NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।
भाषा
19 Feb 2022
Ravish Tiwari passes away

नयी दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार और इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी का शनिवार को निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे। उनके परिजनों और दोस्तों ने यह जानकारी दी।

वह 40 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी पूज्या, माता-पिता और एक भाई है। शुक्रवार अपराह्न को तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें गुरुग्राम के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा मीडिया तथा राजनीति जगत के कई लोगों ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। हमेशा चेहरे पर एक मुस्कान के साथ देखे जाने वाले रवीश एक आर्थिक दैनिक समाचार पत्र और एक पत्रिका में काम करने के बाद पिछले 12 वर्षों से दैनिक समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े थे।

प्रधानमंत्री ने रवीश तिवारी की पत्नी से फोन पर बात कर शोक संवेदना व्यक्त की, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुग्राम में उनके परिवार से मुलाकात की।

राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट कर कहा, ‘‘रवीश तिवारी के लिए पत्रकारिता एक जुनून था, और उन्होंने इसे आकर्षक व्यवसायों को छोड़कर चुना था। उनके पास रिपोर्टिंग और तीक्ष्ण कमेंट्री के लिए एक गहरी समझ थी। उनके असामयिक निधन से मीडिया जगत में एक अलग आवाज हमेशा के लिए शांत हो गयी है। उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रवीश तिवारी ‘गहरी समझ वाले’ और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘नियति ने रवीश तिवारी को बहुत जल्दी ही हमसे छीन लिया। मीडिया जगत में उनके निधन से एक शानदार करियर और प्रतिभा का अंत हो गया। मुझे उनकी रिपोर्ट पढ़ने में आनंद आता था और मैं समय-समय पर उनसे बात भी करता था। वह गहरी समझ रखने वाले और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके परिजनों और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।’’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी रवीश तिवारी के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा, ‘‘वह एक युवा, उज्ज्वल और पेशेवर पत्रकार थे, जो जीवन की उमंग से भरपूर थे।’’

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘रवीश तिवारी नवोदय विद्यालय, आईआईटी मुंबई और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़े थे। वह पढ़े-लिखे और वस्तुनिष्ठ पत्रकारों में से एक थे। जब मैं पर्यावरण मंत्री था तो वह मेरे काम की आलोचना करते थे, लेकिन हम दोनों अच्छे दोस्त थे। केवल चार दिन पहले ही हमने लंबी बातचीत की थी। उनकी असामयिक मौत से काफी दुखद है।’’

इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट ने अपने अध्यक्ष विवेक गोयनका के हवाले से कहा, “रवीश हमारे पेशे में एक दुर्लभ, अनोखे पत्रकार थे। उन्होंने हमेशा सभी की बात सुनी, क्योंकि उन्हें पता था कि देश की राजनीतिक नब्ज को परखने और इसे हमारे पाठकों और दर्शकों को समझाने का यही सबसे अच्छा और एकमात्र तरीका है।’’

विवेक गोयनका ने कहा, ‘‘हम उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। एक रिपोर्टर और एक संपादक के रूप में, उन्होंने आगे आकर नेतृत्व किया। रवीश अपने काम के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। जो न्यूज़ रूम और उससे जुड़े सभी लोगों के लिए एक स्थायी प्रेरणा होगी।’’

इंडियन एक्सप्रेस के मुख्य संपादक राज कमल झा ने रवीश के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन सवाल पूछने के अपने तरीकों से रवीश हमेशा याद किए जाएंगे।

Ravish Tiwari
Ravish Tiwari passes away
Senior journalist Ravish Tiwari

Related Stories


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?
    04 Mar 2022
    नेपाली संसद में कई हफ़्तों तक चली उठापटक नतीजा आख़िरकार अमेरिका की एमसीसी के साथ 500 मिलियन डॉलर का समझौता रहा। इस समझौते के पहले सरकार के समझौते का विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों ने बड़े विरोध…
  • mamta banerjee
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट
    04 Mar 2022
    बंगाली समाज के लोग बनारस में पीढ़ियों से बंग संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। पिछले कई चुनावों से वह बीजेपी को वोट देते आए हैं। इस बार ममता बनर्जी का अपमान और उनको यह कहना कि वो हिन्दू नहीं हैं, अंदर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य
    04 Mar 2022
    शांति के लिए काम करने वाले एबी मार्टिन और ब्रायन बेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के सिलसिले में युद्ध विरोधी आंदोलन की दिशा में चर्चा करने के लिए आपस में मिले
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,396 नए मामले, 201 मरीज़ों की मौत
    04 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.16 फ़ीसदी यानी 69 हज़ार 897 हो गयी है।
  • mbbs
    रवि कौशल
    सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की बजाय मंदिरों को प्राथमिकता दी,  इसी का ख़ामियाज़ा यूक्रेन में भुगत रहे हैं छात्र : मेडिकल विशेषज्ञ
    04 Mar 2022
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, चीन और पूर्वी यूरोपीय देशों में मेडिकल की डिग्री हासिल करने के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की बड़ी तादाद की मुख्य वजह देश के निजी चिकित्सा संस्थानों की मोटी फीस है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License