NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एएमयूः 'पुलिस में शिकायत करने वाले छात्रों को निकाल दिया जाएगा और आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे'
कारवां-ए-मोहब्बत और इंडियन कल्चर फोरम (ICF) की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने 17 दिसंबर को विश्वविद्यालय का दौरा किया था। टीम ने फैकल्टी के सदस्यों, छात्रों, डॉक्टरों और विश्वविद्यालय प्रशासन के कई सदस्यों के साथ रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर सहित कई आला अधिकारियों के साथ मुलाकात की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Dec 2019
The Siege of Aligarh Muslim
Image Courtesy : Outlook India

एनआरसी और सीएए को लेकर नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों पर जिस दिन पुलिस बर्बर कार्रवाई कर रही थी ठीक उसी दिन यानी 15 दिसंबर को यूपी पुलिस अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रों पर क़हर ढा रही थी।

यूपी पुलिस की बर्बरता की दास्तान विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले 19 वर्षीय लॉ के एक छात्र कारवां-ए-मोहब्बत और इंडियन कल्चर फोरम (ICF) की फैक्ट फाइंडिंग टीम को बताते हैं। आईसीएफ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ वे कहते हैं ‘15 दिसंबर की रात जब पुलिस यूनिवर्सिटी परिसर में घुसी तो मैंने लाइब्रेरी से घर की तरफ जाने की कोशिश की। लेकिन इस दौरान मेरा सामना पुलिस से हो गया और में बर्बर कार्रवाई का शिकार हो गए।

इस घटना में मेरा हाथ टूट गया और पुलिस ने मुझे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने थाना ले जाने के लिए मुझे ट्रक में बैठा लिया और रास्ते भर टूटे हुए हाथ को मरोड़ती रही और सांप्रदायिक तंज करती रही। थाना में मेरे कपड़े उतार कर चमड़े के बेल्ट से पीटा गया।' इस घटना के संबंध में वे पुलिस को शिकायत करना नहीं चाहते हैं।

फैक्ट फाइंडिंग टीम ने 17 दिसंबर को विश्वविद्यालय का दौरा किया था। टीम ने फैकल्टी, छात्रों, डॉक्टरों और विश्वविद्यालय प्रशासन के कई सदस्यों के साथ रजिस्ट्रार और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर सहित कई अधिकारियों के साथ मुलाकात की। टीम की वाइस चांसलर से मुलाकात नहीं हो सकी। उन्हें कहा गया वाइस चांसलर आउट ऑफ स्टेशन हैं। ये बात सुनकर टीम के सदस्य हैरान रह गए कि महज़ दो दिनों पहले यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिस ने छात्रों पर कार्रवाई की थी और वे अलीगढ़ में नहीं हैं।

एएमयू का दौरा करने वाली टीम को कई छात्रों ने कहा कि उन्हें यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से चेतावनी दी गई है कि अगर कोई भी छात्र पुलिस में शिकायत करता है तो उन्हें यूनिवर्सिटी से निकाल दिया जाएगा और उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामलों सहित राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस डर से कई घायल छात्र इलाज के लिए सरकारी अस्पताल नहीं गए कि उनका नाम सार्वजनिक हो जाएगा और प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगी।

यूनिवर्सिटी का दौरा करने वाली फैक्ट फाइंडिंग टीम में हर्ष मंदर (मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखक), नंदिनी सुंदर (प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय), जॉन दयाल (वरिष्ठ पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता), नताशा बधवार (फिल्म निर्माता), विमल (एनएपीएम से जुड़े मानवाधिकार कार्यकर्ता), अंकिता रामगोपाल (वकील, करवान ए मोहब्बत), सुमित कुमार गुप्ता (वकील, करवान ए मोहब्बत), इशिता मेहता (भारतीय लेखक मंच), वर्दा दीक्षित (भारतीय लेखक मंच), वर्ना बालकृष्णन (शोधकर्ता, करवान ए मोहब्बत), सैयद मोहम्मद ज़हीर (शोधकर्ता, करवान ए मोहब्बत), अनवर हक (करवान ए मोहब्बत) और संदीप यादव (फोटोग्राफर, कारवान ए मोहब्बत) शामिल थें।

टीम के सदस्यों ने बताया कि जब उन्होंने 17 दिसंबर को दोपहर के समय यूनिवर्सिटी में प्रवेश किया तो आंसू गैस के गोले के खोखे इधर-उधर पड़े देखे लेकिन ख़ून के धब्बे और टूटी हुई गाड़ियां नहीं देखी। एक ही दिन में हिंसा की सभी निशानियों को बड़ी चालाकी से मिटा दिया गया। 17 दिसंबर तक विश्वविद्यालय में रहने वाले लगभग 21 हज़ार छात्रों को ख़ाली करा दिया गया। छात्रों के बिना परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था। चारों तरफ तैनात पुलिस बल को देखा जा सकता था।

बता दें कि 11 दिसंबर को राज्यसभा से नागरिकता संशोधन क़ानून पास होने के बाद विश्वविद्यालय को छात्रों ने डाइनिंग हॉल का बहिष्कार करते हुए सामूहिक भूख हड़ताल किया और शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के बावजूद छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी दायित्वों को निर्वहन करते हुए अपने परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहे और लाइब्रेरी में पढ़ाई करते रहे।

फैक्ट फाइंडिंग टीम की पूरी रिपोर्ट आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

CAA
NRC
CAB
NPR
AMU
UP police
delhi police
CM Yogi Adityanath
BJP
RSS

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कानपुर हिंसा: दोषियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमे का आदेश... नूपुर शर्मा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं!

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • bjp -sp
    असद रिज़वी
    उत्तर प्रदेश: मौसम ठंडा, राजनीति गर्म, भाजपा-सपा ने पूर्वांचल पर लगाया ज़ोर
    10 Nov 2021
    403 सीटों वाली प्रदेश की विधानसभा में क़रीब 164 सीटें पूर्वांचल के 28 ज़िलों में हैं। माना जाता है जिसका पूर्वांचल पर क़ब्ज़ा होता है, वही प्रदेश पर राज करता है।
  • lal
    लाल बहादुर सिंह
    ‘डबल इंजन’ सरकार का हाल: पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स में इस साल भी यूपी सबसे नीचे
    10 Nov 2021
    यह कोई चुनाव पूर्व माहौल बनाने के लिए होने वाला प्रायोजित सर्वे नहीं है, अपितु ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉ. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में काम कर रहे थिंक-टैंक की रिपोर्ट है, जो शासन की गुणवत्ता के आधार…
  • minimum wage
    रौनक छाबड़ा
    ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’
    10 Nov 2021
    ट्रेड यूनियनों की ओर से मांग की जा रही है कि न्यूनतम वेतन को बढ़ा कर 26,000 रूपये करने के साथ-साथ असंगठित श्रमशक्ति को 7,500 रूपये का मासिक नकद समर्थन दिया जाए। इन्हीं मांगों पर दबाव बनाने के लिए उनकी…
  • climate
    अजय कुमार
    क्लाइमेट फाइनेंस: कहीं खोखला ना रह जाए जलवायु सम्मेलन का सारा तामझाम!
    10 Nov 2021
    जलवायु सम्मेलन में क्लाइमेट फाइनेंस का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण है। अगर क्लाइमेट फाइनेंस पर सहमति नहीं बनी तो क्लाइमेट जस्टिस नहीं हो पाएगा। नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन से जुड़े सारे वादे खोखले रह जाएंगे। 
  • corna
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 11,466 नए मामले, 460 मरीज़ों की मौत
    10 Nov 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 43 लाख 88 हज़ार 579 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License