NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
कानून
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
न्यायालय ने पत्रकार कप्पन को बेहतर इलाज के लिए राज्य के बाहर भेजने का योगी सरकार को दिया निर्देश
“मामले के तथ्यों पर गौर करते हुए, हम याचिका का निस्तारण करते हैं। भले ही सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने बहुत गंभीरता से इसका विरोध किया है, लेकिन हम राज्य को आरोपी को आरएमएल या एम्स या जहां कहीं इलाज हो सकता है, वहां भेजने का निर्देश देते हैं।”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Apr 2021
Kappan
फ़ोटो साभार: द वीक

नयी दिल्ली:  उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को बुधवार को निर्देश दिया कि पिछले साल गिरफ्तार किए गए केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाए। केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन कोरोना कोरोना से संक्रमित हैं और अभी उत्तर प्रदेश की एक जेल में बंद हैं।  ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि उनका इलाज़ ठीक से नहीं हो रहा है और उनके साथ ठीक व्यवहार भी नहीं हो रहा है। इसको लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, केरल के सांसद और पत्रकारों के संगठन एडिटर्स गिल्ड ने भी योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। साथ ही पत्रकार के बेहतर इलाज के लिए केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह राहत दी है।  

पत्रकार को हाथरस जाते वक्त रास्ते में गिरफ्तार किया गया था जहां पिछले साल 14 सितंबर को एक दलित युवती की कथित सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमना की न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की तीन सदस्यीय पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वस्थ होने के बाद कप्पन को मथुरा की जेल भेजा जाए।

शीर्ष अदालत ने केरल के पत्रकार यूनियन (केयूडब्ल्यूजे) की ओर से दाखिल याचिका का निस्तारण करते हुए कप्पन को आजादी दी कि वह गिरफ्तारी के खिलाफ या किसी भी अन्य राहत के लिए उचित फोरम का रुख कर सकते हैं।

पीठ ने कहा, “मामले के तथ्यों पर गौर करते हुए, हम याचिका का निस्तारण करते हैं। भले ही सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने बहुत गंभीरता से इसका विरोध किया है, लेकिन हम राज्य को आरोपी को आरएमएल या एम्स या जहां कहीं इलाज हो सकता है, वहां भेजने का निर्देश देते हैं।”

मेहता ने शीर्ष अदालत के सुझाव का यह कहते हुए कड़ा विरोध किया था कि 42 वर्षीय कप्पन कोविड-19 से पीड़ित नहीं हैं और उन्हें मथुरा की जेल के अस्पताल में इलाज दिया जा सकता है।

उन्होंने पीठ से अपने आदेश में यह भी जिक्र करने को कहा कि दिल्ली में कप्पन के लिए अस्पताल का बेड खाली किया जाए क्योंकि सारे अस्पताल पहले ही मरीजों से भरे हुए हैं।

हालांकि शीर्ष अदालत ने मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए मेहता ने इससे पहले सुबह में शीर्ष अदालत के सुझाव का यह कहते हुए पुरजोर विरोध किया कि इसी तरह के कई आरोपियों का राज्य के अस्पतालों में इलाज हो रहा है और कप्पन को खास तवज्जो महज इसलिए नहीं मिलनी चाहिए कि मामले में याचिकाकर्ता पत्रकारिता संबंधी एक निकाय है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के कई अंग काम नहीं कर रहे, मथुरा जेल का अस्पताल उन लोगों का भी इलाज कर रहा है।

पीठ ने कहा कि वह कप्पन के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के सीमित अनुरोध पर सुनवाई कर रही है और पूछा कि क्या उनका दिल्ली में इलाज हो सकता है।

पीठ ने कहा, “हम स्वास्थ्य के मुद्दे तक सीमित हैं। यह राज्य के हित में भी है कि आरोपी को बेहतर इलाज मिले।”

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने कप्पन को कोरोना संक्रमण से मुक्त पाए जाने के बाद बुधवार को मथुरा जिला कारागार के अस्पताल में एक सप्ताह के लिए पृथकवास में भेज दिया गया।

मथुरा के वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि कप्पन 21 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें मथुरा के केएम अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था। मंगलवार को की गई आरटी-पीसीआर जांच में उनके संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें जिला कारागार के पृथक वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है।

कोर्ट के आदेश के संबंध में उन्होंने कहा प्रशासन ने हमसे कप्पन की स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी थी जिसके अनुसार बीती शाम उनकी दोनों कोविड जांच रिपोर्ट भेज दी गईं। संभवतः उसी के अनुसार आज उन्हें स्थानांतरित किए जाने का आदेश जारी हुआ है।

उन्होंने कहा कि अदालत के निर्देशानुसार सरकार की ओर से जो भी आदेश प्राप्त होगा, उसका अक्षरशः पालन कराया जाएगा।

गौरतलब है कि कप्पन को पिछले साल अक्टूबर में उत्तर प्रदेश के हाथरस जाते वक्त रास्ते में गिरफ्तार किया गया था जहां पिछले साल 14 सितंबर को एक दलित युवती की कथित सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी।

पिछले साल 16 नवंबर को, शीर्ष अदालत ने पत्रकार की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश से जवाब दाखिल करने को कहा था।

पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से कथित तौर पर संबंध रखने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

 (समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ ) 

 

journalist Siddique Kappan
Yogi Adityanath
yogi government
COVID-19
Coronavirus

Related Stories

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पीएम को काले झंडे दिखाने वाली महिला पर फ़ायरिंग- किसने भेजे थे बदमाश?

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?


बाकी खबरें

  • Chhattisgarh
    रूबी सरकार
    छत्तीसगढ़: भूपेश सरकार से नाराज़ विस्थापित किसानों का सत्याग्रह, कांग्रेस-भाजपा दोनों से नहीं मिला न्याय
    16 Feb 2022
    ‘अपना हक़ लेके रहेंगे, अभी नहीं तो कभी नहीं’ नारे के साथ अन्नदाताओं का डेढ़ महीने से सत्याग्रह’ जारी है।
  • Bappi Lahiri
    आलोक शुक्ला
    बप्पी दा का जाना जैसे संगीत से सोने की चमक का जाना
    16 Feb 2022
    बप्पी लाहिड़ी भले ही खूब सारा सोना पहनने के कारण चर्चित रहे हैं पर सच ये भी है कि वे अपने हरफनमौला संगीत प्रतिभा के कारण संगीत में सोने की चमक जैसे थे जो आज उनके जाने से खत्म हो गई।
  • hum bharat ke log
    वसीम अकरम त्यागी
    हम भारत के लोग: समृद्धि ने बांटा मगर संकट ने किया एक
    16 Feb 2022
    जनवरी 2020 के बाद के कोरोना काल में मानवीय संवेदना और बंधुत्व की इन 5 मिसालों से आप “हम भारत के लोग” की परिभाषा को समझ पाएंगे, किस तरह सांप्रदायिक भाषणों पर ये मानवीय कहानियां भारी पड़ीं।
  • Hijab
    एजाज़ अशरफ़
    हिजाब के विलुप्त होने और असहमति के प्रतीक के रूप में फिर से उभरने की कहानी
    16 Feb 2022
    इस इस्लामिक स्कार्फ़ का कोई भी मतलब उतना स्थायी नहीं है, जितना कि इस लिहाज़ से कि महिलाओं को जब भी इसे पहनने या उतारने के लिए मजबूर किया जाता है, तब-तब वे भड़क उठती हैं।
  • health Department
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव: बीमार पड़ा है जालौन ज़िले का स्वास्थ्य विभाग
    16 Feb 2022
    "स्वास्थ्य सेवा की बात करें तो उत्तर प्रदेश में पिछले पांच सालों में सुधार के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। प्रदेश के जालौन जिले की बात करें तो यहां के जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक पिछले चार साल से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License