NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एसओएएस के शोधकर्ताओं ने छुट्टियों और अस्थायी कार्य अनुबंधों को रद्द करने का विरोध किया
एसओएएस प्रबंधन ने शोधकर्ताओं और शिक्षण कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द करने का फैसला किया है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jan 2020
SOAS
साभार: शब्बीर लाखा, एसओएएस में कर्मचारियों और छात्र संघों ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया।

लंदन के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (एसओएएस) के कर्मचारियों और छात्र समुदाय ने शोधकर्ताओं के शोध छुट्टियों के साथ-साथ अस्थायी शैक्षणिक कर्मचारियों के आकस्मिक नौकरी अनुबंधों को रद्द करने के विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का विरोध किया है। अस्थायी संविदा कर्मचारी जिसे आंशकालिक कर्मचारी भी कहा जाता है वे विश्वविद्यालय में शिक्षण और शैक्षणिक कार्यों में लगे है जबकि पूर्णकालिक शोधकर्ता अवकाश पर हैं। इस प्रकार अकादमिक अवकाश रद्द करने का निर्णय एसओएएस में अस्थायी शैक्षणिक कार्य के लिए प्रभावी रूप से इस गुंजाइश को कम करता है।

एसओएएस छात्र संघ, कर्मचारी संघ; विश्वविद्यालय और कॉलेज यूनियन (यूसीयू) के साथ-साथ अन्य एक्टिविस्ट ग्रुप जिनमें क्राइसिस एसओएएस, डिकोलोनाइजिंग आवर माइंड सोसाइटी आदि शामिल हैं जिसने 23 जनवरी को अनुसंधान अवकाश और अस्थायी अनुबंध नौकरियों को रद्द करने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया है।

विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र, शोधकर्ता, फैकल्टी और समर्थक एसओएएस के एट्रियम में इकट्ठा हुए।

सभा को संबोधित करते हुए एसओएएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट स्टडीज के डॉ. फ़ेज़ी इस्माइल ने कहा कि "विश्वविद्यालयों के प्रबंधन को एक साथ आना चाहिए और सरकार को बताना चाहिए कि 'यदि आप बैंकों को वित्तीय सहायता दे सकते हैं, तो आप विश्वविद्यालयों को सहायता कर सकते हैं।' और अगर वे ऐसा नहीं करेंगे, तो हम करेंगे।”

विश्वविद्यालय में अंशकालिक कर्मचारियों ने भी 23 जनवरी यानी गुरुवार को इस फैसले के विरोध को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए।

छात्रों का कहना है कि वेतन संबंधित ख़र्च को कम करने के चलते प्रबंधन ने वित्तीय आधारों पर अनुसंधान की छुट्टियों के स्थगन को उचित ठहराया है। हालांकि, न ही कोई खास वित्तीय तर्क और न ही ख़र्च के बारे में बताया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह निर्णय छात्रों और कर्मचारी यूनियनों के साथ पूर्व परामर्श के बिना शैक्षणिक सीनेट में उचित चर्चा के बिना लागू किया गया है।

विश्वविद्यालय और कॉलेज यूनियन (यूसीयू) के एक बयान में कहा गया है कि “महत्वपूर्ण कार्य जिसे अंशकालिक कर्मचारी करते हैं विश्वविद्यालय के कामकाज का अहम हिस्सा है। आंशिक बजट में कटौती कर के शिक्षण के कार्यभार को स्थायी सदस्यों पर लादा जाएगा जो स्थापना के वर्ष से छात्रों का दाखिला ज़्यादा है जबकि छात्रों को दाखिला देने का लक्ष्य भी लगातार बढ़ रहा है।

यूनिसन सहित ट्रेड यूनियनों ने भी गुरुवार को संविदा कर्मचारियों की लामबंदी के लिए एकजुटता और समर्थन की घोषणा की है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

SOAS
London's School of Oriental and African Studies
University and College Union
UCU
London
britain

Related Stories

टोरी सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रगतिशील वर्गों की लंदन में विशाल रैली

दुनिया भर की: ‘किल द बिल’ के नारे के साथ ब्रिटेन में तेज़ हुआ पुलिस की निरंकुशता के ख़िलाफ़ विरोध

लंदनः बस ड्राइवरों की वेतन कटौती के ख़िलाफ़ हड़ताल

ब्रिटिश गैस के कर्मचारियों की अनुबंधों में अनिश्चितता के ख़िलाफ़ हड़ताल

गणतंत्र दिवस पर लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शनों की योजना


बाकी खबरें

  • Politics Grounds Proposed Financial Hub in Bengal
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    बंगाल में प्रस्तावित वित्तीय केंद्र को राजनीति ने ख़त्म कर दिया
    28 Sep 2021
    2010 में वाम सरकार द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना पर टीएमसी ने 2011 में अपना दावा किया। लेकिन अब तक यह परियोजना सुचारू नहीं हो पाई है।
  • DISCRIMINATION
    अरविंद कुरियन अब्राहम
    राज्य कैसे भेदभाव के ख़िलाफ़ संघर्ष का नेतृत्व कर सकते हैं
    28 Sep 2021
    यह दुर्भाग्य है कि यूपीए सरकार ने भेदभाव-विरोधी क़ानून बनाने की विधाई प्रक्रिया में शीघ्रता से काम नहीं किया।
  • Bharat Bandh
    अनिल अंशुमन
    भारत बंद अपडेट: झारखंड में भी सफल रहा बंद, जगह-जगह हुए प्रदर्शन
    28 Sep 2021
    चूंकि इस बंद को वाम दलों समेत भाजपा विरोधी सभी राजनीतिक दलों ने सक्रीय समर्थन दिया था इसलिए झारखंड में इस बार राज्य गठबंधन सरकार में शामिल झामुमो, कांग्रेस व राजद पार्टियों के नेता व कार्यकर्त्ता…
  • Bhagat Singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    भगत सिंह: रहेगी आबो-हवा में ख़याल की बिजली
    28 Sep 2021
    आज शहीदे-आज़म, क्रांति के महानायक भगत सिंह की 114वीं जयंती है। पूरा देश उन्हें याद कर रहा है, अपना क्रांतिकारी सलाम पेश कर रहा है।
  • Students and youth are also upset with farmers, expressed their pain by tweeting in lakhs
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों के साथ छात्र -युवा भी परेशान, लाखों की संख्या में ट्वीट कर ज़ाहिर की अपनी पीड़ा
    28 Sep 2021
    27 सितंबर को देशभर के लाखों नौजवान छात्रों ने एक मेगा ट्विटर कैम्पेन किया जहाँ 40 लाख से अधिक ट्वीट्स के साथ रेलवे के छात्रों ने अपनी पीड़ा को ज़ाहिर किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License