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जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Feb 2022
जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’

भाजपा के बाद मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'समाजवादी वचन पत्र' के नाम से पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। इसमें शिक्षामित्रों को तीन साल के अंदर नियमित सरकारी नौकरी देने और MSME क्षेत्र के जरिए एक करोड़ लोगों को रोजगार देने समेत अनेक लुभावने वादे किए गए हैं।

अखिलेश ने ‘समाजवादी वचन पत्र’ जारी करते हुए अपनी पिछली सरकार को याद दिलाया, और कहा कि "मुझे याद है वर्ष 2012 में सपा ने जब अपना चुनाव घोषणापत्र जारी किया था तो उसे पूरी तरह लागू किया गया था। कई ऐसी चीजें जो घोषणापत्र में शामिल नहीं थीं, उन्हें भी सपा सरकार ने पूरा करके दिखाया था। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को खुशहाली, विकास और तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए सपा ने अपना घोषणापत्र बनाया है।"

इसके बाद अखिलेश यादव ने 2012 के अपने कार्यकाल को याद दिलाकर साल 2022 का ‘समाजवादी वचन पत्र’ जारी कर दिया।

‘समाजवादी वचन पत्र 2022’

Ø कृषि, किसान कल्याण

·  दूध सहित सभी फसलों के एमएसपी, गन्ना किसानों को 15 दिन में भुगतान।

·  किसान आयोग का गठन। किसानों को 2025 तक कर्ज मुक्त किया जाएगा। ऋणमुक्त कानून बनाकर गरीब किसानों को लाभ।

·  दो एकड़ से कम जमीन वालों को दो बोरी डीएपी व पांच बोरी यूरिया मुफ्त में दी जाएगी।

·  किसान बीमा योजना राशि बढ़ाकर 10 लाख।

·  किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, ब्याज मुक्त लोन, बीमा एवं पेंशन की व्यवस्था

·  हर 10 किलोमीटर के दायरे में किसान बाजार नेटवर्क के तहत बाजार की स्थापना।

·  सभी मंडलों में फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर। प्रदेश में पांच जगह निर्यात उन्मुख फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर।

·  कन्नौज में अंतर्देशीय कंटेनर डिपो के साथ आलू निर्यात क्षेत्र की स्थापना।

·  कामधेनु योजना दोबारा शुरू की जाएगी।

·  वेटनरी एंबुलेंस और मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा।

·   रूरल एग्रीकल्चर हब, बीज अनुसंधान स्थापना।

Ø महंगाई का जवाब

·  बीपीएल परिवारों को हर साल दो एलपीजी सिलेंडर मुफ्त।

·  दोपहिया वाहन मालिकों को हर माह एक लीटर पेट्रोल, ऑटो चालकों को हर माह तीन लीटर पेट्रोल व छह किलो सीएनजी।

Ø युवा एवं रोजगार

·  मनरेगा की तर्ज पर अर्बन एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट ।

·  राज्य रोजगार नीति बनाई जाएगी।

·  हेल्थ सेक्टर और एजुकेशन सेक्टर के सभी रिक्तियों को एक साल में भरा जाएगा।

·  पब्लिक हेल्थ सिस्टम में कार्यरत पैरा मेडिकल व नर्सिंग स्टाफ को दोगुना किया जाएगा।

·  आर्मी व पुलिस भर्ती के लिए हर जिले में कैंप लगेंगे।

·  आशा व एएनएम की विशेष भर्ती अभियान।

Ø खेल जगत के क्या खास

·   प्रदेश में तीन विश्व स्तरीय स्टेडियम बनेंगे। स्पोर्ट्स मेडिसिन यूनिवर्सिटी।

·   पांच स्पोर्ट्स कालेज। खेल सुविधा व कोचिंग सेंटर।

·   रुरल स्पोर्ट्स लीग की स्थापना। सीएम स्पोर्ट्स स्कालरशिप।

Ø महिला सशक्तिकरण

·   महिलाओं को सरकारी नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण। पुलिस में महिलाओं की अलग विंग।

·   वूमेन पावर लाइन 1090 का सुदृढ़ीकरण कर ई मेल, व्हाट्सएप के जरिए एफआईआर की व्वस्था।

·   महिला उद्यमियों को बढावा।

·   महिला शिक्षिकाओं को उनकी पोस्टिंग के दौरान विकल्प दिया जाएगा।

·  महिला शिक्षिकाओं को चुनाव ड्यूटी सहित गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जाएगा।

Ø बालिकाओं की शिक्षा के लिए

·  लड़कियों को केजी से लेकर पीजी तक मुफ्त शिक्षा। कन्या विद्याधन दोबारा।

·  12वीं पास छात्रा को 36 हजार की एकमुश्त राशि दी जाएगी।

·  बालिका शिक्षा पर विशेष जोर। छात्राओं को मुफ्त बस यात्रा।

·  लैपटॉप वितरण में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व।

Ø सार्वजनिक शिक्षा के लिए सपा के पास क्या है?

·  2027 तक 12वीं कक्षा तक शत प्रतिशत साक्षरता।

·   राज्य शिक्षा नीति के तहत अंग्रेजी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

·   हर जिले में मॉडल स्कूल बनेंगे। विश्वविद्यालयों की सीटों दोगुनी होगी।

·  12वीं पास छात्रों को लैपटॉप दिया जाएगा।

·   सभी मंडलों में सैनिक स्कूल। सभी जिलों में तकनीकी व व्यावसायिक संस्थान की स्थापना।

·   सभी तहसीलों में कौशल विकास रोजगार व व्यक्तित्व विकास केंद्र की स्थापना।

·   छात्रों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति कोष।

·   स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में पांच हजार रुपये की सीमा तक 

·   शिक्षामित्रों की बहाली और प्रशिक्षण के लिए अभियान चलाया जाएगा। पारिश्रमिक पांच हजार रुपये की वृद्धि की जाएगी।

·  शिक्षामित्रों को तीन साल बाद नियमित किया जाएगा।

Ø सामाजिक न्याय

·  समाजवादी पेंशन योजना फिर शुरू होगी। वृद्ध, महिला व बीपीएल परिवार को हर साल 18 हजार पेंशन। एक करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा।

·  समाजवादी कैंटीन व किराना स्टोर खुलेंगे। 10 रुपये में समाजवादी थाली की व्यवस्था।

· मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी अधिनियम लाया जाएगा।

· बंजारा, बहेलिया, नट, सपेरों के गांव की पहचान कर उन्हें विकसित किया जाएगा।

· सभी वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त बस यात्रा।

·  समाजवादी श्रवण यात्रा दोबारा शुरू होगी|

Ø श्रमिक सशक्तिकरण

·  डायल 1890 मजदूर पॉवर लाइन की स्थापना होगी। प्रवासी श्रमिकों, मजदूरों की समस्या का समाधान करेगी।

·  कारीगरों व श्रमिक पेंशन 18 हजार रुपये सालाना। बुनकरों, जरदोजी कारीगर, बढ़ई, कुम्हार। नाविक, मोची, दर्जी व अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की मदद के लिए कॉरपोरेशन की स्थापना।

Ø कानून व्यवस्था

·  सभी गांवों व कस्बों में में एक साल के अंदर सीसीटीवी कैमरा व ड्रोन सर्विलांस की व्यस्ता। यूपी 100 को मजबूत कर रिस्पांस टाइम 15 मिनट से कम किया जाएगा।

·  थानों व तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म कर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन होगा।

·  सभी जिलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेगा।

·   स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का गठन। स्पेशल वूमेन सेल का गठन।

Ø स्वास्थ्य सेवा

·   राज्य स्वास्थ्य नीति 2022 लाई जाएगी। राज्य महामारी राहत एजेंसी की स्थापना।

·    कैशलेस स्वास्थ्य सर्विस  शुरू की जाएगी। पुराने जिला अस्पतालों को मॉडर्नाइज्ड किया जाएगा।

·  हेल्थ सेक्टर का बजट तीन गुना किया जाएगा।

·  हेल्थ सिटीज की स्थापना के लिए नई नीति।

·  मेडिकल टेस्ट के मूल्य की सीमा तय करने के लिए नीति।

· 18 मंडल में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना।

· ग्रामीण क्षेत्र में पांच क्षेत्रीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना।

·  सभी मंडल में नर्सिंग और फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना।

·  कार्डियक इमरजेंसी एंबुलेंस। सभी जिलों में ब्लड बैंक की स्थापना।

·  सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति।

·  आनलाइन टेलीमेडिसिन परामर्श व सामान्य चिकित्सा सेवा।

·   सभी तहसीलों में प्रौद्योगिकी सक्षम चिकित्सा परीक्षण केंद्र।

·   सीएम स्वास्थ्य कोष से किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा।

इन तमाम संकल्पों को जनता के सामने रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा और गन्ना किसानों को 15 दिन के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए अगर किसान कोष बनाने की जरूरत होगी तो बनाया जाएगा।

आपको बताते चलें कि सपा प्रमुख ने पहले ही घोषणा कर दी थी, कि भाजपा के बाद ही ‘समाजवादी वचन पत्र’ जारी होगा। और जब सपा ने वादों का पिटारा खोला तो कई वादे भाजपा और सपा के एक ही जैसे निकले...

किसानों के जुड़े मुद्दों में समानता

बीजेपी कहती है आलू, टमाटर और प्याज जैसी सभी फसलों पर न्यूनतम मूल्य दिया जाएगा जिसके लिए 1 हजार करोड़ की लागत से भामाशाह भाव स्थिरता कोष बनेगा साथ ही गन्ना किसानों को 14 दिन के भीतर भुगतान किया जाएगा। वहीं सपा ने सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा किया है। गन्ना किसानों को 15 दिन के अंदर भुगतान करने की बात भी है।

बिजली-सिंचाई के वादे एक जैसे

बीजेपी का कहना है कि अगले 5 साल में सभी किसानों को सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी, 5 हजार करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू होगी, जिससे किसानों को ट्यूबवेल, बोरवेल का निर्माण करने के लिए पैसा दिया जाएगा। साथ ही बीजेपी ने 4 हजार नए किसान सहयोग समूह यानी FPO स्थापित करने का वादा किया है। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी सभी किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह से मुफ्त बिजली देने का वादा कर रही है। साथ ही सपा ने हर जिले में 20 यानी पूरे राज्य में करीब 1,500 FPO बनाने की बात कही है।

महिलाओं से जुड़े मुद्दे भी सपा-भाजपा के एक जैसे

बीजेपी ने महिलाओं को पुलिस व्यवस्था से जोड़ने के लिए 3 नई महिला बटालियन के नेटवर्क का विस्तार करने का वादा किया है, 3 हजार पिंक पुलिस स्थापित करने को कहा है, जबकि समाजवादी पार्टी ने भी पुलिस में महिलाओं की भर्ती का वादा किया है, ताकि महिलाओं की स्वतंत्र 'वूमन पुलिस यूनिट' स्थापित जा सके।

घरेलू सिलेंडर को लेकर जहां  बीजेपी ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को साल में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे, जबकि सपा ने भी गरीबी रेखा से नीचे आने वाले सभी परिवारों को हर साल मुफ्त में दो एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया।

दोनों ही पार्टियों ने महिलाओं के लिए नौकरी का भी वादा किया, जिसमें भाजपा मे कहा कि लोक सेवा आयोग यानी UPSC समेत सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या दोगुनी की जाएगी, जबकि सपा कहती है समाजवादी पार्टी कहती है कि महिलाओं को सरकारी नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश चुनावों में माना जा रहा है कि भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर होगी, यही कारण है कि दोनों के ही घोषणापत्र में किसानों, महिलाओं, युवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, लेकिन देखने वाली बात ये होगी कि दोनों में किसके वादों पर जनता ज्यादा विश्वास दिखाती है, और कितने वादे धरातल पर उतरेंगे।

SAMAJWADI PARTY
AKHILESH YADAV
UP ELections 2022

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