NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
व्यंग्य
भारत
राजनीति
कटाक्ष: मोदी जी, कश्मीरी पंडितों के आंसू हर्गिज़ सूखने नहीं देंगे!
“कश्मीर पंडितों के आंसुओं की याद दिलाने में विशेष योगदान के लिए मोदी जी, कश्मीरी पंडितों के आंसू दिखाने वाली हरेक फिल्म का देश भर में टैक्स माफ करा देंगे और भगवाशासित राज्यों में सरकारी कर्मचारियों को आधे दिन की और स्कूली बच्चों को पूरे दिन की छुट्टी दिलवाकर, कम्पल्सरी कर के ऐसी हरेक फिल्म मुफ्त दिखवाएंगे।’’
राजेंद्र शर्मा
19 Mar 2022
cartoon

ये जो मोदी जी के विरोधी हर चीज में गांधी जी को घुसा देते हैं, ये बात बिल्कुल भी ठीक नहीं है। अब बताइए, कहां कश्मीर फाइल्स को देखकर और उससे भी ज्यादा बिना देखे बह रहे आंसू और कहां गांधी जी- क्या कोई कनेक्शन है! पर मोदी जी ने अग्निहोत्री जी की फिल्म के प्रमोशन पर जरा सा यह क्या कह दिया कि फिल्मों के लाने से ही सच सामने आता है, भाई लोगों ने उसमें भी गांधी जी की लाठी अड़ा दी। पीएम जी ने इतना भर कहा था कि जब एटनबरो ने फिल्म बनायी, तब दुनिया गांधी को जान पायी, वैसे ही कश्मीर फाइल्स ने दिखाई, तब कश्मीरी पंडितों के दु:ख-दर्द को दुनिया जान पायी, पर पटठों  ने सरासर फेक न्यूज चला दी कि मोदी जी ने कहा है कि एटनबरो की फिल्म से पहले दुनिया गांधी जी को जानती ही नहीं थी!

बस फिर क्या था, मोदी-शत्रु इसी को ले उड़े। कोई 1930 से टाइम्स के कवर पर गांधी जी की तस्वीर दिखा रहा है, तो कोई 1980 के दशक में रिचर्डएटनबरो की फिल्म से पहले दुनिया भर में लगी गांधी की मूर्तियां गिना रहा है, और कोई दुनिया भर में गांधी के नाम पर जारी डाक टिकट दिखा रहा है। कोई आइन्स्टीन से लेकर मार्टिन लूथर किंग जूनियर तथा मंडेला तक के मुंह से गांधी को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा कहलवा रहा है। और तो और, जैसाकि टूलकिट में लिखा है इसमें भी भाई लोगों ने गोडसे जी को बदनाम करने का मौका निकाल ही लिया और इसका शोर मचा दिया कि पीएम जी गांधी हत्या के अगले दिन के दुनिया भर के अखबारों के मुखपृष्ठ पर ही नजर डाल लेेते, तब उन्हें पता चल जाता कि एटनबरो की फिल्म से तीन दशक पहले, दुनिया गांधी को कितना जानती थी या नहीं जानती थी! पर कश्मीर फाइल्स के आंसू तो कश्मीरी पंडितों के लिए हैं, मोदी जी के गांधी इतिहास पर बहस खड़ी कर के, उन आंसुओं की तरफ से ध्यान हटाने की कोशिश क्यों की जा रही है? ध्यान बंटाने के संघ परिवार के पेटेंट अधिकार में ऐसी खुली चोरी!

पर भाई लोग गांधी जी वाली फेक न्यूज पर ही कहां रुके हैं? इसके साथ ही उन्होंने यह फेक न्यूज भी चलाने की कोशिश की है कि कश्मीर फाइल्स आई, तब मोदी जी को कश्मीरी पंडितों की याद आयी। इसी फेक न्यूज के एक और रूप में तो यह तक कहा जा रहा था कि फिल्म ने दिखाई, तभी कहीं जाकर कश्मीरी पंडितों की तकलीफ मोदी जी तक पहुंच पायी! इस फेक न्यूज को लेकर उड़ने की कोशिश भले ही खास कामयाब नहीं हो रही हो, फिर भी विरोधियों ने इसका काफी शोर तो मचा ही दिया है कि 1990 मेें कश्मीरी पंडितों का जब घाटी से पलायन हुआ, तब देश में किस की सरकार थी, उस सरकार को कौन समर्थन देकर चलवा रहा था, जम्मू-कश्मीर में किस का राज था, जगमोहन ने क्या किया था, तब मोदी जी की पार्टी ने कश्मीरी पंडितों का मसला क्यों नहीं उठाया, मोदी जी ने सारथी बनकर अडवाणी जी का राम-रथ अयोध्या की तरफ ही क्यों हांका और उसके रोके जाने पर ही वी पी सिंह की सरकार को क्यों गिराया गया, कश्मीरी पंडितों के मसले पर नहीं, वगैरह-वगैरह! और तो और हिमाकत यह कि यह तक कह रहे हैं कि आठ साल में मोदी सरकार ने ही कश्मीरी पंडितों को क्या दे दिया? मान लो कि तीन साल महबूबा की सरकार चलवाने में निकल गए, तब भी पांच साल तो बचते थे, उनमें ही क्या किया? और नहीं तो तीन साल से तो डाइरेक्ट दिल्ली से राज चल रहा है, उसमें ही क्या किया, फिल्म के ज्ञान के इंतजार के सिवा। और सच पूछिए तो अब भी क्या कर रहे हैं, एक सांप्रदायिक फिल्म के प्रमोशन और कश्मीरी पंडितों के आंसुओं की अपने फायदे के लिए राजनीतिक तिजारत के सिवा, वगैरह, वगैरह!

पर ये सब गलत है। ये विरोधियों की बहानेबाजी है। ये अब भी कश्मीरी पंडितों के आंसुओं को सामने नहीं आने देना चाहते हैं। पर मोदी जी ऐसा हर्गिज नहीं होने देंगे। मोदी जी कश्मीरी पंडितों के आंसुओं को हर्गिज-हर्गिज सूखने नहीं देंगे। छुपाने नहीं देंगे। बल्कि मोदी जी कश्मीरी पंडितों के आंसुओं के कतरों को इकठ्ठा कर-कर के दरिया और समंदर न सही, कम से कम एक बड़ा सा तालाब तो बनवा ही देंगे। तालाब के किनारे आदि पंडित, मनु महाराज की विश्व की विशालतम मूर्ति भी बनवा देेंगे। मनु महाराज की मूर्ति को केंद्र में रखकर, कश्मीरी पंडितों के पलायन का एक आधुनिक स्मारक भी बनवा देंगे और उसमें पलायन का लाइट एंड शो करा देंगे, ताकि दुनिया कश्मीरी पंडितों के आंसुओं को भुला नहीं पाए और कश्मीर देखने आने वाले दुनिया का हरेक पर्यटक, कश्मीरी पंडित स्मारक देखने जरूर जाए। बल्कि कश्मीरी पंडित स्मारक ही टूरिस्टों का मुख्य आकर्षण बन जाए।

और हां, कश्मीर पंडितों के आंसुओं की याद दिलाने में विशेष योगदान के लिए मोदी जी, कश्मीरी पंडितों के आंसू दिखाने वाली हरेक फिल्म का देश भर में टैक्स माफ करा देेंगे और भगवाशासित राज्यों में सरकारी कर्मचारियों को आधे दिन की और स्कूली बच्चों को पूरे दिन की छुट्टी दिलवाकर, कम्पल्सरी कर के ऐसी हरेक फिल्म मुफ्त दिखवाएंगे। और जाहिर है कि कश्मीर फाइल्स ही अगले ऑस्कर में भारत की एंट्री होगी और इस बार सारे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार उसी के हिस्से में रहेंगे, विलेन वाले पुरस्कार के सिवा। संक्षेप में यह कि मोदी जी वह सब करेंगे जो किसी उत्पीडित समुदाय के आंसुओं से द्रवित होकर, अब तक भारत ही क्या सारी दुनिया में और किसी शासक ने नहीं किया होगा, उनके उत्पीड़न के कारणों का उन्मूलन करने के सिवाए।

प्लीज! अब कोई यह कहकर कन्फ्यूजन फैलाने की कोशिश नहीं करे कि कश्मीरी पंडित इसलिए उत्पीडि़त हुए हैं और हैं, क्योंकि पूरा कश्मीर ही उत्पीडि़त है। बाहरी उत्पीड़न को शिकस्त नहीं दे पाए, तो उत्पीडि़तों के एक छोटे से हिस्से ने, एक और भी कमजोर हिस्से पर अपनी हार की खिसियाहट निकाल ली। कि इन उत्पीडि़तों के आंसू तो इन उत्पीडि़तों को ही एक-दूसरे के खिलाफ भडक़ाने से नहीं, साझा उत्पीड़न के खिलाफ सब को एकजुट करने और मुक्ति दिलाने से सूखेंगे।

लेकिन, कश्मीरी पंडितों के आंसुओं को सुखाना ही कौन चाहता है। उल्टे सरकार कश्मीरी पंडितों के आंसुओं को सुरक्षित रखने बल्कि उनका प्रवाह गंगा की तरह अविरल बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। वह न कश्मीरी पंडितों को 1990 की अपनी त्रासदी भूलने देगी और न पंजाबी-सिंधी-बंगाली हिंदुओं को 1947 की त्रासदी। वह चुनाव दर चुनाव ऐसी सभी त्रासदियों की याद दिलाती रहेगी और चुनाव के जरिए सरकार बनाती रहेगी। और इसी में राष्ट्रहित है, यह साबित कर के भी दिखाती रहेगी- देखा नहीं कैसे अडानी जी और अंबानी जी को एशिया का धनपति नंबर वन और धनपति नंबर टू बनवाया है। अब इंडिया का वर्ल्ड नंबर वन होना भी दूर नहीं है।                                              

ये भी पढ़ें: कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते 

sarcasm
Satire
Political satire
The Kashmir Files
Kashmiri Pandits
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

तिरछी नज़र: 2047 की बात है

कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 

ताजमहल किसे चाहिए— ऐ नफ़रत तू ज़िंदाबाद!

तिरछी नज़र: ...ओह माई गॉड!

कटाक्ष: एक निशान, अलग-अलग विधान, फिर भी नया इंडिया महान!

तिरछी नज़र: हम सहनशील तो हैं, पर इतने भी नहीं


बाकी खबरें

  • unemployment
    प्रभात पटनायक
    भारत में बेरोज़गारी मापने के पैमानों के साथ क्या समस्या है? 
    28 Oct 2021
    भारत में लंबे अरसे से सरकारी आंकड़ों में, बेरोजगारी के लिए अनेक अलग-अलग मापों का उपयोग किया जाता रहा है। यहां हम इन मापों के साथ बुनियादी समस्या पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
  • ind-pak
    मुकुल सरल
    बहस: क्रिकेट कैसे किसी की देशभक्ति या देशद्रोह का पैमाना हो सकता है!
    28 Oct 2021
    क्रिकेट के नाम पर काफ़ी समय से उन्माद और नफ़रत फैलाने का खेल चल रहा है। ख़ासतौर पर भारत-पाकिस्तान के नाम पर..., ताकि इस बहाने मुसलमानों को निशाना बनाया जा सके। इन दिनों ये प्रक्रिया और हमले और तेज़…
  • "The Political Situation in UP is Fluid"
    न्यूज़क्लिक टीम
    ‘यूपी में राजनीतिक स्थिति तरल है’
    28 Oct 2021
    अगले साल के विधानसभा चुनावों में, योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ गुस्सा भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ वोटों में तब्दील होगा , यह कहना मुश्किल होगा। न्यूज़क्लिक ने यह और विस्तार से जानने के लिए अरुणाभ…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    त्रिपुरा में विहिप रैली के दौरान हिंसा, हरियाणा में महिला किसानों को कुचला और अन्य ख़बरें
    28 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी त्रिपुरा में जारी सांप्रदायिक तनाव, हरियाणा में महिला किसानों को ट्रक ने कुचला और अन्य ख़बरों पर।
  • Bombay High Court grants bail to Aryan Khan
    भाषा
    क्रूज ड्रग्स पार्टी केस: बंबई उच्च न्यायालय ने आर्यन खान को दी जमानत
    28 Oct 2021
    आर्यन के वकीलों की टीम अब उनकी शुक्रवार तक रिहाई के लिए औपचारिकताएं पूरी करने का प्रयास करेगी। 23 वर्षीय आर्यन फिलहाल न्यायिक हिरासत में सेंट्रल मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License