NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं के मौलिक अधिकारों का अपमान है : सुप्रीम कोर्ट
शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक आदेश को बरकरार रखते हुए ये टिप्पणियां कीं जिसने एक बैंक की महिला कर्मचारी के स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया था। महिला ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
भाषा
11 Mar 2020
sc

दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं के समानता, गरिमा के साथ जीने और किसी भी पेशे को अपनाने के उनके मौलिक अधिकारों का “अपमान” है। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक आदेश को बरकरार रखते हुए ये टिप्पणियां कीं जिसने एक बैंक की महिला कर्मचारी के स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया था।

महिला ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़ और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (बचाव, रोकथाम एवं निवारण) अधिनियम, 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से बचाव के अलावा ऐसी शिकायतों के निपटान के लिए लागू किया गया था।

पीठ ने 25 फरवरी को दिए अपने आदेश में कहा, “कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15 के तहत समानता के महिलाओं के मौलिक अधिकार और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त गरिमापूर्ण जीवन जीने के उसके अधिकार तथा किसी भी पेशे, व्यापार या कारोबार को अपनाने के अधिकार का अपमान है।” पीठ ने कहा कि उसके सामने रखा गया मामला दिखाता है कि महिला अधिकारी ने बैंक की इंदौर शाखा में अपनी तैनाती के दौरान अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर शराब ठेकेदारों के खातों के प्रबंधन में गड़बड़ी की तरफ ध्यान खींचा था और भ्रष्टाचार के खास आरोप लगाए थे।

पीठ ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रतिवादी (महिला अधिकारी) को प्रताड़ित किया गया है। शाखा में अनियमितता की उनकी रिपोर्ट पर बदला लिया गया है। उनका स्थानांतरण कर दिया गया और ऐसी शाखा में भेजा गया जिसमें स्केल-1 के अधिकारी को जगह मिलनी चाहिए थी।” महिला अधिकारी को दिसंबर 2017 में इंदौर से जबलपुर जिले के सरसावा शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया था। उन्होंने अधिकारियों को एक प्रतिवेदन सौंपा और इंदौर में ही तैनात रहने देने का अनुरोध किया था।

महिला अधिकारी ने आरोप लगाया था कि एक वरिष्ठ अधिकारी देर रात उसे घर पर फोन किया करता था और ऐसे कार्यों की चर्चा करता था जिनपर तत्काल गौर किए जाने की जरूरत नहीं होती थी। पीठ ने निर्देश दिया कि महिला अधिकारी को एक साल के लिए फिर से इंदौर शाखा में पोस्ट किया जाए।

woman worker
Supreme Court
woman right
sexual harassment at workplace

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • ऋचा चिंतन
    WHO की कोविड-19 मृत्यु दर पर भारत की आपत्तियां, कितनी तार्किक हैं? 
    25 Apr 2022
    भारत ने डब्ल्यूएचओ के द्वारा अधिक मौतों का अनुमान लगाने पर आपत्ति जताई है, जिसके चलते इसके प्रकाशन में विलंब हो रहा है।
  • एजाज़ अशरफ़
    निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है
    25 Apr 2022
    जहांगीरपुरी में वृंदा करात के साहस भरे रवैये ने हिंदुत्ववादी विध्वंसक दस्ते की कार्रवाई को रोका था। मुस्लिम और दूसरे अल्पसंख्यकों को अब तय करना चाहिए कि उन्हें किसके साथ खड़ा होना होगा।
  • लाल बहादुर सिंह
    वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव को विभाजनकारी एजेंडा का मंच बनाना शहीदों का अपमान
    25 Apr 2022
    ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध हिन्दू-मुस्लिम जनता की एकता की बुनियाद पर लड़ी गयी आज़ादी के लड़ाई से विकसित भारतीय राष्ट्रवाद को पाकिस्तान विरोधी राष्ट्रवाद (जो सहजता से मुस्लिम विरोध में translate कर…
  • आज का कार्टून
    काश! शिक्षा और स्वास्थ्य में भी हमारा कोई नंबर होता...
    25 Apr 2022
    SIPRI की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार ने साल 2022 में हथियारों पर जमकर खर्च किया है।
  • वसीम अकरम त्यागी
    शाहीन बाग़ की पुकार : तेरी नफ़रत, मेरा प्यार
    25 Apr 2022
    अधिकांश मुस्लिम आबादी वाली इस बस्ती में हिंदू दुकानदार भी हैं, उनके मकान भी हैं, धार्मिक स्थल भी हैं। समाज में बढ़ रही नफ़रत क्या इस इलाक़े तक भी पहुंची है, यह जानने के लिये हमने दुकानदारों,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License