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घटना-दुर्घटना
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भीलवाड़ा में अवैध खदान का मलबा ढहने से सात मज़दूरों की मौत
लाछुडा गांव में बुधवार को खनन कार्य के दौरान खदान का एक तरफ का मलबा ढह जाने से उसमें तीन महिलाएं और चार पुरुष मजदूर दब गये। ये हादसा स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाता है क्योंकि ये खदाना खनन विभाग की ओर से सीज कर दी गई थी, इसके बाद भी इसमें खनन जारी कैसे था?  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2021
भीलवाड़ा में अवैध खदान का मलबा ढहने से सात मज़दूरों की मौत
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में बुधवार को खनन कार्य के दौरान खदान का एक तरफ का मलबा ढह गया, जिसमें सात मजदूर दब गए। हादसे में तीन महिलाओं समेत सात मजदूरों की मौत हो गई। लेकिन ये हादसा स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाता है क्योंकि ये खदान खनन विभाग की ओर से सीज कर दी गई थी, इसके बाद भी इसमें खनन जारी कैसे था? 

भीलवाड़ा के जिलाधिकारी शिव प्रसाद नकाते ने बताया कि लाछुडा गांव में बुधवार को खनन कार्य के दौरान खदान का एक तरफ का मलबा ढह जाने से उसमें तीन महिलाएं और चार पुरुष मजदूर दब गये। उनके मुताबिक, तीन महिला और तीन पुरुष मजदूरों के शवों को निकाला जा चुका है। उन्होंने बताया कि मलबे में दबे एक अन्य को निकालने का प्रयास जारी है।

नकाते ने बताया कि खदान गैर-कानूनी रूप से संचालित की जा रही थी और छोटी सी जगह पर खनन कार्य किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व इस स्थान पर गैर-कानूनी खनन करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेसीबी और अन्य मशीनों को जब्त किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सहायक पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रहलाद भाट (19), धर्मा भाट (25), काना ऊर्फ कन्हैया (21), धनेश भील (23), हिंगलाज भाट (23), मीना भील (19) पुत्री हजारी भील व मीना भील (24) पुत्री भाबू भील के रूप में की गई है।

पोस्टमार्टम के लिये शवों को करेडा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के शवगृह में रखवाया गया है।

नवभारत टाइम्स के खबर के मुताबिक ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को इस अवैध खनन के बारे में कई बार शिकायत की गयी थी, लेकिन अधिकारियों ने इस पर ध्‍यान नहीं दिया। और आज यह खान ढहने की दुर्घटना हो गयी। 

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक इस अवैध खनन के खिलाफ तीन महीने पहले एफआइआर कर पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया था। बाद में जेल से छूटने के बाद अवैध धंधे में लिप्त लोगों ने पांच-सात दिन पहले फिर से इस प्रकार का काम करना शुरू किया।

इस हादसे में  जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रुपये की मदद दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Ilegal mine
Minin
Bhilwara
Rajasthan
workers safety

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