NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
मज़दूर-किसान
सरकार के नये प्रस्ताव पर आम सहमति, औपचारिक पत्र की मांग : एसकेएम
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सरकार से 'लेटरहेड' पर औपचारिक संवाद की मांग की है। साथ ही आंदोलन के लिए भविष्य की रणनीति तय करने को बृहस्पतिवार को फिर बैठक हो रही है।
भाषा
08 Dec 2021
skm

नयी दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को कहा कि उनकी लंबित मांगों पर केन्द्र के प्रस्ताव के ताजा मसौदे पर आम सहमति बन गई है और आंदोलन के लिए भविष्य की रणनीति तय करने को लेकर बृहस्पतिवार को बैठक होनी है।

हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता सरकार से 'लेटरहेड' पर औपचारिक संवाद की मांग कर रहे हैं।

किसान नेता और एसकेएम कोर समिति के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि लंबित मांगों के संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से पहले प्राप्त हुआ प्रस्ताव का मसौदा स्वीकार करने योग्य नहीं था, जिसके बाद केन्द्र ने बुधवार को नये सिरे से प्रस्ताव का मसौदा भेजा है।

एसकेएम कोर समिति की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में चढूनी ने कहा, ‘‘अपनी मांगों को लेकर हम सरकार से सहमत हैं। कल की बैठक के बाद हम आंदोलन को स्थगित करने पर फैसला लेंगे। आंदोलन वापस लेने के संबंध में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। एसकेएम की कल (बृहस्पतिवार) दोपहर 12 बजे और एक बैठक होगी।’’

किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एसकेएम ने एक बयान में कहा कि किसानों की मांग के संबंध में केन्द्र सरकार के मसौदे पर आमसहमति बन गई है।

 एसकेएम ने एक बयान में कहा, ‘‘सरकार के ताजा प्रस्ताव पर आम सहमति बन गई है। अब सरकार के लेटरहेड पर औपचारिक संवाद का इंतजार है। एसकेएम की कल दोपहर 12 बजे फिर से सिंघु बॉर्डर पर बैठक होगी, उसके बाद मोर्चा उठाने के संबंध में औपचारिक फैसला लिया जाएगा।’’

SKM
SKM Press Conference
farmers protest

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

"जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए


बाकी खबरें

  • रिपब्लिक भारत, इंडिया टुडे समेत न्यूज़ चैनल्स ने पंजशीर में तालिबान पर हमले के नाम पर पुराने वीडियो दिखाये
    प्रियंका झा
    रिपब्लिक भारत, इंडिया टुडे समेत न्यूज़ चैनल्स ने पंजशीर में तालिबान पर हमले के नाम पर पुराने वीडियो दिखाये
    26 Aug 2021
    ऑल्ट न्यूज़ ने ट्विटर पर की-वर्ड्स सर्च किया. हमने देखा कि @CWC_Today द्वारा ट्वीट किए गए इस वीडियो के जवाब में कई लोगों ने कहा कि ये पुराना वीडियो है. एक यूज़र ने मार्च 2020 का एक फ़ेसबुक पोस्ट शेयर…
  • "डॉ. गेल ओमवेट: भारतीय लोकतांत्रिक परम्पराओं और बहुजन आंदोलन की एक गहन अध्येता विदुषी का जाना
    सबरंग इंडिया
    "डॉ. गेल ओमवेट: भारतीय लोकतांत्रिक परम्पराओं और बहुजन आंदोलन की एक गहन अध्येता विदुषी का जाना
    26 Aug 2021
    बुद्ध, फुले, आंबेडकर, मार्क्स और स्त्री-मुक्तीवादी विचारक, संत साहित्य और वारकरी तत्वज्ञान की शोधकर्ता-लेखिका, परित्यक्ता स्त्री और स्त्री मुक्ति आंदोलन, आदिवासी, दलित, श्रमिक के लिए लड़ने वाली डॉ.…
  • किसान आंदोलन के 9 महीने : किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जन कार्रवाइयां
    अशोक ढवले
    किसान आंदोलन के 9 महीने : किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जन कार्रवाइयां
    26 Aug 2021
    किसान नेता अशोख ढवले बता रहे हैं कि इस किसान आंदोलन ने ख़ासतौर पर 26 मई जब इस ऐतिहासिक आंदोलन को छह माह हुए तब से अब नौ माह तक क्या-क्या जन गोलबंदी और जन कार्रवाइयां कीं और उनका कैसा असर रहा।
  • संपदा बेचती सत्ता, हिन्द-विरोधी 'हिन्दुत्व' और इंदौर का चूड़ीहार!
    न्यूज़क्लिक टीम
    संपदा बेचती सत्ता, हिन्द-विरोधी 'हिन्दुत्व' और इंदौर का चूड़ीहार!
    26 Aug 2021
    ऐसे समय जब देश बेकारी, महामारी, महंगाई, कृषि संकट और अंधाधुंध निजीकरण जैसी बड़ी समस्याओं से घिरा है, इन्दौर, अजमेर या कानपुर जैसे अमानवीय कांड क्यों सामने आते हैं? #AajKiBaat के नये एपिसोड में वरिष्ठ…
  • सरकार आदिवासी अधिकारों के हक़ में उठती आवाज़ को दबा रही है?
    सरकार आदिवासी अधिकारों के हक़ में उठती आवाज़ को दबा रही है?
    25 Aug 2021
    मध्य प्रदेश के बरवानी जिले में पुलिस ने एक आदिवासी कार्यकर्त्ता को एक्सटर्मेंट नोटिस दिया, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी के ऑफिस के सामने जमकर प्रदर्शन किया
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License