NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएनएचआरसी संकल्प से हटने के लिए श्रीलंका सरकार ने विवादास्पद निर्णय को मंज़ूरी दी
इस संकल्प को यूएनएससी में पिछली सरकार द्वारा सह-प्रायोजित करार देते हुए राजापाक्षे की अगुवाई वाली सरकार ने इस विवादास्पद निर्णय को मंजूरी दी। सरकार ने इस संकल्प को नुकसानदेह और देशहित के खिलाफ बताया।
पीपल्स डिस्पैच
20 Feb 2020
srilanka

हज़ारों की संख्या में लापता हुए तमिलों के मारे जाने की बात को स्वीकार करने के कुछ सप्ताह बाद श्रीलंका की सरकार ने 19 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के संकल्प को 2015 में पिछली सरकार द्वारा सह-प्रायोजित करार देते हुए वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव में तमिल अल्पसंख्यकों के साथ युद्ध अपराधों और समाधान की चर्चा की गई है।

यूएनएचआरसी के संकल्प 30/1 और उसके अनुवर्ती 40/1 के औचित्य को श्रीलंका के लिए हानिकारक और इसके हितों के खिलाफ बताते हुए यह विवादास्पद निर्णय कैबिनेट के समक्ष विदेश मामलों के मंत्री दिनेश गुनावर्दना द्वारा पेश किया गया।

इन रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति गोताबाया राजापाक्षे ने कैबिनेट को सूचित किया है कि इस प्रस्ताव में कई धाराएं संविधान के खिलाफ हैं, जिसने उनकी सरकार को पिछली सरकार के फैसले को रोकने को मजबूर किया है।

सरकार का यह भी दावा है कि श्रीलंका में पिछली सरकार को सैन्य कर्मियों के खिलाफ सभी आरोपों को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया था, जिसने न केवल सशस्त्र बलों की छवि को खराब किया बल्कि निहित स्वार्थ से प्रेरित थे।

21 अप्रैल को कोलंबो में चर्चों और होटलों पर ईस्टर के दौरान के हमलों को रोकने के लिए पिछली सरकार की विफलता ने भी राष्ट्रपति राजपक्षे के पक्ष में जनाधार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हाल के महीनों में, सिंहली पहचान को मजबूत बनाने के लिए सशस्त्र बलों सहित विभिन्न संस्थानों की प्रतिष्ठा का बचाव करना उनका मुख्य उद्देश्य बन गया है।

राजापाक्षे ने अपने बयान में पूर्व सैन्य अधिकारियों का बचाव किया है (इनमें से कई अधिकारियों पर लिट्टे संगठन के खिलाफ युद्ध के दौरान वार क्राइम का आरोप लगाया जा रहा है)। उन्होंने कहा कि नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिज्ञापत्र का सुझाव है कि कोई व्यक्ति दोषी साबित होने तक निर्दोष है, लेकिन ऐसा लगता है कि ये सिद्धांत श्रीलंका के सेना कमांडरों और उनके परिवार के सदस्यों पर लागू नहीं होता है।

मानवाधिकारों के उच्चायुक्त के संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के अनुसार, श्रीलंकाई सशस्त्र बलों में 26 वर्षों के लंबे युद्ध के दौरान ये "तमिलों के खिलाफ हुई हिंसा में गैरकानूनी हत्याओं, जबरन लापता होने और लिंग आधारित हिंसा में शामिल था।"

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Sri Lanka
Srilanka Government
UNHRC
United Nations Human Rights Council

Related Stories

श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी

श्रीलंका में सत्ता बदल के बिना जनता नहीं रुकेगीः डॉ. सिवा प्रज्ञासम

श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़

आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का इस्तीफ़ा, बुधवार तक कर्फ्यू लगाया गया

श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया

आइएमएफ की मौजूदगी में श्रीलंका के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को ख़तरा 

कौन हैं गोटाबाया राजपक्षे, जिसने पूरे श्रीलंका को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है

श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया

श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई

श्रीलंकाई संकट : राजनीति, नीतियों और समस्याओं की अराजकता


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 19 महीने बाद 6 हज़ार से कम नए मामले सामने आए 
    14 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 88 हज़ार 993 हो गयी है, लेकिन साथ ही देश में अब ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलो की संख्या बढ़कर 41 हो गयी है।
  • health sector
    ऋचा चिंतन
    भाजपा के कार्यकाल में स्वास्थ्य कर्मियों की अनदेखी का नतीजा है यूपी की ख़राब स्वास्थ्य व्यवस्था
    14 Dec 2021
    एक कमज़ोर और अपर्याप्त स्वास्थ्य कार्यबल का ही नतीजा होता है कि लोगों की स्वास्थ्य सेवा की स्थिति ख़राब हो जाती है। यूपी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है, जहां स्वास्थ्य कर्मी, ख़ास तौर पर ग्रामीण यूपी में…
  • data protection bill
    प्रबीर पुरकायस्थ
    डेटा निजता विधेयक: हमारे डेटा के बाजारीकरण और निजता के अधिकार को कमज़ोर करने का खेल
    14 Dec 2021
    सरकार द्वारा एकत्र किए जाने वाले हमारे डेटा के व्यापारीकरण को निजी डेटा संरक्षण विधेयक के साथ जोड़ दिया गया है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    PM मोदी का बनारस दौरा, CBSE के प्रश्नपत्र पर विवाद और अन्य ख़बरें
    13 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी पीएम के काशी दौरे पर जनता का सवाल, CBSE के स्त्री विरोधी प्रश्नपत्र पर विवाद और अन्य ख़बरों पर।
  • Farmers' Movement
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन: लंगर के लिए भी याद रखा जाएगा
    13 Dec 2021
    एक साल से लंबे संघर्ष के बाद किसानों की जीत के साथ उनका आंदोलन खत्म हुआI यह आंदोलन अपने तमाम अन्य पहलुओं के साथ-साथ सभी मोर्चों पर चल रहे लंगरों के लिए भी याद रखा जाएगाI न्यूज़क्लिक ने 10 दिसंबर यानी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License