NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नस्लवादियों के खिलाफ उठ खड़े होइए : स्कॉटलैंड यार्ड के भारतीय मूल के आतंक रोधी प्रमुख ने कहा
‘काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग’ के प्रमुख बुस ने नस्लवाद के खिलाफ मुहिम का समर्थन करने के लिये अपने कुछ सहकर्मियों द्वारा प्रस्ताव किये गये ‘टेक द नी’ विकल्प को स्वीकार किया है। यह फ्लॉयड को न्याय दिलाने के आंदोलन के प्रति एकजुटता का प्रतीक है।
भाषा
10 Jun 2020
नस्लवादियों के खिलाफ उठ खड़े होइए
Image courtesy: CBC

लंदन:  स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन महानगर पुलिस) की आतंकवाद रोधी इकाई के प्रमुख नील बसु ने बुधवार को एक संदेश जारी कर समूचे ब्रिटेन के अपने पुलिस सहकर्मियों से अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के खिलाफ प्रदर्शनों के मद्देनजर नस्लवादियों के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील की।

बसु ने पिछले सप्ताहांत लंदन और समूचे ब्रिटेन में हुए नस्लवाद विरोधी सिलसिलेवार प्रदर्शनों-- ‘काले लोगों का जीवन मायने रखता है’--पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खुद के भारतीय और गोरे ब्रिटिश के मिश्रित वंश का उदाहरण दिया।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी शहर मिनियापोलिस में हाल ही में अफ्रीकी मूल के 46 वर्षीय फ्लॉयड की गर्दन को एक गोरे पुलिस अधिकारी द्वारा कुछ देर तक अपने घुटने से दबाये रखने और बाद में उसकी मौत हो जाने के बाद शुरू हुए प्रदर्शन विश्वव्यापी हो गये हैं।

महानगर पुलिस के सहायक आयुक्त बसु ने कहा, ‘‘व्यक्तिगत रूप से मैं इसे नस्लवादियों, असमानता और अन्नाय के खिलाफ उठ खड़े होने के समय के रूप में देखता हूं।’’

‘काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग’ के प्रमुख बुस ने नस्लवाद के खिलाफ मुहिम का समर्थन करने के लिये अपने कुछ सहकर्मियों द्वारा प्रस्ताव किये गये ‘टेक द नी’ विकल्प को स्वीकार किया है। यह फ्लॉयड को न्याय दिलाने के आंदोलन के प्रति एकजुटता का प्रतीक है।

गौरतलब है कि विरोध प्रदर्शित करने की यह मुद्रा काले अमेरिकी के प्रति अनुचित व्यवहार के खिलाफ एक प्रदर्शन है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी फुटबॉल खेलों में होता है। इसके तहत व्यक्ति अपने एक पैर के घुटने के बल बैठता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम मौजूदा स्थिति से बेहतर हो सकते हैं और हमें अवश्य ही मौजूदा स्थिति से बेहतर होना चाहिए। अन्याय के खिलाफ विभिन्न धर्मों, राष्ट्रीयताओं और रंगों के लोगों को शांति के साथ एकजुट होकर खड़े होते देखना सुखद होगा।’’

उन्होंने कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमारे कुछ समुदायों द्वारा अब तक के ज्ञात शायद सबसे बड़े डर के समय में, यह एकजुट होकर खड़े होने का वक्त है।’’

बसु ने कहा, ‘‘हम अमेरिका की पुलिस व्यवस्था की तुलना ब्रिटेन से सीधे तौर पर नहीं कर सकते हैं। लेकिन हम जो अमेरिका में देख रहे हैं और जो यहां ब्रिटेन में भी देख रहे हैं, वह न सिर्फ पुलिस बर्बरता की ओर इशारा करता है बल्कि हमारी संस्थाओं एवं समाज में व्याप्त नस्ली पूर्वाग्रह को भी प्रदर्शित करता है।’’

Racism
Unequal society
Stand up against racists
America
Scotland

Related Stories

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

अमेरिका में फ्लॉयड की बरसी पर रखा गया मौन, निकाली गईं रैलियां

अमेरिकी नागरिक समाज समूह ने "प्रोटेक्ट द रिज़ल्ट" के लिए देशव्यापी प्रदर्शन की योजना बनाई

उत्तर प्रदेश: निरंतर गहरे अंधेरे में घिरते जा रहे हैं सत्य, न्याय और भाईचारा

अमेरिका में पुलिस द्वारा एक किशोर की हत्या के बाद ताज़ा विरोध प्रदर्शन

सूडान में लगातार हो रही नस्लीय हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

अमेरिका में नस्लवाद-विरोध तेज़ होने के साथ प्रदर्शनकारियों पर हिंसा बढ़ी

अमेरिकी बहुत ही चालाक हैं, हमें ट्विटर पर आंदोलन करना सिखा दिया और खुद सड़क पर निकले हैं

अमेरिका को जो चिंगारी जला रही है उसका बारूद सदियों से तैयार होते आ रहा है

अमेरिका में क्यों टूट जाती है इंसाफ़ की उम्मीद !


बाकी खबरें

  • International
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका
    30 Dec 2021
    'पड़ताल दुनिया भर' की के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बात की कि 2021 में अफ़ग़ानिस्तान ने किस तरह एक ध्रुवी अमेरिकी परस्त कूटनीति को…
  • Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University
    सत्येन्द्र सार्थक
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन
    30 Dec 2021
    गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कुछ प्रोफेसर और छात्रों ने आरोप लगाया है कि “कुलपति तानाशाही स्वभाव के हैं और मनमाने ढंग से फ़ैसले लेते हैं। आर्थिक अनियमितताओं के संदर्भ में भी उनकी जाँच होनी…
  • MGNREGA
    सुचारिता सेन
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया
    30 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में देश की तुलना में ग्रामीण आबादी की हिस्सेदारी थोड़ी ज़्यादा है। सबसे अहम, यहां गरीब़ी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या देश की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस स्थिति में कोविड…
  • delhi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
    30 Dec 2021
    दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
  • AFSHPA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
    30 Dec 2021
    केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License