NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल के प्रस्तावित एनेक्सेशन के विरोध में कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि फिलिस्तीनियों के साथ शामिल हुए
जेरिको में विरोध प्रदर्शन एनेक्सेशन के ख़िलाफ़ पैलेस्टिनियन अथॉरिटी के पॉपुलर एक्टिविटी का हिस्सा था।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jun 2020
इज़रायल

हज़ारों फिलिस्तीनियों ने सोमवार 22 जून को वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों को मिलाने की प्रस्तावित इज़रायली योजना के ख़िलाफ़ वेस्ट बैंक के क़ब्ज़े वाले जेरिको में किए गए विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

इस एनेक्सेशन का विरोध करने के लिए पैलेस्टिनियन अथॉरिटी द्वारा अपने पॉपुलर एक्टिविटी कार्यक्रम के तहत ये विरोध प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों के साथ मध्य पूर्व के लिए संयुक्त राष्ट्र के शांति दूत निकोलय म्लादेनोव और चीन, रूस, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और जॉर्डन के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें से कुछ प्रतिनिधियों ने बैठक को संबोधित किया और द्विराष्ट्र समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराया और इज़रायली योजना का विरोध करने का संकल्प लिया।

बेंजामिन नेतन्याहू की अगुवाई में इज़रायल की नई गठबंधन सरकार ने घोषणा की है कि वह 1 जुलाई से इज़रायल की संप्रभुता का विस्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी जो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इस साल जनवरी में घोषित किए गए "शांति योजना" के प्रस्तावों के अनुसार वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों और जॉर्डन घाटी को लेकर किया जाएगा।

ट्रम्प के प्रस्ताव को फिलिस्तीनियों ने एकतरफा और इज़रायल समर्थक बता कर ख़ारिज कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों के हिस्सों को मिलाने वाला कोई भी फैसला वार क्राइम (युद्ध अपराधों) की ओर बढ़ाएगा और द्वि-राष्ट्र समाधान की सभी संभावनाओं को समाप्त कर देगा।

विरोध प्रदर्शन के दौरान बोलते हुए म्लादेनोव ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि एनेक्सेशन अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ है और यदि ऐसा होता है तो यह इस विचार को समाप्त कर सकता है कि फिलीस्तीनी लोगों के लिए शांति और राष्ट्र का दर्जा के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।" फिलिस्तीनी नई एजेंसी डब्ल्यूएएफए ने इसकी जानकारी दी।

यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि स्वेन कुह्न वॉन बर्गस्डोर्फ ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप और दोनों पक्षों द्वारा सहमति के अलावा हम 1967 से क़ब्ज़ा किए गए इन क्षेत्रों पर इज़रायल की संप्रभुता को मान्यता नहीं देते हैं इसलिए हम इसके व्यापक प्रभाव और इस स्थिति की बारीकी से निगरानी करेंगे और इसके अनुसार हम कार्य करेंगे।”

COVID-19 प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद विरोध प्रदर्शन किए गए। क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में सोमवार को संक्रमण के 142 नए मामले दर्ज किए गए। COVID-19 मामलों की कुल संख्या 1100 से अधिक हो गई।

Israel
Palestinians
Protest against Israel
Benjamin Netanyahu
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License