NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजद्रोह मामला : शरजील इमाम की अंतरिम ज़मानत पर 26 मई को होगी सुनवाई
शरजील ने सुप्रीम कोर्ट के राजद्रोह क़ानून पर आदेश के आधार पर ज़मानत याचिका दायर की थी जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने 17 मई को 26 मई तक के लिए टाल दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 May 2022
Sharjeel Imam

राजद्रोह मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे शरजील इमाम के आवेदन पर सुनवाई टल गई है। उस पर सुनवाई के लिए अब 26 मई की तारीख तय की गई है। जिस डिविजन बेंच के सामने आवेदन सुनवाई के लिए लगा था, वो बैठी नहीं.

शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट के राजद्रोह क़ानून पर दिये आदेश को आधार बनाते हुए हाई कोर्ट में ज़मानत अर्ज़ी दायर की थी।

दिल्ली हाईकोर्ट में जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत दर्ज मामले में दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी। यह मामला वर्ष 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की कथित साजिश के आरोप में दर्ज किया गया है। इमाम ने निचली अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज करने के फैसले को चुनौती दी थी। शरजील इमाम की अर्जी पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और रजनीश भटनागर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के विवादित राजद्रोह क़ानून को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है और जिन पर इन क़ानून के तहत कार्रवाई हुई है उन्हें ज़मानत याचिका दायर करने की छूट दे दी है।

गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र शरजील इमाम पर संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ भाषण देने का आरोप है।

शरजील इमाम ने अर्जी में यह भी कहा था कि वह पीएचडी पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के छात्र हैं और उनका पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

इससे पहले विशेष न्यायाधीश अमिताभ रावत ने 11 अप्रैल को भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत आरोपी शरजील इमाम को राहत देने से इनकार कर दिया था।

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Sharjeel Imam
sedition CASE

Related Stories

उमर खालिद पर क्यों आग बबूला हो रही है अदालत?

सीएए विरोधी भाषण: भीड़ उकसाने के ख़िलाफ़ ‘अपर्याप्त और आधे-अधूरे सुबूत’, फिर भी शरजील इमाम को ज़मानत से इनकार

कैसे भारत मुसलमानों को मनमाने तरीके से अनिश्चित काल के लिए जेलों में कैद कर रहा है?

पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुक़दमा

उमर खालिद ने दिल्ली दंगों को “साजिश” बताया, तो शरजील इमाम ने कहा उनका भाषण “राजद्रोह” नहीं

देशद्रोह की जंजीरें खोलती अदालतें

खोरी गांव में घरों का तोड़े जाना जारी, राजद्रोह क़ानून पर मुख्य न्यायाधीश के अहम सवाल और अन्य ख़बरें

न्यायालय ने राजद्रोह संबंधी कानून के दुरुपयोग पर जताई चिंता, केंद्र का जवाब मांगा

बात बोलेगी: अच्छा है विनोद दुआ को दी राहत, पर एक नज़र इधर भी मीलॉर्ड

न्यायालय ने विनोद दुआ के ख़िलाफ़ राजद्रोह के आरोप में दर्ज प्राथमिकी रद्द की


बाकी खबरें

  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर में उपभोक्ता क़ानून सिर्फ़ काग़ज़ों में है 
    28 Mar 2022
    सैंकड़ों उपभोक्ताओं की शिकायतों का अभी तक कोई हल नहीं हुआ है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से एक भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। क़ानूनों को बड़ी तेज़ी से निरस्त और लागू किया जा रहा है, लेकिन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License