NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कटाक्ष: अब तो सकारात्मक हो जाओ, इंडिया वालो!
प्रधानमंत्री अपनी मन की बात सुनाने को फोन लगाए और सीएम काम की बात सुनने की जिद पकड़ जाए, यह संवैधानिक प्रोटोकॉल के ख़िलाफ़ तो ख़ैर है ही, भारतीय संस्कृति के भी ख़िलाफ़ है और मनुष्यता के भी।
राजेंद्र शर्मा
09 May 2021
Narendra Modi Hemant Soren

ये अच्छी बात नहीं है। भला बताइए, अब सीएम लोगों को भी मोदी जी की मन की बात सुनने में बोझ पडऩे लग गया। सोरेन बाबू पब्लिकली इसकी शिकायत कर रहे हैं कि मोदी जी ने फोन तो किया, पर काम की कोई बात तो की नहीं है। जरूरत की कोई बात सुनी भी नहीं। बस अपने मन की ही बात सुनाते रहे। क्या कहना चाहते हैं, सोरेन बाबू? क्या एक पीएम, किसी सीएम को अपने मन की बात भी नहीं सुना सकता है? संविधान में ऐसा कहीं लिखा है क्या कि पीएम, सीएम को अपने मन की बात नहीं सुना सकता है? या कहीं ये ही लिखा हो कि पीएम जब भी सीएम को कॉल करेगा, काम और सिर्फ काम की ही बात करेगा? अपने मन की बात नहीं करेगा!

देश के संविधान निर्माताओं ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन ऐसा भी आएगा, जब पीएम किसी सीएम को फोन लगाएगा, तो दूसरी तरफ से मशीन से संदेश आएगा--नो मन की बात प्लीज, सीएम काम की चीजों में व्यस्त हैं! पीएम मन की बात सुनाना चाहे और सीएम महामारी की व्यस्तता का बहाना बनाए, संघीय व्यवस्था को ऐसे दुर्दिन देखने पड़ेंगे, संविधान बनाने वालों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। वर्ना सिर्फ एक कुर्सी बनाते--पीएम/ राष्ट्रपति की; न कुर्सीधारी किसी को फोन करता और न फोन सुनने वाला उसके मन की बात का अपमान करता, सिर्फ काम की बात ही सुनने की जिद कर के।

प्रधानमंत्री अपनी मन की बात सुनाने को फोन लगाए और सीएम काम की बात सुनने की जिद पकड़ जाए, यह संवैधानिक प्रोटोकॉल के खिलाफ तो खैर है ही, भारतीय संस्कृति के भी खिलाफ है और मनुष्यता के भी। और तो और यह तो कोविड-शिष्टाचार के भी खिलाफ है, जबकि पीएम की मन की बात नहीं सुनने के लिए, सीएम ने कोविड संकट का ही बहाना लिया है। सभी जानते हैं कि कोविड की इस महामारी ने बुजुर्गों को और भी अकेला कर दिया है। महामारी से बढक़र है, महामारी का डर। न कहीं आना, न जाना और बहुत बार तो कोई बात सुनने वाला तक नहीं होता है। बेचारे मोदी जी भी तो अकेले से पड़ गए हैं। पिछले सवा-डेढ़ साल से विदेश यात्रा पर भी नहीं गए। मीटिंग करो भी तो ऑनलाइन। न कोई झप्पी-पप्पी, न दूसरे देशों में जमे भारतीयों की मोदी-मोदी। और तो और नये विशेष विमानों तक में ढंग से चड्डी नहीं ले पाए हैं। ले-देकर एक बंगलादेश तक जा पाए, वह भी बंगाल के चुनाव की चिंता लगी रही। इतना महंगा हवाई जहाज, पर उड़ते ही उतार दिया--यह विदेश यात्रा भी कोई विदेश यात्रा है, लल्लू! पर कोरोना तो फिर भी परदेशी है, पर सोरेन तो आदिवासी होने के बावजूद अपने देश के हैं, उन्हें तो ख्याल करना चाहिए था। उन्हें तो पीएम की मन की बात को हमदर्दी के साथ सुनना चाहिए था। माना कि बंगाल की, केरल की, तमिलनाडु की पब्लिक ने मोदी जी की मन की बात नहीं सुनी, लेकिन इसका मतलब यह थोड़े ही है कि सोरेन बाबू भी मोदी जी की मन की बात नहीं सुनेंगे। सीएम की भी कोई जिम्मेदारी बनती है।

वैसे भी सोरेन बाबू ने यही क्यों सोच लिया कि पीएम जी अगर अपने मन की बात की जगह, काम की बात करते या कुछ उनकी भी सुनते, तो उससे फर्क पडऩे वाला था? पहली बात तो यही है कि झारखंड के पास पीएम को सुनाने को ऐसा नया क्या था, जो पीएम को पहले ही पता नहीं था? वही आक्सीजन की कमी, बैड की कमी, दवाओं की कमी, टीके की कमी, सस्ते राशन की कमी, रोजगार की कमी, वगैरह-वगैरह का रोना। बढ़ते संक्रमण, चढ़ती मौतों के आंकड़े। सब की सब नकारात्मक, डिप्रेसिंग बातें। कोई पॉजिटिव बात थी उनके पास, पीएम को सुनाने के लिए! नहीं ना। फिर नकारात्मकता फैलाने का फायदा? रही बात करने की तो जो करना है, सो तो पीएम जी कर ही रहे हैं। जो कर रहे हैं, पीएम जी ही कर रहे हैं। और आगे भी जो करेंगे सो पीएम जी ही करेंगे--शाह जी साथ में रहेंगे। उसके लिए इसकी-उसकी सुनने की जरूरत ही क्या है? सुनने जाएंगे तो दो बातें होंगी। या तो मानेंगे या नहीं मानेंगे? जो मानना है, अपनी मर्जी से मानेंगे किसी के कहने-सुनने से नहीं, तो सुनना क्यों? और नहीं मानना है, तो सुनने की जरूरत ही क्या है? वैसे भी एक सौ पेंतीस करोड़ भारतीयों ने जिसकी सुनकर देश का राजपाट सौंपा है, वह सारी दुनिया को अपने मन की बात सुनाएगा या ऐरों-गैरों की सुनने के लिए फोन लगाएगा! वैसे यह भी कोई नहीं भूले कि केजरीवाल ने ना-ना करते-करते भी मोदी जी को दिल्ली की आक्सीजन की तंगी का रोना सुना ही दिया था, तो उसके बाद क्या हुआ? दो हफ्ते बाद भी सबसे ऊंची अदालत, हर रोज बड़ी सरकार को आदेश से कम आक्सीजन देने के लिए फटकार ही लगा रही है। सोरेन पीएम को अपने हिसाब से काम की सुना भी देते तो क्या उखाड़ लेते!

कोरोना जीने-मरने का मामला है। और यह डिपार्टमेंट तो ऊपर वाले के पास है। ऊपर वाले के काम में दखलंदाजी करना हमारी संस्कृति में नहीं है। हां! जीने-मरने सब को स्वीकार कर, सकारात्मकता बनाए रखना हमारी संस्कृति में है। पीएम जी की मन की बात का यही संदेश है, जो वह फोन कर-कर के खासतौर पर उन राज्यों के सीएम लोगों को दे रहे हैं, जहां मरी ज्यादा फैली हुई है। सोरेन जी को यह अकर्मक दार्शनिक संदेश उपयोगी नहीं लगा, तो वह आरएसएस का हनुमान चालीसा के सामूहिक सवा लाख पाठ का सकर्मक संदेश आजमा सकते हैं। राजस्थान में आजमाया जा चुका है, आगे देश भर में आजमाया जाना है। इससे आक्सीजन, बैड, दवा वगैरह की हाय-हाय की जगह पर, सकारात्मकता आना तय है। हां! इस बार में सारे फैसलों का एलान राज्यों की तरफ से होगा, केंद्र की तरफ से नहीं, चाहे वह लॉकडाउन हो या ताली-थाली बजाने का यह नया रूप। हनुमान चालीसा का पाठ थ्री इन वन काम करेगा--मरने वालों की आत्मा को शांति देगा, अस्वस्थों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और बचे हुए हैं, उनका वायरस से बचाव करेगा। अब तो सकारात्मक हो जाओ, इंडिया वालो! 

Narendra modi
Hemant Soren
COVID-19
Coronavirus
sarcasm
mann ki baat
RSS
BJP

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी-नज़र भी: …लीजिए छापेमारी के साथ यूपी चुनाव बाक़ायदा शुरू!
    18 Dec 2021
    आयकर विभाग की टीम ने आज सपा नेताओं के घर और कैंप कार्यालयों पर छापेमारी की है। इसपर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि “भाजपा का हार का डर जितना बढ़ता जायेगा, विपक्षियों पर छापों का दौर भी उतना…
  • sudan
    पवन कुलकर्णी
    सूडान के दारफुर क्षेत्र में हिंसा के चलते 83,000 से अधिक विस्थापित: ओसीएचए 
    18 Dec 2021
    सूडान की राजधानी खार्तूम, खार्तूम नार्थ, ओम्डुरमैन सहित देशभर के कई राज्यों के कई अन्य शहरों में गुरूवार 16 दिसंबर को विरोध प्रदर्शनों के दौरान “दारफुर का खून बहाना बंद करो” और “सभी शहर दारफुर हैं”…
  • air india
    भाषा
    पायलटों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय खारिज किये जाने के खिलाफ एअर इंडिया की अर्जी अदालत ने ठुकराई
    18 Dec 2021
    अदालत ने कहा, ‘‘सरकार और उसकी इकाई एक आदर्श नियोक्ता के रूप में कार्य करने के लिए बाध्य हैं और इसलिए, उसे पायलटों को ऐसे समय संगठन (एअर इंडिया) की सेवा करने के अधिकार से वंचित करते नहीं देखा जा सकता…
  • Goa Legislative Assembly
    राज कुमार
    गोवा चुनाव 2022: राजनीतिक हलचल पर एक नज़र
    18 Dec 2021
    स्मरण रहे कि भाजपा ने जिन दो पार्टियों के बल पर सरकार बनाई थी वो दोनों ही पार्टियां भाजपा का साथ छोड़ चुकी है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी कांग्रेस का समर्थन कर रही है तो महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी तृणमूल…
  • Nuh
    सबरंग इंडिया
    नूंह के रोहिंग्या कैंप में लगी भीषण आग का क्या कारण है?
    18 Dec 2021
    हरियाणा के नूंह में लगी आग में रोहिंग्याओं की 32 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। उत्तर भारत के रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में इस साल इस तरह की यह तीसरी आग है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License