NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
व्यंग्य
भारत
राजनीति
कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!
गोडसे जी के साथ न्याय नहीं हुआ। हम पूछते हैं, अब भी नहीं तो कब। गोडसे जी के अच्छे दिन कब आएंगे! गोडसे जी का नंबर कब आएगा!
राजेंद्र शर्मा
29 May 2022
godse

अब भी नहीं तो कब? गोडसे जी के साथ न्याय कब होगा? अब तो करीब-करीब राम राज्य भी आ चुका है। सिर्फ राम राज्य ही नहीं, काफी हद तक कृष्ण राज्य और शिव राज्य भी, जिसे कृपया एमपी वाले शिवराज जी के राज से कोई कन्फ्यूज न करे। और इतना ही नहीं ताजमहल, कुतुब मीनार, जामा मस्जिद, अजमेर शरीफ, भोजशाला आदि, आदि से जो-जो देवी-देवता निकलेंगे, और देर से नहीं जल्दी ही निकलेंगे, थोड़ा-थोड़ा उनका भी राज आ लिया है।

उधर अडानी जी और अंबानी जी का भी राज आ ही लिया है, तभी तो सिर्फ भारत में ही नहीं एशिया भर में नंबर वन हैं। पर गोडसे जी के साथ न्याय नहीं हुआ। हम पूछते हैं, अब भी नहीं तो कब। गोडसे जी के अच्छे दिन कब आएंगे! गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

बताइए, आजादी का अमृत वर्ष खत्म होने के करीब है और मजाल है गोडसे जी के साथ न्याय करने की किसी को याद आयी हो। मोदी-2.O में हेडगेवार जी दिल्ली से राज्यों की राजधानियों तक राज से होते हुए, स्कूलों में बच्चों की किताबों में पहुंच गए—हरियाणा से लेकर कर्नाटक तक। कर्नाटक में तो बच्चों की किताबों में जगह की तंगी हुई तो, भगतसिंह को हटाकर हेडगेवार जी के लिए जगह बनायी गयी, पर उन्हें बाकायदा बैठाया गया। वैसे सुनते तो यह भी हैं कि एक हेडगेवार जी को बड़ा सा प्लाट देने के लिए, कर्नाटक में भगतसिंह के अलावा नारायण गुरु और पेरियार को भी हटा दिया गया है।

हरियाणा की किताबों में आरएसएस की राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका हो गयी है और नेहरू जी को देश को  विभाजन के लिए जिम्मेदार बना दिया गया है। अंगरेजी राज से पांच-पांच बार माफियां मांगने और राज के जीवन भर उससे पेंशन लेने के बाद भी, सावरकर पहले वीर हुए और आखिरकार उन्हें राष्ट्रीय आंदोलन का महान नायक बना दिया गया है। और तो और सैकड़ों सालों से लुप्त सरस्वती भी ट्यूबवैलों के सहारे हरियाणा में प्रकट हो गयी। अकबर तो अकबर, अशोक भी हिंदूविरोधी हो गया। पर गोडसे जी का नंबर नहीं आया। अब भी नहीं तो कब!

गोडसे जी के साथ इससे बड़ा अन्याय क्या होगा कि इधर हेगडगेवार और उधर सावरकर, दोनों राष्ट्रनायक हो गए, पर बेचारे गोडसे जी पचहत्तर साल बाद भी हिंदू महासभा के नायक के हिंदू महासभा के नायक ही बने रह गए। नहीं बनाते राष्ट्रपिता, अगर नहीं बनाना था। नहीं लगाते संसद परिसर में मूर्ति, अगर नहीं लगानी थी। नहीं छापते नोटों पर तस्वीर। नहीं कहते वीर, अगर वीर का आसन सावरकर जी के लिए ही रिजर्व था। नहीं देते भारत रत्न अगर नहीं देना था। चाहे उनके नाम पर सिक्के-विक्के भी जारी नहीं करते। पर गोडसे जी को कम से कम हिंदू हृदय साम्राट तो बनाया जा सकता था। सम्मान का सम्मान और गैर-सरकारी का गैर-सरकारी। गांधी जी भी बहुत चीं-चीं नहीं करते और हिंदू राष्ट्र का गौरव भी बढ़ जाता। पर वह भी नहीं। अकेले-अकेले बेचारे हिंदू महासभा वालों ने ही इसी महीने मनाया गोडसे जी का जन्म दिन, जबकि गांधी जी बाकी सब की छुट्टियों में कटौती के बावजूद, अकेले दो-दो राष्ट्रीय दिन घेरे बैठे हैं; जन्म दिवस जो जन्म दिवस, मृत्यु दिवस भी।

खैर! गोडसे जी का जन्म दिवस किसी सरकारी ईवेंट का मोहताज थोड़े ही है। मोदी जी के ट्वीट का भी नहीं। भारी मन से ही सही, पर हिंदू महासभा ने मेरठ में गोडसे जी का जन्म दिन भी मनाया और हिंदूविरोधी गांधीवाद को खत्म करने की शपथ भी ली। और हां! उन्होंने इसका एलान भी किया कि भारत जल्द ही हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। गोडसे जी के गांधी को खत्म करने के बाद भी, गांधीवाद को खत्म करने का कुछ काम बचता है, बस उसके पूरा होने की देर है!

पर क्या यह हमारे लगभग हिंदू राष्ट्र के निर्माताओं के लिए शर्म से डूब मरने की बात नहीं है कि गोडसे जी जैसे शहीद के चाहने वालों को इस तुच्छ सी मांग को लेकर लडऩा पड़ रहा है कि मेरठ शहर का नाम बदलकर, गोडसे नगर कर दिया जाए।

माना कि मेरठ नाम में प्रकटत: कोई मुस्लिमपना नहीं होने से, उसका नाम बदलने का न कोई प्रलोभन है और न सम्मोहन। पर क्या हिंदू-राष्ट्र की सेवा के लिए, एक गैर-मुस्लिम नाम भी नहीं बदला जा सकता? आखिर, जब इतने सारे मुस्लिम नाम बदले जा रहे हैं, तो एक गैर-मुस्लिम नाम भी सही। कम से कम बाकी दुनिया को दिखाने को तो हो जाएगा कि नाम सिर्फ टोपी देखकर ही नहीं बदले गए हैं। राष्ट्र गौरव बढ़ाने की मैरिट के आधार पर, जरूरत पड़ी तो तिलक छाप टाइप के नाम भी बदले गए हैं। पर वह भी कहां?

हिंदू महासभा ने मेरठ का नाम बदलने का केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा हुआ है और केंद्र सरकार इस मांग को भी दबाकर बैठी हुई है। मोदी जी ने क्या अपना ड्रोन नहीं भेजा था, गोडसे जी के जन्म दिन का ईवेंट कवर करने के लिए? इतने से फैसले में इतनी देर क्यों लग रही है, मिस्टर 56 इंची—द नेशन वान्ट्स टु नो!

हम तो कहेंगे कि एक शहर गोडसे जी के नाम कराने जैसी छोटी चीज के लिए, उनके चाहने वालों को लगभग हिंदू राज के सामने भी हाथ फैलाना पड़े, यह नये इंडिया के लिए शर्म की बात है। और यह तो सवाल ही गलत है कि मेरठ ही क्यों? स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रीय शहीद, गोडसे जी के लिए एक शहर तो क्या पूरा देश भी कम है। वैसे देश का नहीं तो कम से कम महाराष्ट्र का नाम बदलकर गोडसे जी के नाम पर रखने की तो अपेक्षा थी ही। लेकिन, वहां वैसा हिंदू राज ही नहीं है, जैसा योगी जी की यूपी में है, जहां मेरठ आता है। मेरठ वैसे भी क्रांतिकारिओं की धरती है। सो मेरठ से ही सही, भारत को गोडसे जी के नाम करने का नंबर तो लगाया जाए। अमृत वर्ष में तो हेडगेवार जी और सावरकर जी के साथ, गोडसे जी का भी नंबर आए। और हां! मोदी जी दिल से माफ नहीं भी करेंगे तो चलेगा, बस गोडसे जी को गांधी के बराबर का मौका दिया जाए।

(इस व्यंग्य आलेख के लेखक वरिष्ठ पत्रकार और लोक लहर के संपादक हैं।)

sarcasm
Political satire
Satire
Nathuram Godse
BJP
RSS

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

तिरछी नज़र: 2047 की बात है

कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 

ताजमहल किसे चाहिए— ऐ नफ़रत तू ज़िंदाबाद!

तिरछी नज़र: ...ओह माई गॉड!

कटाक्ष: एक निशान, अलग-अलग विधान, फिर भी नया इंडिया महान!

तिरछी नज़र: हम सहनशील तो हैं, पर इतने भी नहीं

कटाक्ष : बुलडोज़र के डंके में बज रहा है भारत का डंका


बाकी खबरें

  • paper leak
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित
    30 Mar 2022
    सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर परीक्षा का प्रश्न पत्र और हल किया गया पत्र वायरल हो गया था और बाजार में 500 रुपए में हल किया गया पत्र बिकने की सूचना मिली थी।
  • potato
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: कोल्ड स्टोरेज के अभाव में कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर आलू किसान
    30 Mar 2022
    पटनाः बिहार के कटिहार जिले के किसान राजेंद्र मंडल, नौशाद अली, मनोज सिंह, अब्दुल रहमान और संजय यादव इस बार आलू की बम्पर पैदावार होने के बावजूद परेशान हैं और चिंतित हैं। जि
  • east west
    शारिब अहमद खान
    रूस और यूक्रेन युद्ध: पश्चिमी और गैर पश्चिमी देशों के बीच “सभ्य-असभ्य” की बहस
    30 Mar 2022
    “किसी भी अत्याचार की शुरुआत अमानवीयकरण जैसे शब्दों के इस्तेमाल से शुरू होती है। पश्चिमी देशों द्वारा जिन मध्य-पूर्वी देशों के तानाशाहों को सुधारवादी कहा गया, उन्होंने लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बरबाद…
  • Parliament
    सत्यम श्रीवास्तव
    17वीं लोकसभा की दो सालों की उपलब्धियां: एक भ्रामक दस्तावेज़
    30 Mar 2022
    हमें यह भी महसूस होता है कि संसदीय लोकतंत्र के चुनिंदा आंकड़ों के बेहतर होने के बावजूद समग्रता में लोकतंत्र कमजोर हो सकता है। यह हमें संसदीय या निर्वाचन पर आधारित लोकतंत्र और सांवैधानिक लोकतंत्र के…
  • अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : रणनीतिक ज़ोजिला टनल के 2024 तक रक्षा मंत्रालय के इस्तेमाल के लिए तैयार होने की संभावना
    30 Mar 2022
    प्रोजेक्ट हैंडलर्स के मुताबिक़, ज़ोजिला टनल सहित पांचों टनल का काम सर्दियों के दौरान तेज़ किया गया है। यह रूट तय समय से एक साल पहले सितंबर 2025 में ही इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License