NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सिद्धू शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे
पार्टी के एक नेता ने बुधवार को अमृतसर में संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री से कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि प्रदेश इकाई के नवनियुक्त प्रमुख और चार कार्यकारी अध्यक्षों की ओर से मुख्यमंत्री को न्योता भेजा जाना तय है।
भाषा
22 Jul 2021
सिद्धू

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और चार अन्य कार्यकारी अध्यक्ष शुक्रवार को यहां अपना-अपना कार्यभार संभालेंगे और इस मौके पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को आमंत्रित किया जाएगा।

सिद्धू मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ की जगह लेंगे। सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच पिछले कुछ समय से तकरार चल रही है। अमृतसर (पूर्व) के विधायक ने हाल में मुख्यमंत्री पर बेअदबी के मामलों को लेकर निशाना साधा था।

मुख्यमंत्री राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सिद्धू की नियुक्ति के भी खिलाफ थे। सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह उनसे तब तक नहीं मिलेंगे जब तक कि सिद्धू उनके खिलाफ अपने ‘‘अपमानजनक’’ ट्वीट के लिए माफी नहीं मांगते हैं।

पार्टी के एक नेता ने बुधवार को अमृतसर में संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री से कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि प्रदेश इकाई के नवनियुक्त प्रमुख और चार कार्यकारी अध्यक्षों की ओर से मुख्यमंत्री को न्योता भेजा जाना तय है।

सूत्रों ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) में पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कड़े विरोध के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को सिद्धू को पार्टी की पंजाब इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। गांधी ने अगले विधानसभा चुनावों में सिद्धू की सहायता के लिए चार कार्यकारी अध्यक्षों संगत सिंह गिलजियां, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन गोयल, कुलजीत सिंह नागरा को भी नियुक्त किया था।

इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने कहा था कि मुख्यमंत्री सिद्धू से तब तक नहीं मिलेंगे जब तक कि वह सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ अपने ‘‘अपमानजनक’’ ट्वीट के लिए माफी नहीं मांगते है।

नागरा ने कहा कि उन्होंने एआईसीसी के पदाधिकारियों, मुख्यमंत्री और पार्टी कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया है। नागरा ने अमृतसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्हें नई टीम को आशीर्वाद देने के लिए कार्यक्रम में पहुंचना चाहिए। हम जाखड़ साहब और मुख्यमंत्री साहब से अनुरोध करते हैं कि वे इसमें शामिल हों।’’

सूत्रों ने कहा कि नागरा के बृहस्पतिवार को अमरिंदर सिंह से मिलने की संभावना है जबकि उन्हें शुक्रवार के समारोह के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है।

इससे पहले बुधवार दिन में अमृतसर में सिद्धू के आवास पर पार्टी के करीब 60 विधायक उनसे मिलने पहुंचे, जिसे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ चल रहे उनके विवाद के बीच पंजाब में पार्टी पर अपनी पकड़ दिखाने का सिद्धू का एक तरह से शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।

पंजाब विधानसभा में कांग्रेस के कुल 80 विधायक हैं।

अमृतसर जाने से पहले सिद्धू पिछले कुछ दिनों से चंडीगढ़ में मंत्रियों और विधायकों से समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे थे। सिद्धू पहले भी कई मंत्रियों और विधायकों से मिल चुके हैं।

navjot singh sidhu
Congress
Punjab Congress President
capt amrenider singh

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...


बाकी खबरें

  • हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी
    पीपल्स डिस्पैच
    हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी
    02 Sep 2021
    इज़रायली अधिकारियों ने जल आपूर्ति में वृद्धि के साथ-साथ गाज़ा से अतिरिक्त 5000 फ़िलीस्तीनियों को इज़रायल में एंट्री परमिट देने की भी घोषणा की।
  • दो दशकों के "आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध" के चलते क़रीब दस लाख मौतें हुई, 37 मिलियन विस्थापित हुए
    पीपल्स डिस्पैच
    दो दशकों के "आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध" के चलते क़रीब दस लाख मौतें हुई, 37 मिलियन विस्थापित हुए
    02 Sep 2021
    अनुमान के अनुसार इन युद्धों में अकेले अमेरिका द्वारा 8 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक खर्च किया गया है। इसके सहयोगियों में यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी आदि सहित दर्जनों देश हैं जिन्होंने कुल मिलाकर काफी…
  • Yati Narsinghanand Saraswati
    सोनिया यादव
    महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा बोलने के आरोपी यति नरसिंहानंद पर सिर्फ केस दर्ज होना काफ़ी नहीं है!
    02 Sep 2021
    ये विडंबना ही है कि मुस्लिमों के खिलाफ नियमित तौर पर हिंसक और भड़काऊ भाषण दिए जाने पर नरसिंहानंद का समर्थन करने वाले बीजेपी नेता अब उनसे दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
  • गाय और जस्टिस शेखर: आख़िर गाय से ही प्रेम क्यों!
    शंभूनाथ शुक्ल
    गाय और जस्टिस शेखर: आख़िर गाय से ही प्रेम क्यों!
    02 Sep 2021
    जस्टिस शेखर कुमार यादव ने गाय पर एक नई बहस छेड़ दी है। आज जिस तरह का माहौल है, उसमें यह टिप्पणी केंद्र की बीजेपी सरकार को एकदम मुफ़ीद बैठ रही है।
  • ‘नेहरु की स्मृति मिटाओ’ योजना भाजपा के हिन्दू राष्ट्र मंसूबे के लिए बेहद ज़रूरी है
    स्मृति कोप्पिकर
    ‘नेहरु की स्मृति मिटाओ’ योजना भाजपा के हिन्दू राष्ट्र मंसूबे के लिए बेहद ज़रूरी है
    02 Sep 2021
    देश के पहले प्रधानमंत्री की विरासत को पूरी तरह से मिटा पाना आसान काम नहीं है, लेकिन भाजपा-आरएसएस की जोड़ी लगातार इसे मिटाने की कोशिशों में जुटी रहेगी, जब तक कि इसका कोई जवाबी प्रतिरोध न हो।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License