NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
सितारवादक प्रतीक चौधरी का 49 साल की उम्र में कोविड-19 के संक्रमण से निधन
‘‘प्रतीक चौधरी जाने माने संगीतकार देबू चौधरी के पुत्र और एक प्रतिभाशाली कलाकार थे। अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। आईसीयू में जीवन-मृत्यु का संघर्ष लड़ते हुए अब वह परलोक में अपने पिता के पास चले गये हैं। प्रतीक की दिवंगत आत्मा को शांति मिले।’’
भाषा
07 May 2021
Prateek Chaudhary
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

नयी दिल्ली : जाने माने सितारवादक प्रतीक चौधरी का कोविड-19 संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। एक सप्ताह उनके पिता एवं संगीतकार पंडित देवब्रत चौधरी का वायरस के संक्रमण से निधन हुआ था।

संगीत इतिहासकार पावज झा के अनुसार प्रतीक चौधरी (49) को दिल्ली में गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बृहस्पतिवार को उन्होंने आखिरी सांस ली।

झा ने ट्विटर पर पोस्ट किया, ‘‘प्रतीक चौधरी जाने माने संगीतकार देबू चौधरी के पुत्र और एक प्रतिभाशाली कलाकार थे। अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। आईसीयू में जीवन-मृत्यु का संघर्ष लड़ते हुए अब वह परलोक में अपने पिता के पास चले गये हैं। प्रतीक की दिवंगत आत्मा को शांति मिले।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था। देबू जी के साथ वह भी जीटीबी में भर्ती थे। आखिरी बार जब उनसे मेरी बात हुई थी तब सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी। लेकिन पिता के निधन की खबर से वह बिल्कुल टूट गये थे। बहुत दुखद है।’’

जाने माने सितार वादक देवब्रत चौधरी देबू चौधरी के नाम से मशहूर थे। पिछले सप्ताह शनिवार को उनका निधन हुआ।

प्रतीक चौधरी संगीत के सेनिया घराना से थे। वह दिल्ली विश्वविद्यालय में संगीत विभाग, संगीत एवं ललित कला संकाय में प्रोफेसर थे।

प्रतीक के परिवार में पत्नी रूना और बच्चे रायना और अधिराज हैं।

Prateek Chaudhary
Prateek Chaudhary passed away
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • महामारी ने शहरी भारत के जीवन को किया बेहाल  
    टिकेंदर सिंह पंवार
    महामारी ने शहरी भारत के जीवन को किया बेहाल  
    30 Jul 2021
    पूरे भारत में, शहरी योजाना को भूमि, पानी और आवास का मुद्रीकरण करने के इरादे से लागू किया जा रहा है, जिसमें ग़रीब और मज़दूर वर्ग का ज़िक्र नहीं है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 44,230 नए मामले, 555 मरीज़ों की मौत
    30 Jul 2021
    देश में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 15 लाख 72 हज़ार 344 हो गयी है।
  • प्रेफेट डफॉट (हैती), जनरल केन्सन, 1950
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वाशिंगटन सत्ता परिवर्तन का ढोल पीटता रहता है, लेकिन क्यूबा अपनी क्रांतिकारी लय के साथ काम करता है
    30 Jul 2021
    1959 की क्यूबा क्रांति ग़ुलामी और औपनिवेशिक वर्चस्व के मनहूस इतिहास के ख़िलाफ़ थी। अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया थी? 19 अक्टूबर 1960 को देश पर आर्थिक नाकेबंदी लगा दी गई, जो कि आज भी जारी है।
  • Pegasus snooping row
    भाषा
    पेगासस जासूसी मामले में शीर्ष न्यायालय के हस्तक्षेप की मांग करते हुए 500 लोगों, समूहों ने सीजेआई को लिखा पत्र
    29 Jul 2021
    पत्र में मीडिया में आई इन खबरों पर हैरानगी जताई है कि स्पाइवेयर का इस्तेमाल छात्राओं, विद्वानों, पत्रकारों, मानवाधिकार के पैरोकारों, वकीलों और यौन हिंसा पीड़िताओं की निगरानी के लिए किया गया।
  • आईसीएफ़
    बढ़ते मामलों के बीच राजद्रोह क़ानून को संवैधानिक चुनौतियाँ
    29 Jul 2021
    राजद्रोह का क़ानून जो भारत में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा लाया गया था, उसे इंग्लैंड ने निरस्त कर दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License