NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की
एनयूएमएसए का आरोप है कि घटना के कई घंटों के बाद तक आर्सेलर मित्तल के प्रबंधन ने विशेषज्ञों की टीम को नहीं बुलाया। इसकी जगह प्रबंधन ने राहत व बचाव अभियान में अपने 10 सामान्य कर्मियों का ही इस्तेमाल किया।
पीपल्स डिस्पैच
19 Feb 2021
दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की

दक्षिण अफ्रीका के गौटेंग में स्थित आर्सेलर मित्तल के वैंडरबिज्लपार्क प्लांट में 17 फरवरी को रात 2 बजे विस्फोट के बाद से मलबे में फंसे तीनों श्रमिक 18 फरवरी की सुबह तड़के मृत पाए गए।

नेशनल यूनियन ऑफ मेटलवर्कर्स ऑफ़ साउथ अफ्रीका (एनयूएमएसए) ने रोजगार एवंं श्रम विभाग से "इस घटना के कारणों की विस्तृत और गहन जांच करने" की मांग की है। इन मृतकों में दो एनयूएमएसए के सदस्य थे।

रॉयटर्स ने कंपनी के हवाले से रिपोर्ट प्रकाशित किया कि, "बुधवार की सुबह एक ऑपरेशन के कोक बैटरी के ढ़ेर का कुछ हिस्सा कंट्रोल रूम पर गिर गया जहां ये तीन कर्मचारी काम कर रहे थे।"

थामी मोलेफ, शार्ट मोफोकेंग और मोफो मडोमेसा शुरुआती 12 घंटों तक मलबे के नीचे फंसे रहे। अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक आर्सेलर मित्तल का प्रबंधन अपने 10 कर्मचारियों पर खोज व बचाव अभियान का संचालन करने का भरोसा कर रहा था। ये जानकारी फकामिले ह्लुबी मजोला ने पीपल्स डिस्पैच से साझा की।

वे सामान्य कर्मचारी थे जो विशेष प्रशिक्षण के बिना कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा, "माना जाता है कि आर्सेलर मित्तल के पास विशेषज्ञों की एक बचाव टीम है जो यह काम कर सकती है। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और विशेषज्ञों कार्यों को करने के लिए उन्हें सामान्य श्रमिकों पर निर्भर रहना पड़ा।"

यूनियनों के साथ बैठक में तीखी बहस के बाद दोपहर 2 बजे के बाद ही प्रबंधन ने विशेषज्ञों की मदद लेने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान प्रबंधन ने इन श्रमिकों को महज एक 'शव' बताया। उन्होंने कहा कि वे बचाव के आवश्यक प्रयास के बिना मर चुके थे। उन्होंने पूछा कि मलबे के नीचे श्रमिकों के बजाय यदि प्रबंधक होता तो क्या इतनी लापरवाही होती।

इस बैठक में मौजूद नाराज ह्लुबी मजोला ने कहा कि इस बैठक में "एक यूनियन ने कहा कि सच्चाई यह है कि इस घटना के बाद भी श्रमिकों को अपना काम जारी रखने के लिए कहा गया था।"

उन्होंने कहा, "यह आर्सेलर मित्तल का रवैया जुदा है।" उन्होंने कहा 2017 में उस घटना का उदाहरण दिया जब एक दुर्घटना में कुछ श्रमिकों ने अपनी उंगलियां खो दीं और तब बाकी श्रमिकों को अपने काम को जारी रखने के लिए कहा गया।

South Africa
Arcelor plant
Accident
NUMSA

Related Stories

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा

दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी

दक्षिण अफ़्रीका ने इज़रायल को पर्यवेक्षक का दर्जा देने वाले अफ़्रीकी संघ की आलोचना की

स्वाज़ीलैंड में लोकतंत्र-समर्थक शक्तियों पर कार्रवाई जारी

दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया

दक्षिण अफ़्रीकी एयरवेज़ की सहायक कंपनियों ने कर्मियों को वेतन नहीं दिया, यूनियन ने की ऑडिट की मांग

दक्षिण अफ़्रीका : मैकस्टील में श्रमिकों की छंटनी के ख़िलाफ़ हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी में हड़ताल सरकारी दमन के बावजूद जारी 


बाकी खबरें

  • PUNJAB
    शिव इंदर सिंह
    कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग?
    29 Nov 2021
    कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में जश्न का माहौल है। पंजाब के लोग इसे किसान आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रति विरोध और गुस्से का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
  • civil society
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खुला पत्र : क्या नागरिक समाज देश का दुश्मन है?
    29 Nov 2021
    अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं के पूर्व सिविल सेवकों के समूह ने देशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी करके नागरिक समाज को देश और शासन के दुश्मन के रूप में रेखांकित किए जाने पर चिंता जताई है।
  • Munawar Faruqui
    सत्यम् तिवारी
    "अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
    29 Nov 2021
    मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
  • Yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: परीक्षाओं का पेपर लीक और रद्द होना योगी सरकार की बड़ी विफलता है!
    29 Nov 2021
    सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरों टॉलरेंस के दावे के बीच बार-बार सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले कैसे सामने आ रहे हैं, क्या सरकार की नीयत और नीति अलग-अलग है?
  • kisan andolan
    ओँकार सिंह
    तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़
    29 Nov 2021
    जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मांग और अधिकार की लड़ाई को देशद्रोह के खांचे में फिट किया जा रहा था, तब किसान आंदोलन संघर्ष की संजीवनी के रूप में उभरा। साल भर सड़क पर दमन और क्रूरता की हदें झेलकर अंतत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License