NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
दिल्ली में कॉन्ट्रैक्ट स्वास्थ्य कर्मियों का सांकेतिक विरोध, बड़े आंदोलन की चेतावनी
कॉन्ट्रैक्ट स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित किए जाने समेत दूसरी ज़रूरी मांगों को लेकर दिल्ली स्टेट कॉन्ट्रैक्ट इंप्लाइज एसोसिएशन ने इस प्रदर्शन का आह्वान किया था। यूनियन नेताओं ने साफ़तौर पर कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ग़ौर नहीं किया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
मुकुंद झा
18 Jun 2020
Contract health workers

दिल्ली: दिल्ली सरकार के हॉस्पिटल डिस्पेंसरी में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को सांकेतिक विरोध किया। इस विरोध का आह्वान दिल्ली स्टेट कॉन्ट्रैक्ट इंप्लाइज एसोसिएशन ने किया था। इस दौरान किसी भी तरह की कार्यबाधा नहीं की गई। कॉन्ट्रैक्ट स्वास्थ्य कर्मी यह नहीं चाहते थे कि ऐसे मुश्किल हालात में विरोध प्रदर्शन से किसी भी मरीज को दिक्कतों का समाना करना पड़े। इस कारण काम के दौरान काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया गया।

गौरतलब है कि देश कोरोना माहमारी से जूझ रहा है। राजधानी में लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका बड़ी हो गई है। सरकार ने उन्हें कोरोना योद्धा बताया है लेकिन हकीकत में वे अपने मूलभूत अधिकारों से भी वंचित हैं। इसमें भी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मियों की हालत बदतर है।  

0b3ae97b-42d8-4e65-9bc2-aba3da3ab122.jpg

आपको बता दें कि दिल्ली के स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसे यह भी कह सकते हैं कि दिल्ली के अस्पताल और डिस्पेंसरी को कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ही चला रहे हैं। लेकिन सरकार इन्हें दोयम दर्ज का ही कर्मचारी समझती है। इसलिए न इन्हें आर्थिक सुरक्षा और न ही किसी भी तरह की समाजिक सुरक्षा मिल पाई है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का कहना है कि 'वेतन में असमानता के साथ ही कई तरह के भेदभाव किया जाते हैं। साथ ही हमेशा डर बना रहता है कि कभी भी नौकरी से हटाया जा सकता है। कई जगह तो वेतन की अनियमितता की भी शिकायत रहती है।'

इसे लेकर ये कर्मचारी कई बार पत्र के माध्यम से सरकार को अपनी मांग से अवगत कराते रहे हैं लेकिन सरकार ने कभी भी इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। यही नहीं इस महामारी के समय भी जब सभी लोगों को घरों में रहने को कहा जा रहा है। उस समय भी ये कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचा रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि अगर कोई कर्मचारी काम के दौरान बीमार हो जाता है तो उसके लिए छुट्टी की व्यवस्था भी नहीं हैं। साथ ही उसके लिए इलाज के लिए मेडिकल कार्ड भी नहीं है। यही नहीं सरकार ने कोरोना योद्धाओं के मृत्यु होने पर जो एक करोड़ देने की बात कही है वो भी इन कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नहीं मिलता हैं।

19b88135-b507-43b5-8c02-9ca1c157ebd1.jpg

इसके साथ ही इनकी काफी लंबे समय से मांग रही है कि इनकी नौकरी को नियमित किया जाए लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इनको स्थाई करने का आदेश दिया था। विरोध कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सवाल किया है कि जब डॉक्टर स्थाई हो सकते है तो हम क्यों नहीं?

यह विरोध प्रदर्शन संयुक्त रूप से दिल्ली स्टेट कॉन्ट्रैक्ट इंप्लाइज एसोसिएशन, दिल्ली नर्सेज फेडरेशन, दिल्ली स्टेट पैरामेडिकल टेक्निकल एंप्लाइज फेडरेशन ने किया। विरोध के बाद संयुक्त रूप से बयान जारी करते हुए दिल्ली स्टेट कॉन्ट्रैक्ट इंप्लाइज एसोसिएशन के महासचिव गुलाब रब्बानी, उपाध्यक्ष कमल कांत शर्मा, दिल्ली नर्सेज फेडरेशन के महासचिव जयप्रकाश समेत यूनियन के अन्य नेताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री से मांग की कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को नियमित किया जाए। साथ ही जब तक इन कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाता तब तक मेडिकल लीव, मेडिकल कार्ड की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा इस दौरान अगर कर्मचारी की मृत्यु हो रही है उनको एक करोड़ रुपये दिया जाए। कर्मचारियों के लिए अलग से ओपीडी और वार्ड में बिस्तर की व्यवस्था की जाए।

3_0.jpg

यूनियन नेताओं ने साफतौर पर कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक पहल नहीं किया दिल्ली के कर्मचारी भविष्य में और बड़ा आंदोलन करने पर विवश होंगे। गुलाब रब्बानी ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए इस विरोध प्रदर्शन को सफल बताया और कहा कि दिल्ली के लगभग हर अस्पताल में सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि 20-20 साल से ये कर्मचारी काम कर रहे हैं लेकिन आजतक इन्हें नियमित नहीं किया गया। आज हम सबसे आगे होकर इस लड़ाई में लड़ रहे हैं लेकिन न हमारे इलाज की कोई सुविधा है और न ही हमारे परिवार की सुरक्षा है। हमारे साथी मर रहे हैं लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। हमारा एक साथी लोगों की सेवा करते हुए मर गया है और बहुत से कर्मचारी संक्रमित हुए हैं। लेकिन फिर भी सरकार हमारी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। इसलिए हमने सांकेतिक प्रदर्शन किया था।

4_1.jpg

उन्होंने इसके साथ ही अस्पतालों में कर्मचारियों के कमी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि तत्काल नए कर्मचारियों की भर्ती की जाय।

कोर्ट ने कोरोना योद्धाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर लगाई फटकार!

राजधानी दिल्ली में कोरोना को लेकर हालात बदतर हो रहे हैं। इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बार फिर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इसका संज्ञान लेते हुए कोरोना मरीजों के समुचित इलाज और सरकारी अस्पतालों में शवों के उचितढंग से निपटान से संबंधित मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने सरकार से पूछा कि दिल्ली ने अबतक क्या किया है? इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों के सुरक्षा पर भी टिप्पणी करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि कृपया डॉक्टरों, नर्सों की सुरक्षा करें। वे कोरोना योद्धा हैं।

2_4.jpg

इसके साथ ही एक डॉक्टर जिसे दिल्ली सरकार ने अस्पताल की हकीकत दिखाने की वजह से निकाल दिया था उस पर भी गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई सामने आए। ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि ऐसे किसी भी कर्मचारी पर कार्रवाई न करें। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को धमकी न दें, उनका साथ दें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में दिल्ली सरकार से एक हलफनामा भी देने को कहा है। इसकी अगली सुनवाई शुक्रवार को होनी है।

दिल्ली में कोरोना के मामले 47,000 के पार

देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वायरस से पूरे देश में 3 लाख 54 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और करीब 12 हजार लोगों की अब तक जान जा चुकी है। जबकि दिल्ली में बुधवार को कोरोना के 2,414 नए मामले सामने आए। जोकि एक दिन में आने वाले मामले में सबसे अधिक हैं। इसके साथ ही दिल्ली में अब संक्रमण के मामले 47,102 पहुंच गया है। इसके साथ ही राजधानी में बीते 24 घंटों में 67 लोगों की जान गई है और मौत का आंकड़ा 1904 पहुंच गया है।

Coronavirus
Lockdown
Health workers
Health workers safety
Contract health workers
Delhi High court
AAP
Arvind Kejriwal
MCD
Central Government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • bank strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैंक हड़ताल: केंद्र द्वारा बैंकों के निजीकरण के ख़िलाफ़ यूनियनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी
    16 Dec 2021
    कांग्रेस, एआईटीसी, डीएमके, सीपीआई, सीपीएम और वाईएसआरसी, टीआरसी, शिवसेना, आप के नेताओं सहित कई राजनीतिक दलों और संसद सदस्यों ने भी दो दिवसीय बैंक हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।
  • UP
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी: महामारी में टूटे निस्वार्थ शिक्षक और उनके गांव के सपने
    16 Dec 2021
    एक ऐसे राज्य में जहां राजनेता चुनाव जीतने के लिए अपनी जाति का या फिर सांप्रदायिक कार्ड खेलते हैं, प्यारेलाल ने अपने गांव के बच्चों को पढ़ाकर एकजुट कर दिया था. पर महामारी ने उन्हें बेरोजगार कर दिया और…
  • SP PSP
    रवि शंकर दुबे
    दूर हुए चाचा-भतीजे के गिले-शिकवे, 'साथ चुनाव लड़ेगी सपा-प्रसपा'
    16 Dec 2021
    अखिलेश यादव ने मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मुलाकात हुई और गठबंधन की बात तय हुई। क्षेत्रीय दलों को साथ लेने की नीति सपा को लगातार मजबूत कर रही है।"
  • Modi
    अजय कुमार
    हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व का फ़र्क़
    16 Dec 2021
    अगर कॉरपोरेट्स का साथ ना मिले तो हिंदुत्व की बगिया हिंदू धर्म के मर्म से उजड़ जाएगी।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग तेज़, शाहीन बाग़ आंदोलन के 2 साल और अन्य ख़बरें
    16 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग तेज़, शाहीन बाग़ आंदोलन के 2 साल और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License