NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सबरीमला मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार से जुड़ी याचिकाएं बड़ी पीठ को भेजीं
सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर, मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश तथा दाऊदी बोहरा समाज में स्त्रियों के खतना सहित विभिन्न धार्मिक मुद्दे गुरुवार को नये सिरे से विचार के लिये सात सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिये।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Nov 2019
sabrimala and supreme court
Image courtesy: bw news

नई दिल्ली: सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश देने का मामला लटक गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर, मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश तथा दाऊदी बोहरा समाज में स्त्रियों के खतना सहित विभिन्न धार्मिक मुद्दे गुरुवार को नये सिरे से विचार के लिये सात सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिये।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ इन धार्मिक मुद्दों को नये सिरे से विचार के लिये सात सदस्यीय पीठ को सौंपे जाने पर एकमत थी। हालाकि, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा ने बहुमत के फैसले में सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने संबंधी अपने निर्णय पर पुनर्विचार की याचिकाओं को लंबित रखने का निश्चय किया।

पीठ ने बहुमत के निर्णय में शीर्ष अदालत के 28 सितंबर, 2018 के फैसले पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की और न ही पहले के फैसले पर रोक लगायी है। इसी निर्णय में न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी थी।

इस मामले में न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ ने अल्पमत का फैसला सुनाते हुये सभी पुनर्विचार याचिकायें खारिज कर दीं और 28 सितंबर, 2018 के निर्णय पर अमल का निर्देश दिया।

सबरीमला मंदिर प्रकरण में संविधान पीठ ने बहुमत का निर्णय 56 पुनर्विचार याचिकाओं सहित 65 याचिकाओं पर सुनाया। न्यायालय के 28 सितंबर के फैसले का केरल में हिंसक विरोध होने के बाद ये याचिकायें दायर की गयी थीं।

शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर, 2018 को 4:1 के बहुमत से फैसला देते हुए, सबरीमला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर रोक की व्यवस्था को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था। न्यायालय ने इस व्यवस्था को पक्षपातपूर्ण और महिलाओं के साथ लैंगिक आधार पर अन्याय करार दिया था।

महिलाओं को न जाने देने के पीछे वजह

सबरीमाला मंदिर करीब 800 साल से अस्तित्व में है और इसमें महिलाओं के प्रवेश पर विवाद भी दशकों पुराना है। वजह यह है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी माने जाते हैं, जिसकी वजह से उनके मंदिर में ऐसी महिलाओं का आना मना है, जो मां बन सकती हैं। 

ऐसी महिलाओं की उम्र 10 से 50 साल निर्धारित की है। माना गया कि इस उम्र की महिलाएं पीरियड्स होने की वजह से शुद्ध नहीं रह सकतीं और भगवान के पास बिना शुद्ध हुए नहीं आया जा सकता।

 (समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Sabrimala Temple
sabrimala temple issue
Supreme Court
Women enter temples mosques
religion
Justice Ranjan Gogoi

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • toilet shortage
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सरकार ने बताया, 38 हजार स्कूलों में शौचालयों की सुविधा नहीं
    06 Dec 2021
    देश में 2014 से स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है लेकिन 2021 में सरकार राज्यसभा में बता रही है कि देश भर में 38,408 स्कूलों और 2,86,310 आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय चालू स्थिति में नहीं हैं।
  • Neiphiu Rio
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नागालैंड की घटना पर सीएम रियो ने कहा, 'आफ़्स्पा कठोर है, इसे हटाना ज़रूरी!'
    06 Dec 2021
    मोन ज़िले के ओटिंग में सुरक्षा बलों की फ़ायरिंग में 14 नागरिकों की मौत के बाद से राज्य में ग़ुस्सा है।
  • RML
    भाषा
    तीन केंद्रीय अस्पतालों के रेजिडेंट चिकित्सकों ने सोमवार से नियमित, आपात सेवाओं का किया बहिष्कार
    06 Dec 2021
    रेजिडेंट चिकित्सकों ने नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग में देरी को लेकर एफओआरडीए द्वारा आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार से सभी नियमित और आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार किया।
  • Pendant
    संदीपन तालुकदार
    पोलैंड में मिला पेंडेंट मानव द्वारा बनाया सबसे पुराना जीवित आभूषण हो सकता है
    06 Dec 2021
    कार्बन डेटिंग ने स्थापित किया है कि पेंडेंट इसी तरह से सजाए गए और अन्य साइटों में पाए जाने वाली कलाकृतियों से हज़ारों साल पुराना है।
  • US amazon
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों अमेज़न अमेरिकी श्रमिकों के यूनियन बनने से भयभीत है
    06 Dec 2021
    एक ऐसे दौर में जब श्रमिकों के बीच में असंतोष बढ़ता जा रहा हो, अपने अल्बामा वेयरहाउस में दूसरी दफा यूनियन के लिए मतदान के फैसले से अमेज़न निश्चित रूप से चिंतित है कि कहीं अमेरिकी श्रमिक भी यूरोप की तरह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License