NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में होदेदाह बंदरगाह पर चार फ्यूल शिप को खड़ा करने की अनुमति दी
इन जहाजों को कई सालों के बाद होदेदाह बंदरगाह में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। सऊदी नेतृत्व के गठबंधन ने यमन के ख़िलाफ़ अपने युद्ध में व्यापक समुद्र, जमीन और हवाई नाकाबंदी के तहत कम से कम 14 ईंधन जहाजों को पकड़ लिया था।
पीपल्स डिस्पैच
25 Mar 2021
सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में होदेदाह बंदरगाह पर चार फ्यूल शिप को खड़ा करने की अनुमति दी

हौथी विद्रोहियों के नियंत्रण वाले बंदरगाह शहर होदेदाह की सालों पुरानी नाकेबंदी और मानव अधिकार समूहों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा इस नाकेबंदी को निरंतर मांग के बाद सऊदी के नेतृत्व वाली सैन्य गठबंधन ने बुधवार 24 मार्च को आवश्यक तेल की आपूर्ति करने वाले चार फ्यूल शिप को बंदरगाह पर खड़ा करने की अनुमति दे दी।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हौथी के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद अब्दुलसलाम ने एक बयान में कहा, “ईंधन, भोजन, चिकित्सा और बुनियादी सामानों का प्रबंध यमनी लोगों का मानवीय और कानूनी अधिकार है। हम उन्हें प्राप्त करने के लिए किसी भी सैन्य या राजनीतिक परिस्थितियों को स्वीकार नहीं करते हैं।”

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जहाजों को बंदरगाह में प्रवेश करने की अनुमति देने के फैसले का स्वागत किया है और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता फरहान हक ने एक बयान में कहा, “खाद्य, ईंधन और चिकित्सा-संबंधित वस्तुहओं सहित आवश्यक सामानों का व्यावसायिक आयात सभी बंदरगाहों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में यमन में प्रवेश होने में सक्षम होना चाहिए और घरेलू वितरण में बाधाओं को समाप्त किया जाना चाहिए। खाद्य पदार्थों को भेजने, पीने के पानी का सप्लाई करने, बुनियादी सेवाओं के वितरण और बिजली ग्रिड चलाने के लिए ईंधन भी आवश्यक है।”

ये बंदरगाह यमन की 75% आबादी के लिए भोजन, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए उत्तरदायी है। हौथी के खिलाफ यमन में युद्ध में सेना के हस्तक्षेप से शहर की सऊदी के नेतृत्व वाली खाड़ी सैन्य गठबंधन की नाकेबंदी से दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकट को जन्म दिया है। इससे लाखों यमनी नागरिक भुखमरी, अकाल और बीमारी के शिकार हो गए हैं।

इस सप्ताह के शुरुआत में सऊदी गठबंधन ने हौथी को युद्धविराम समझौते की पेशकश की थी जिसमें हौथी-नियंत्रित यमन राजधानी साना में हवाई अड्डे को फिर से खोलना शामिल था। साथ ही होदेदाह बंदरगाह के माध्यम से भोजन, ईंधन और अन्य आयातित वस्तुओं की आपूर्ति फिर से शुरू करना शामिल था। हौथी ने प्रतिक्रिया में कहा था कि वे तभी युद्ध विराम के लिए सहमत होंगे जब सऊदी गठबंधन होदेदाह से वायु, समुद्र और भूमि की नाकेबंदी को पूरी तरह से उठाने के लिए सहमत न केवल मानवीय कारणों से बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए वाणिज्यिक आयात और निर्यात में सुधार करने के लिए भी हो।

Saudi Arab
United nations
Antonio Guterres

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

भारतीय अर्थशास्त्री जयती घोष संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक समिति के उच्च स्तरीय सलाहकार बोर्ड में शामिल

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है


बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License