NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
नज़रिया
युवा
शिक्षा
भारत
SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई
दिल्ली विश्वविद्यालय को फिर से खोलने के लिए SFI ने प्रदर्शन किया, इस दौरान छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध किया। साथ ही सड़क पर कक्षा लगाकर प्रशासन को चुनौती दी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Feb 2022
SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

दिल्ली विश्वविद्यालय फिर से खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर क्रूर हमले के खिलाफ DUSFI  ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में छात्र जमा हुए। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र शिक्षा के इस मिश्रित तरीके के विरोध में एकत्र हुए थे, जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत विरोध करने वाले छात्रों पर प्रदर्शन न करने का दबाव बनाया, ताकि प्रदर्शन से विश्वविद्यालय में डिजिटल विभाजन और संस्थानों के भगवाकरण में खलल न पड़े, जो कि वे परिसर में कर रहे हैं। जब छात्रों ने इसका अनुपालन करने से इनकार कर दिया, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया और पुरुष पुलिस द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई की गई।  .

"डीयू प्रशासन के अड़ियल रवैय के खिलाफ अवज्ञा की भावना को ध्यान में रखते हुए हिंदू कॉलेज के हजारों छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का बहिष्कार करने का फैसला किया हैं। कॉलेज फिर से डीयू आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है और अन्य कॉलेजों के लिए भी एक उदाहरण के रूप में काम कर रहा है। एसएफआई हिंदू कॉलेज की अध्यक्ष कॉमरेड अदिति ने कहा कि "छात्रों को यह बात समझ आ गई है कि किंतु-परंतु नहीं चलेगा बल्कि डीयू खोलना पडे़गा।"

एसएफआई दिल्ली राज्य समिति के सदस्य कॉमरेड सचिन सिंघल ने कहा "छात्र अब तैयार हैं, वे प्रशासन के इरादों को समझ गए हैं जो परिसरों को फिर से नहीं खोल रहे हैं। क्योंकि उन्हें डर है कि अधिक से अधिक छात्र एनईपी और एफवाईयूपी के खिलाफ लामबंद होंगे, प्रशासन और डीयू वीसी छात्रों की शक्ति को जानते हैं जब छात्र एकजुट होते हैं तो वे अपने अधिकारों को किसी भी स्थिति में लेकर रहेंगे।

छात्रों ने सफलतापूर्वक छात्र मार्ग को जाम कर दिया और डिजिटल डिवाइड और पूरे विश्वविद्यालय में छात्र समुदाय के भीतर लैपटॉप, डेटा पैक और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया।

एसएफआई दिल्ली राज्य समिति आंदोलन कर रहे छात्रों को क्रांतिकारी इस्तकबाल पेश करती है और अधिकारियों को चेतावनी देते है कि शैक्षणिक संस्थानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हमारे संघर्ष को किसी भी तरह की धमकी से नहीं रोका जा सकता है।

 

SFI
SFI Protest
Delhi University
online exam

Related Stories

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

बिहारः नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज़ एसटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी

पश्चिम बंगाल: वामपंथी पार्टियों ने मनाया नवंबर क्रांति दिवस

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

त्रिपुरा हिंसा: फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम के वकीलों पर भी UAPA, छात्रों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं का त्रिपुरा भवन पर प्रदर्शन

उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं


बाकी खबरें

  • up
    सोनिया यादव
    यूपी चुनाव 2022: कई जगह जमकर लड़ीं महिला उम्मीदवार, कई सीटों पर विजयी
    10 Mar 2022
    बीते विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार महिला उम्मीदवारों की संख्या में 4 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है और वो फिलहाल मैदान में 30 से अधिक सीटों पर आगे चल रही हैं।
  • biren singh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में भाजपा सरकार बनाने की प्रबल दावेदार केवल बहुमत का इंतज़ार
    10 Mar 2022
    मणिपुर की बात करें तो मणिपुर में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं। बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत है। खबर लिखने तक मणिपुर में भी भाजपा 60 में से 15 सीट जीत चुकी है और 13 सीट पर आगे चल रही है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: महंगाई-बेरोज़गारी पर हावी रहा लाभार्थी कार्ड
    10 Mar 2022
    यूपी की ज़मीन पर इस बार किसान आंदोलन से लेकर लखीमपुर कांड और हाथरस कांड की गूंज थी। कोविड की पहली लहर और दूसरी लहर की मार थी, छुट्टा पशु की परेशानी थी, महंगाई, बेरोज़गारी जैसे बड़े मुद्दे थे। विपक्ष…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड : मुआवज़े की मांग कर रहे किसानों पर एनटीपीसी ने किया लाठीचार्ज
    10 Mar 2022
    अपने खेतों के बदले उचित मुआवज़े की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों पर हुए लाठीचार्ज से किसान आक्रोशित हो गए और जवाब में अधिकारियों पर पथराव किया।
  • bela and soni
    सौरव कुमार
    सोनी सोरी और बेला भाटिया: संघर्ष-ग्रस्त बस्तर में आदिवासियों-महिलाओं के लिए मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली योद्धा
    10 Mar 2022
    भारत की सामूहिक उदासीनता ने आदिवासियों के अधिकारों को कुचलने वालों के प्रतिरोध में कुछ साहसी लोगों को खड़ा करने का काम किया है, और उनमें सबसे उल्लेखनीय दो महिलाएं हैं- सोनी सोरी और बेला भाटिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License