NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
न्यायालय ने रामदेव से एलोपैथी पर अपने बयान का मूल रिकॉर्ड पेश करने को कहा
पीठ ने रामदेव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से पूछा, ‘‘असल में उन्होंने क्या कहा था? आपने सारी बातें पेश नहीं की है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
30 Jun 2021
 रामदेव

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को बाबा रामदेव से कहा कि वह कोविड-19 महामारी के दौरान एलोपैथिक दवाओं के इस्तेमाल पर अपने बयान का मूल रिकॉर्ड पेश करें।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने रामदेव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से पूछा, ‘‘असल में उन्होंने क्या कहा था? आपने सारी बातें पेश नहीं की है।’’ रोहतगी ने पीठ को बताया कि वह प्रतिलिपि के साथ मूल वीडियो पेश करेंगे।

पीठ ने कहा, ‘‘ठीक है।’’ इसी के साथ केस को पांच जुलाई के लिये स्थगित कर दिया।

न्यायालय बाबा रामदेव की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कोविड-19 महामारी के दौरान एलोपैथिक दवा के इस्तेमाल के खिलाफ उनकी टिप्पणियों पर बिहार तथा छत्तीसगढ़ में भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज करायी कई प्राथमिकियों के संबंध में कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।

आईएमए की पटना और रायपुर इकाई ने योग गुरु रामदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि कोविड-19 नियंत्रण प्रक्रिया में उनकी टिप्पणियों से पूर्वाग्रह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और यह लोगों को महामारी के खिलाफ उचित इलाज के प्रति हतोत्साहित कर सकती है।

रामदेव ने अपनी याचिका में पटना तथा रायपुर में दर्ज प्राथमिकियों को दिल्ली स्थानांतरित करने का भी अनुरोध किया है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई के दौरान रोहतगी ने पीठ से कहा कि रामदेव एक प्रतिष्ठित शख्स हैं और योग तथा आयुर्वेद के समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम के दौरान रामदेव ने व्हाट्सऐप पर आए एक संदेश को पढ़ा था, जो उन्हें भेजा गया था।

रोहतगी ने कहा कि रामदेव ने स्पष्ट किया है कि उनके दिल में डॉक्टरों तथा किसी के भी खिलाफ कुछ नहीं है। अलग-अलग स्थानों पर उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गयी हैं। इन शिकायतों को दिल्ली स्थानांतरित किया जाए।

रोहतगी ने कहा कि पिछले साल जब पतंजलि ‘कोरोनिल’ लेकर आयी थी तो एलोपैथिक डॉक्टर उनके खिलाफ हो गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘वह (रामदेव) उनके खिलाफ नहीं हैं। उन्हें इतनी सारी जगहों पर क्यों जाना चाहिए। हर किसी को बोलने की आजादी है।’’

रामदेव पर भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन कानून, 2005 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि बाबा रामदेव के कथित बयान से देश में एलोपैथी बनाम आयुर्वेद की बहस शुरू हो गई थी। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन द्वारा टिप्पणी को ‘अनुचित’ करार दिए जाने और पत्र लिखने के बाद रामदेव ने 23 मई को अपना बयान वापस ले लिया था।

रामदेव ने मामले में दर्ज प्राथमिकियों को एक साथ मिलाकर दिल्ली स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने न्यायालय से अंतरिम राहत के तौर पर आपराधिक शिकायतों की जांच पर रोक लगाने का भी अनुरोध किया है।

Supreme Court
Baba Ramdev
Allopathy

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • कमलप्रीत
    भाषा
    टोक्यो ओलंपिक: कमलप्रीत ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, सीमा पूनिया और श्रीशंकर चूके
    31 Jul 2021
    पच्चीस वर्ष की कमलप्रीत ने चक्का फेंक के अपने तीसरे प्रयास में 64 मीटर का थ्रो फेंका जो क्वालीफिकेशन मार्क भी था। क्वालीफिकेशन में शीर्ष रहने वाली अमेरिका की वालारी आलमैन के अलावा वह 64 मीटर या अधिक…
  • टोक्यो ओलंपिक: चार दशक बाद ओलंपिक सेमीफाइनल में जगह बनाने से एक कदम दूर भारतीय हॉकी टीम
    भाषा
    टोक्यो ओलंपिक: चार दशक बाद ओलंपिक सेमीफाइनल में जगह बनाने से एक कदम दूर भारतीय हॉकी टीम
    31 Jul 2021
    ओलंपिक में भारत को आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था जब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने पीला तमगा जीता था। उसके बाद से भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई।
  • सनबोर शुलई
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    मुर्गा, बकरा या मछली के बजाय बीफ ज़्यादा खाओ : भाजपा मंत्री
    31 Jul 2021
    पिछले हफ्ते ही मेघालय सरकार में पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री की शपथ लेने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता सनबोर शुलई ने बीफ ज़्यादा से ज़्यादा खाने की वकालत कर सबको चौंका दिया है।
  • सिंधू
    भाषा
    टोक्यो ओलंपिक: सिंधू का स्वर्ण पदक का सपना टूटा, कांस्य के लिये बिंग जियाओ से भिड़ेगी
    31 Jul 2021
    रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सिंधू ने ताइ जु को पहले गेम में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में उन्हें 40 मिनट तक चले मैच में 18-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा।
  • बिहार: काम का दाम मांग रहे वार्ड सचिवों पर बर्बर लाठीचार्ज को लेकर आक्रोश
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: काम का दाम मांग रहे वार्ड सचिवों पर बर्बर लाठीचार्ज को लेकर आक्रोश
    31 Jul 2021
    "विगत चार सालों से सरकार राज्य के 1 लाख 14 हजार वार्ड सचिवों से वार्ड स्तर पर नल-जल एवं गली-नली योजना में काम कराती रही है लेकिन आज तक इन लोगों को एक रुपया तक नहीं दिया गया है। जब वे अपने काम का दाम…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License