NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
आंदोलन
भारत
राजनीति
फादर स्वामी ने एनआईए को "झूठे सबूतों" के बारे में बताया था: सहकर्मी
पिछले साल अक्टूबर से जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के सहकर्मी फादर सोलोमन ने मंगलवार को कहा कि स्वामी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से पूछताछ के दौरान कम से कम चार बार कहा था कि उनके कम्प्यूटर में झूठे सबूत डाले गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Feb 2021
Stan Swamy
चित्र साभार: पीटीआई

भीमा कोरेगावं मामले में हाल ही में हुए खुलासे ने इसकी जाँच पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।  इस खुलासे से ऐसा प्रतीत होता है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं को फ़साने की साज़िश हुई है।  एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरिका स्थित  एक डिजिटल फोरेंसिक फर्म ने पाया है कि भीमा कोरेगांव मामले की जांच कर रही पुलिस द्वारा एक्टिविस्ट रोना विल्सन के एक लैपटॉप में मालवेयर का इस्तेमाल करते हुए "भड़काऊ" सुबूत डाले गए थे। अब इसी  मामले में  एल्गार परिषद के माओवादियों से संबंध के मामले में आरोपी और पिछले साल अक्टूबर से जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के सहकर्मी फादर सोलोमन ने मंगलवार को कहा कि स्वामी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से पूछताछ के दौरान कम से कम चार बार कहा था कि उनके कम्प्यूटर में झूठे सबूत डाले गए हैं।

सोलोमन ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। इस सम्मेलन में, मामले के आरोपी और हिरासत में बंद 16 कार्यकर्ताओं एवं शिक्षाविदों के परिवारों, मित्रों एवं वकीलों ने भाग लिया था।

सोलोमन झारखंड के रांची में बगाइची सोशल सेंटर के निदेशक है, जहां स्वामी काम करते थे।

अमेरिका की एक फॉरेंसिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक हमलावर ने भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता रोना विल्सन के कंप्यूटर से छेड़छाड़ करने के लिए मालवेयर का इस्तेमाल किया था और उनके कम्प्यूटर में कम से कम 10 आपत्तिजनक पत्र डाले थे। इस रिपोर्ट के मद्देनजर यह संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया।

सोलोमन ने बताया कि स्वामी ने पूछताछ के दौरान एजेंसी से कम से कम चार बार कहा था कि एजेंसी ने जिन दस्तावेजों को आपत्तिजनक बताया है, उनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है और ये सम्भवत: किसी ने उनके कम्प्यूटर में डाले थे।

उन्होंने कहा, ‘‘लोकमंच के कुछ पत्रों को सम्पादित किया गया, उसमें शब्द जोड़े गए। उदाहरणार्थ, झारखंड में जुहार के अभिवादन के साथ एक अक्षर का इस्तेमाल किया जाना आम बात है, लेकिन एक असामान्य शब्द ‘लाल’ उसमें शामिल किया गया। इसके कारण स्टेन ने दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए।’’

एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कई कार्यकर्ताओं के वकील मिहिर देसाई ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डिजिटल कंपनी की रिपोर्ट ने ‘‘अभियोजन की कहानी में एक बड़ा छेद किया है’’, क्योंकि उसने जमानत याचिकाओं का विरोध करने, हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने का अनुरोध करने समेत मामले में इलेक्ट्रॉनिक सुबूतों का लगातार सहारा लिया है।

इस सम्मेलन में मौजूद लोगों ने मालवेयर रिपोर्ट की स्वतंत्र जांच किए जाने और गिरफ्तार किए गए 16 कार्यकर्ताओं की जमानत तत्काल मंजूर किए जाने की मांग की।

भीमा कोरेगांव मामले में एनआईए के अनुसार, 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में शनिवारवाड़ा में कबीर कला मंच द्वारा आयोजित एल्गर परिषद के एक कार्यक्रम के दौरान आरोपियों ने भड़काऊ भाषण दिए।

गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं में जेल में बंद और जमानत से वंचित वकील सुधा भारद्वाज, कवि-कार्यकर्ता वरवारा राव, सुधीर धावले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, अरुण परेरा, वर्नोन गोंसाल्वेस, हनी बाबू, स्टेन स्वामी,  गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े  शामिल हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Stan Swamy
Bhima Koregaon

Related Stories

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

स्टेन स्वामी की मौत के ख़िलाफ़ देशभर में उठ रही आवाज़; एल्गार मामले के अन्य आरोपियों ने जेल में भूख हड़ताल की

झारखण्ड : फ़ादर स्टेन स्वामी समेत सभी राजनीतिक बंदियों की जीवन रक्षा के लिए नागरिक अभियान शुरू

एल्गार मामला : परिजनों ने मुख्यमंत्री से की कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग


बाकी खबरें

  • Sports batting
    जसविंदर सिद्धू
    क्या क्रिकेट पर आधारित शर्त लगाने वाले खेल और फेंटसी  लीग गेम केंद्र सरकार के लिए सिर्फ़ राजस्व का ज़रिया हैं?
    08 Oct 2021
    विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत, अजिंक्या रहाणे और आर अश्विन मौजूदा टेस्ट टीम का हिस्सा हैं, यह खिलाड़ी अलग-अलग बेटिंग कंपनियों और फेंटसी  लीग के प्रतिनिधि भी हैं।
  • swachh india
    अरविंद उन्नी, टिकेंदर सिंह पंवार
    स्वच्छ भारत मिशन 2.0: क्यों भारत को शून्य-कचरा शहरों की ज़रूरत है, न कि कचरा-मुक्त शहरों की 
    08 Oct 2021
    नए स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआती अवधारणा में कचरा-प्रबंधन की जमीनी समझ का अभाव है, जो एसबीएम-1 की विफलताओं के बावजूद फिर बड़े-बड़े वादे कर रहा है।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: जय हिंद सर, दूसरा नोटिस चिपका दें...
    08 Oct 2021
    लखीमपुर किसान हत्याकांड का मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र का बेटा आशीष मिश्रा अब तक क्राइम ब्रांच की टीम के सामने पेश नहीं हुआ है। उसके नाम दूसरा समन जारी किया गया है। उधर सुप्रीम…
  • Friendship Bridge
    एम. के. भद्रकुमार
    अमरीका का नया कूटनीतिक दांव: तालिबान के बहाने बढ़ाई उज़्बेकिस्तान से नजदीकियां
    08 Oct 2021
    तालिबान पर नजरें जमाए अमेरिका, उज्बेक संबंधों को फिर से स्थापित करने की जुगत में है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या साढ़े चार लाख के पार  
    08 Oct 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना से 271 मरीज़ों की मौत हुई है। और इसी के साथ कोरोना से अब तक जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 4 लाख 50 हज़ार 127 हो गयी हैं |
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License