NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अपने ही मृतक कर्मचारियों के परिजनों से 50 हजार रुपये ठग रही है शिवराज सरकार : माकपा
मृतक कर्मचारियों के जिन परिजनों को मुआवजा मिला भी है, वह भी पांच लाख रुपए की बजाय सिर्फ साढ़े चार लाख रुपए है। संबंधित कर्मचारी की मृत्यु के समय दाह संस्कार के समय दिए जाने वाले एक्सग्रेसिया की 50 हजार रुपए की राशि को काट कर भुगतान किया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Aug 2021
 शिवराज सरकार

मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि कोरोना की दूसरी लहर का शिकार हुए शासकीय कर्मचारियों के परिजनों को पांच लाख रुपए मुआवजा और एक आश्रित को शासकीय सेवा में स्थाई रोजगार दिया जायेगा। परन्तु अब उस पर आरोप लग रहे है कि वो कोरोना की दूसरी लहर के शिकार हुए राज्य सरकार के कर्मचारियों के परिजनों के साथ भी धोखाधड़ी कर रही है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि अभी तक राज्य सरकार ने इस घोषणा पर अमल नहीं किया है। राज्य सरकार जो कर रही है, वह पीडि़त परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

माकपा नेता ने कहा है कि मृतक कर्मचारियों के जिन परिजनों को मुआवजा मिला भी है, वह भी पांच लाख रुपए की बजाय सिर्फ साढ़े चार लाख रुपए है। संबंधित कर्मचारी की मृत्यु के समय दाह संस्कार के समय दिए जाने वाले एक्सग्रेसिया की 50 हजार रुपए की राशि को काट कर भुगतान किया गया है, जबकि एक्सग्रेसिया तो सरकार द्वारा मृतक के अंतिम संस्कार के लिए दी गई राशि होती है, उसे कभी भी मुआवजे या क्षति पूर्ति राशि के साथ नहीं जोड़ा जाता है।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर का शिकार होने वाले समस्त कर्मचारियों के परिजनों को मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी तुरंत दी जानी चाहिए और एक्सग्रेसिया के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को रोक कर पूरी पांच लाख की राशि दी जाए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कर्मचारी की मौत पर आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति जो होनी थी वो अभी तक किसी की भी नहीं हुई है। इसी तरह राज्य सरकार ने कर्मचारियों के काल में कई एलान किए थे परन्तु आज भी वो हवा हवाई हैं, धरातल पर नहीं है और जिन योजनाओं का लाभ कर्मचारियों के परिजनों को मिल रहा है उसमें भी उन्हें या तो पूरा लाभ नहीं मिल रहा या उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
खैर इस पर मध्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने मीडिया से कहा था कि "जो मुख्यमंत्री ने कहा है वो अक्षरश: लागू होगा।" लेकिन सवाल वही कब पूरा होगा?

Madhya Pradesh
Shivraj Singh Chauhan
BJP
cpim.

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License