिति पर चर्चा करने के इच्छुक हैं।

अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों और संकट को खत्म करने के आह्वान के बीच पुतिन ने बृहस्पतिवार को यूक्रेन पर सैन्य हमले के आदेश दिए। पुतिन ने अन्य देशों को भी चेतावनी दी कि हस्तक्षेप करने के किसी भी प्रयास के ‘‘ऐसे परिणाम होंगे जो उन्होंने कभी नहीं देखे होंगे।’

राष्ट्रपति पुतिन ने बृहस्पतिवार सुबह टेलीविजन पर संबोधन में घोषणा की कि डोनबास रिपब्लिक के प्रमुख के अनुरोध के जवाब में, उन्होंने उन लोगों की रक्षा के लिए एक विशेष सैन्य अभियान चलाने का निर्णय लिया है जो आठ साल से यूक्रेन के शासन के ‘‘दुर्व्यवहार और नरसंहार से पीड़ित हैं।’’

पुतिन ने कहा कि रूसी सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण’’ सुनिश्चित करना है। पुतिन ने यूक्रेन के सैनिकों से ‘‘तुरंत हथियार डालने और घर लौटने’’ का भी आग्रह किया।

Russian FM Sergey Lavrov
Sergey Lavrov
Russia
ukraine
Russia-Ukraine update

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन


बाकी खबरें

  • सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी विचारों के ख़िलाफ़ खड़े होने का समय: विजयन
    भाषा
    सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी विचारों के ख़िलाफ़ खड़े होने का समय: विजयन
    23 Aug 2021
    समाज सुधारक एवं धार्मिक नेता श्री नारायण गुरू की 167वीं जयंती के अवसर पर फेसबुक पर एक पोस्ट में विजयन ने लिखा, ‘‘यह समय भाईचारा और समानता को कमजोर करने वाली सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी…
  • तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?
    बी. सिवरामन
    तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?
    23 Aug 2021
    हाल ही में लाए गए सिनेमैटोग्राफ़ संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में दो ध्रुवों पर खड़े कमल हासन और सूर्या एक साथ आ गए, इस घटना ने तमिल फिल्म जगत में चेतना की एक लहर दौड़ा दी है।
  • "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" विकसित करने का कर्तव्य
    प्रशांत पद्मनाभन
    "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" विकसित करने का कर्तव्य
    23 Aug 2021
    तर्कवादी सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की 8वीं पुण्यतिथि के बाद प्रशांत पद्मनाभन ने उनकी विरासत को याद करते हुए लिखा है कि "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" क्या होती है और कैसे इसका विकास किया जा सकता है।
  • Kalyan Singh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    पिछड़ों के सांप्रदायीकरण की योजना और दुविधा के प्रतीक थे कल्याण सिंह
    23 Aug 2021
    वास्तव में कल्याण सिंह पिछड़ा वर्ग की उस दुविधा के प्रतीक थे जिसके तहत कभी वह जाति के अपमान से छूटने और सत्ता पाने के लिए सांप्रदायिक होने को तैयार हो जाता है तो कभी हिंदुत्व की ब्राह्मणवादी योजना से…
  • अफ़ग़ानिस्तान से बाइडेन की नाकाम वापसी अमेरिका के दो दशकों के ग़लत क़दमों का सिला है
    सोनाली कोल्हटकर
    अफ़ग़ानिस्तान से बाइडेन की नाकाम वापसी अमेरिका के दो दशकों के ग़लत क़दमों का सिला है
    23 Aug 2021
    बाइडेन के अफ़ग़ानिस्तान से हटने की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है। लेकिन, इन ज़्यदातर आलोचनाओं से असली बात ग़ायब हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License