NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
सीरो सर्वे :  क्या दिल्ली में कोरोना का खतरा टल गया है?
लगभग दो करोड़ की आबादी वाले दिल्ली में सीरो सर्वे के नतीजे को सरकार राहत देने वाली खबर मान रही है तो वहीं कई एक्सपर्ट्स इसे खतरे की घंटी भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना की स्थिति दिल्ली में जितनी बताई जा रही है उससे कहीं ज़्यादा ख़राब है।
सोनिया यादव
23 Jul 2020
covid-19
image courtesy : Deccan Herald

“दिल्ली सरकार ने हर महीने सीरोलॉजिकल सर्वे करवाने का फैसला किया है ताकि पता लगाया जा सके कि कितने फीसदी लोगों को इंफेक्शन हो चुका है। इससे दिल्‍ली में कोरोना के प्रसार को समझने में आसानी होगी।”

ये बयान दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का है। सत्येंद्र जैन नेशनल सेंटर फॉर डिजीज़ कंट्रोल की ओर से दिल्ली में कराए गए सीरो सर्वे की रिपोर्ट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस सरकारी सर्वे के लिए दिल्ली में रैंडम तरीक़े से 21,387 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। इनमें 23.48 प्रतिशत लोगों के ब्लड में कोविड-19 एंटीबॉडी पाया गया। यानी कोविड-19 से दिल्ली की करीब एक चौथाई आबादी संक्रमित होकर ठीक हो चुकी है।

सीरो सर्वे की इस रिपोर्ट को दो तरीके से आंका जा रहा है। जहां दिल्ली सरकार इसे राहत देने वाली खबर मान रही है तो वहीं कई एक्सपर्ट्स इसे खतरे की घंटी भी बता रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल देशभर में कम टेस्टिंग को लेकर भी उठ रहे हैं। जिसे विपक्ष लगातार बढ़ते संक्रमण का कारण बताकर सरकार को घेर रहा है।

सीरोलॉजिकल सर्वे और एंटीबॉडी क्या है?

सीरोलॉजिकल टेस्ट एक तरीक़े का ब्लड टेस्ट है जो व्यक्ति के खून में मौजूद एंटीबॉडीज की पहचान करता है। इस सर्वे के तहत लोगों के ब्लड सैंपल लिए जाते हैं, इम्यून सिस्टम द्वारा बनाए गए प्रोटीन पर फ़ोकस कर जांच होती है। दरअसल यही प्रोटीन वायरस के प्रभाव को कम करते हैं, इसे ही एंटीबॉडी कहा जाता है। इस तरह सीरो टेस्ट से ये पता लगाया जाता है कि कितने लोगों के शरीर में कोरोना वायरस के लिए एंटीबॉडी बनी हैं।

कोरोना के मामले में सीरो सर्वे से ऐसे लोगों की जानकारियां सामने आ रही हैं जो कोरोना इंफेक्टेड तो हुए, लेकिन एसिंप्टोमेटिक रहे यानी उनमें कोई लक्षण नहीं दिखाई दिया। उनका शरीर ख़ुद वायरस से लड़ा और एंटीबॉडी बनने लगी।

कई जानकारों के मुताबिक भारत में वायरस संक्रमण के प्रसार को पाँच महीने से ज़्यादा का समय हो चुका है ऐसे में दिल्ली में कराए गए इस सीरो सर्वे से भविष्य की परिस्थितियों का अंदाजा भी लगाया जा सकता है।

बता दें कि दिल्ली में सीरो सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच कराए गए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली में कोरोना का एक पीक जा चुका है। इसकी पुष्टि एम्स के डाक्टर रणदीप गुलेरिया भी कर चुके हैं।

क्या सीरो सर्वे राहत वाली खबर है?

छह सालों तक विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े और पब्लिक हेल्थ फ़ाउंडेशन ऑफ इंडिया के डॉक्टर गिरधर आर बाबू ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि बाक़ी राज्यों के लिए भी दिल्ली के सीरो सर्वे के नतीजे मील का पत्थर साबित होंगे। संक्रमण पर क़ाबू पाने के लिए इन नतीजों का और बेहतर इस्तेमाल हो सकता है। उनके मुताबिक़ हर ढाई से तीन महीने में इस तरह के सर्वे को दोबारा करना चाहिए। तब इसके नतीजों को ज्यादा बेहतर समझा जा सकता है।

चंडीगढ़ पीजीआई में वायरोलॉजी के रिटायर्ड प्रोफ़ेसर एसपी सिंह के मुताबिक दिल्ली के सीरो सर्वे के नतीजे खुश होने वाले नहीं हैं क्योंकि दिल्ली की 77 फीसदी तो अभी भी ख़तरे में ही है। लेकिन ये सर्वे बाकि राज्यों के लिए एक उदाहरण जरूर हैं। जिन राज्यों में कोरोना की रफ़्तार तेज़ी से बढ़ रही है, वहाँ वायरस के बारे में जानने के लिए इस सर्वे से मदद मिल सकती है।  

एसपी सिंह ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया, कोरोना वायरस के प्रचार-प्रसार को लगभग 5-6 महीने हो गए हैं। ऐसे में अब इस वायरस के पैटर्न को समझ कर धीरे-धीरे आगे की तैयारी कर सकते हैं। अभी तक इस वायरस के व्यवहार में कोई ख़ास बदलाव देखने को नहीं मिला है। कोरोना की स्थिति दिल्ली में जितनी बताई जा रही है उससे कहीं ज़्यादा ख़राब है। जो चिंताजनक बात इस सर्वे में सामने आई है वो ये है कि जितने लोग इस में पॉज़िटिव पाए गए हैं वो एसिम्प्टोमेटिक हैं यानी ऐसे लोग कोरोना संक्रमण को कई गुना फैला सकते हैं।

दिल्ली में हर्ड इम्यूनिटी की स्थिति

हर्ड इम्युनिटी विकसित होने से मतलब है कि शरीर का इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बाहरी तत्वों द्वारा शरीर पर किए जा रहे आक्रमण को रोक कर आपको बीमार पड़ने से बचाता है। इस वायरस के खिलाफ लोगों के अंदर ऐसी ही हर्ड इम्युनिटी डेवलप होने की जरूरत है।  

हर्ड इम्यूनिटी के संबंध में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एक्सपर्ट्स के अनुसार 40 से 70 प्रतिशत लोग संक्रमित होकर ठीक हो जाते हैं तो हर्ड इम्युनिटी बन जाती है। अभी तक दिल्ली में 24 फीसदी का डेटा आ चुका है और वे ठीक हो चुके हैं, लेकिन अभी भी नए केस आ रहे हैं। इसलिए अभी यह कहना कि हर्ड इम्युनिटी बन रही है, संभव नहीं है। हर्ड इम्युनिटी तभी कहेंगे, जब नए केस आने बंद हो जाएंगे। सामुदायिक फैलाव के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि समुदाय में फैलाव है।

गौरतलब है कि सीरो सर्वे संक्रमण फैलने के किस स्तर पर कराया गया है, ये भी महत्वपूर्ण होता है। संक्रमण के शुरुआती दिनों के नतीजों से बहुत ज़्यादा जानकारी नहीं मिलती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताब़िक दुनिया के कई बड़े शहरों में इस तरह के सीरो सर्वे कराए गए हैं। वहाँ भी सर्वे के रिजल्ट में 8 से 28 फ़ीसदी तक कोरोना संक्रमण की बात सामने आई है। स्पेन सीरो सर्वे में करीब पांच फीसदी आबादी में एंटीबॉडी बनने की बीत सामने आई। लेकिन वहां की सरकार ने इसे दूसरे चश्में से देखा और ये निष्कर्ष निकाला कि 95 फीसदी आबादी अभी भी खतरे में है। ऐसे ही जानकारों के अनुसार दिल्ली में अभी खतरा टला नहीं है। बहरहाल, इस सर्वे से एक बात फिर साबित हो गई कि कमोबेश भारत में कोरोना की स्थिति दुनिया से कुछ खास अलग नहीं हैं।

Coronavirus
COVID-19
Sero survey
Corona in Delhi
Corona cases
Corona Crisis
delhi government
Arvind Kejriwal

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन की वजह से घर-घर चक्कर काट रहे हैं गृह मंत्री : धर्मेंद्र मलिक
    29 Jan 2022
    जाटलैंड यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन ने कितनी बदली है तस्वीर, क्या चलेगा भाजपा का सांप्रदायिक कार्ड, इस पर वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की भारतीय किसान यूनियन के अहम चेहरे और मीडिया…
  • uttarpradesh
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: जिसके सर होगा पूर्वांचल का हाथ, वही करेगा यूपी में राज!
    29 Jan 2022
    देश का सबसे बड़ा सियासी सूबा उत्तर प्रदेश हर बार यही सोचता है कि इस बार तो विकास पर चुनाव होंगे, लेकिन गाड़ी आकर आखिरकार जातिवाद पर ही अटक जाती है, ऐसे में पूर्वांचल का जातीय समीकरण हर बार राजनीतिक…
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड 2022: क्या खदबदा रहा है पहाड़ के भीतर, पहाड़ की सियासत, पहाड़ के सवाल
    29 Jan 2022
    सन् 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना उत्तराखंड राज्य आज तक अपनी तकदीर नहीं बदल पाया। हर बार इस आशा में सरकार बदलता है कि शायद इस बार अच्छा होगा...लेकिन इसके अच्छे दिन नहीं आते। भाजपा और कांग्रेस…
  • GANDHI JI
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: टीवी स्टूडियो में गांधी जी के साथ महाबहस
    29 Jan 2022
    बापू मुस्कुरा के बोले— मुझे तो इतने साल पहले मारा जा चुका है। फिर आप मुझे मारने के लिए अब क्यों परेशान हो रहे हैं?
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपीः योगी सरकार के 5 साल बाद भी पानी के लिए तरसता बुंदेलखंड
    29 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश को बुंदेलखंड स्पेशल पैकेज के तहत जितना पैसा दिया गया उसका 66% यानी 1445.74 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पानी का संकट दूर करने के लिए किया गया लेकिन स्थिति नहीं बदली।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License