NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दुनिया में बज रहा है हमारा डंका... डंका ही डंका
डंका बज रहा है कि अपने लोगों की गैर-क़ानूनी जासूसी करने में नया इंडिया, रवांडा और सऊदी अरब के साथ, छंटे हुए दस देशों की लिस्ट में आ गया है। डंका तो सिर्फ इतने पर भी बज ही रहा था, पर मोदी जी इतने पर संतुष्ट होने वालों में कहां हैं...?
राजेंद्र शर्मा
24 Jul 2021
दुनिया में बज रहा है हमारा डंका... डंका ही डंका
व्यंग्यात्मक तस्वीर: ROHIT KABADE, ट्विटर से साभार  

अब बोलें, क्या बोलते हैं मोदी जी के सारी दुनिया में भारत का डंका बजवाने पर शक जताने वाले! अब क्या कहेंगे, पेगासस के बाद! चालीस पत्रकारों, सरकार के दो मंत्रियों, एक चुनाव आयुक्त, कई विपक्षी नेताओं, सैकड़ों राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं, सीबीआई डायरेक्टर समेत दर्जनों अफसरों, बीसियों महत्वपूर्णों के सचिवों, नजदीकियों, नाते-रिश्तेदारों की फोन के रास्ते जासूसी का पता चलने से, भारत का बेशक डंका बजा है।

दस देशों के सत्रह बड़े प्रकाशन, जासूसी के पात्रों के नाम पर नाम ला रहे हैं और बार-बार और कुछ इस तरह के डंका बजा रहे हैं, जैसे डंका नहीं किसी मंदिर की घंटी हो। डंका बज रहा है कि अपने लोगों की गैर-कानूनी जासूसी करने में नया इंडिया, रवांडा और सऊदी अरब के साथ, छंटे हुए दस देशों की लिस्ट में आ गया है। डंका तो सिर्फ इतने पर भी बज ही रहा था, पर मोदी जी इतने पर संतुष्ट होने वालों में कहां हैं? बेशक, वे इंडिया को टॉप-10 में ले आए थे। पर टॉप-10 में ही। जानते थे कि नौ दूसरों के संग, डंका भी बजवाया तो क्या बजवाया!

लेकिन, यह तो इस खेल में इंडिया की धमाकेदार एंट्री का डंका था। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती गयी, भारत का डंका तेज से तेज होता गया। जब सीबीआई के निदेशक, उसके प्रतिद्वंद्वी कम नंबर टू और एक और सीबीआई आला अफसर की जासूसी की खबर आयी, तो दुनिया सांस रोककर सुनती रह गयी।

पता चला कि इस तरह की जासूसी, सबसे बड़े खुफिया अफसरों के झगड़े सुलटाने के भी काम आ सकती है। उधर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के उत्पीडऩ की शिकायत करने वाली महिला और उसके करीबियों के फोनों की जासूसी और भी काम की साबित हुई। एक तीर से कई शिकार; सरकार के कई काम भी करा गयी और पूर्व-मुख्य न्यायाधीश को भी राज्यसभा पहुंचा गयी।

उधर कर्नाटक से खबर आयी, विरोधी जद-सेकुलर-कांग्रेस सरकार के सीएम तथा कांग्रेस के पूर्व-सीएम के सहायकों की जासूसी ही काम कर गयी और गठजोड़ सरकार को उलट कर, येद्दियुरप्पा को सीएम की कुर्सी पर धर गयी।

और पेगासस की जासूसी भीमा-कोरेगांव मामले की तरह विरोधियों को लटकाने, कश्मीरी नेताओं को फंसाने वगैरह के काम तो खैर आयी ही।

मंत्रियों की जासूसी से क्या मिला इसका रहस्य नहीं भी खुले तब भी, एक पेगासस से इतने काम, किसी और देश ने क्या लिए होंगे? सुना है कि एनएसओ वाले खुद अपने खर्चे पर इंडिया का डंका बजवा रहे हैं, भारत को अपने जासूसी औजार के उपयोगों की विविधता का मॉडल बना रहे हैं। 

पर मोदी जी का नया इंडिया, जासूसी के उपयोग की विविधता के बल पर बाकी सब से आगे निकलने पर भी नहीं रुका। वह तो भीड़ को पीछे छोडक़र बहुत आगे जा रहा है और दूसरों से एक्स्ट्रा डंका बजवा रहा है।

यह एक्स्ट्रा डंका है कुछ भी देखने, सुनने और बोलने से इंकार ही कर देने का। टॉप पर 10 देश हो सकते हैं, पर पूरे मामले में गांधी जी के बंदर बनकर दिखाने में और कोई हमारे आस-पास भी नहीं फटक सकता है। इस मैदान में तो सिर्फ नये इंडिया का डंका बज रहा है। पर मोदी जी इतने पर भी संतुष्ट कहां होने वाले हैं। आखिरकार, ऐसे मामलों में कुछ भी मानने और इसलिए कुछ भी करने से इंकार करने का रास्ता, टॉप-10 में शामिल कोई दूसरा देश भी तो अपना सकता है। सकता क्या है, अपना लिया ही समझिए। लिस्ट में आए दूसरे भी आंखें मूंदे ही बैठे हैं। बस फ्रांस, मैक्सिको, पोलेंड वगैरह ही जांच कराने की बात कर रहे हैं। और तो और इस्राइल भी। पर सूची वाले तो सब ‘मूंदेहुं आंख कहूं कछु नाहीं’ के ही दर्शन पर चल रहे हैं। लेकिन, लोगों की जासूसी के पूरे भंडाफोड़ में ही नये इंडिया के निर्माता और उसकी सरकार के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय षडयंत्र की खोज और वह भी हाथ के हाथ; ऐसा कारनामा कोई और देश क्या खाकर कर पाएगा!

असली डंका तो हमारी इसी खोज का बज रहा है। बजने को हमारे ही दूसरे डंके भी बज रहे हैं, पर असली डंका है पेगासस जासूसी के बेपर्दा होने में, षडयंत्र की खोज का डंका--बाकी सब डंकों से अलग, सबसे तेज!

एक बात और। हां! आज पेगासस की वजह से इंडिया का डंका बज जरूर रहा है। पेगासस इस्राइली कंपनी है। लेकिन, इससे कोई यह नहीं समझे कि मोदी जी का डंका, किसी बाहर वाले पर निर्भर है। इस्राइल जैसे एकदम खास दोस्त पर भी नहीं। डंके के मामले में तो और भी नहीं। उल्टे पेगासस का ही डंका इंडिया की वजह से बज रहा है--एक जासूसी औजार, इतने सारे काम!

वैसे भी पेगासस वाला डंका तो अब बजा है, मोदी जी तो इंडिया का डंका तभी से बजवा रहे हैं, जब से वह दिल्ली की गद्दी पर आए हैं। और जब से दूसरी बार गद्दी पर आए हैं, तब से तो जेल की पगली घंटी की तरह, इंडिया का डंका बस बजता ही जा रहा है। सीएए-विरोधियों की पिटाई का डंका। कश्मीरियों की जेलबंदी का डंका। सामाजिक-मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर यूएपीए-सेडीशन केसों का डंका। कोरोना की पहली लहर में प्रवासी मजदूरों के पैदल घरवापसी जुलूसों का डंका। किसानों के दिल्ली कूच का डंका। दूसरी लहर में अस्पताल, ऑक्सीजन, दवा, श्मशान/कब्रिस्तान की बेमिसाल किल्लत का डंका। ऑक्सीजन के लिए हांफते-तड़पते लोगों का डंका। गंगा में तैरती लाशों और तट पर रेत में उथली कब्रों का डंका। दुनिया के सबसे बड़े टीका उत्पादक देश में ही टीकों की कमी का डंका। और इस सब के ऊपर से कहीं-कोई कमी, कोई दिक्कत नहीं, ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं, के दावों की थेथरई का डंका।

और तो और पेगासस के बाद भी मोदी जी के नये इंडिया का डंका बजने का सिलसिला जारी है। पत्रकारों की जासूसी के बाद, अब कोरोना की दूसरी लहर की तबाही की सच्ची तस्वीर सामने लाने के लिए, दैनिक भास्कर और टीवी भारत समाचार पर आयकर के छापों का डंका। छापा यहां और डंका वहां, यूरोप-अमरीका में। नये इंडिया का खूब नाम किया, मोदी जी। डंके ही डंके, सुन तो लें!

(इस व्यंग्य आलेख के लेखक वरिष्ठ पत्रकार और लोकलहर के संपादक हैं।)

sarcasm
Pegasus
Spyware Pegasus
new india
Narendra modi
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान मोदी को लोकतंत्र का सबक़ सिखाएगा और कॉरपोरेट की लूट रोकेगा: उगराहां
    27 Nov 2021
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने टिकरी बॉर्डर स्थित गुलाब बीबी नगर में बात की जुझारू किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां से और उनसे जानने की…
  • P Chidambaram his son Karti
    भाषा
    एयरसेल-मैक्सिस मामला: अदालत ने चिदंबरम और कार्ति को 20 दिसंबर को तलब किया
    27 Nov 2021
    विशेष न्यायाधीश ने इस बात पर गौर करते हुए आदेश पारित किया कि सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार और धन शोधन के मामलों में चिदंबरम और अन्य आरोपियों को समन भेजे जाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
  • Covid new variant omicron
    एपी/भाषा
    अब कोविड-19 के नए स्वरूप ‘ओमीक्रॉन’ का डर, दुनियाभर के देशों ने लगायी यात्रा पाबंदियां
    27 Nov 2021
    डब्ल्यूएचओ ने कहा कि ओमीक्रॉन के वास्तविक खतरों को अभी समझा नहीं गया है लेकिन शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि अन्य अत्यधिक संक्रामक स्वरूपों के मुकाबले इससे फिर से संक्रमित होने का जोखिम अधिक है।…
  • gadchiroli
    अजय सिंह
    गढ़चिरौलीः यह लहू किसका है
    27 Nov 2021
    सरकार और बड़े पूंजीपति घरानों के दमन चक्र और लूट चक्र से अपने जीवन, सम्मान, जल, जंगल व ज़मीन को बचाने की लड़ाई आदिवासी लंबे समय से लड़ते आ रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों की तरह गढ़चिरौली में भी ऐसी ही…
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संयुक्त किसान मोर्चा का 29 नवंबर का संसद कूच स्थगित, 4 को अगली बैठक
    27 Nov 2021
    एसकेएम ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि क़ानून वापस लिए जाने के मद्देनज़र फ़िलहाल 29 नवंबर को शीत सत्र की शुरुआत के दिन संसद तक होने वाला ट्रैक्टर मार्च स्थगित कर दिया गया है। भविष्य की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License