NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
बेरोज़गारी सहायता में कटौती के राज्यों के फ़ैसले से अमेरिकी कर्मचारियों पर संकट
अमेरिका में 12 राज्यों ने 300 अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त फेडेरल बेरोजगारी लाभ को समय से पहले समाप्त कर दिया है वहीं अन्य 14 राज्यों ने आने वाले हफ्तों में इसको अपनाने की योजना बनाई है। इन सहायता और प्रोत्साहन योजनाओं पर निर्भर 15 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित होंगे।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jun 2021
बेरोज़गारी सहायता में कटौती के राज्यों के फ़ैसले से अमेरिकी कर्मचारियों पर संकट

अमेरिका में राज्य सरकारें महामारी से प्रभावित कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त फेडेरल बेरोजगारी लाभ को समाप्त करने में जल्दी दिखा रहे हैं। 4 सितंबर को ये सहायता समाप्त होने से डेढ़ महीने पहले यानी शनिवार 19 जून को, नौ राज्य सरकारें अतिरिक्त फेडेरल बेरोजगारी लाभ में कटौती करने वाले राज्यों की बढ़ती संख्या में शामिल हो गई।

विचाराधीन मुद्दा पूरक फेडेरल पैनडेमिक अनएम्प्लायमेंट कम्पेंसेशन पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर प्रोत्साहन पैकेज का हिस्सा था जिसने मौजूदा बेरोजगारी सहायता के साथ प्रति सप्ताह अतिरिक्त यूएसडी 300 की पेशकश की थी। ये और ऐसे कई अन्य उपायों ने मार्च 2020 में पारित CARES एक्ट के कई प्रावधानों को आंशिक रूप से बढ़ा दिया।

जिन राज्यों ने पहले ही महामारी प्रभावित कर्मचारियों के अतिरिक्त फेडेरल लाभ में कटौती की है, उनका नेतृत्व सेंटर-राइट रिपब्लिकन पार्टी के गवर्नर ने किया है। आयोवा, मिसिसिपि और मिसौरी ने सबसे पहले 12 जून को यह कदम उठाया था और 10 अन्य रिपब्लिकन नेतृत्व वाले राज्य 3 जुलाई तक इसमें शामिल होने वाले हैं।

लुइसियाना सहित चार राज्य जिनके डेमोक्रेटिक पार्टी गवर्नर हैं, वे इस कार्यक्रम को समाप्त होने से पहले एक महीने से भी कम समय में इस सहायता को समाप्त कर देंगे। कई कॉर्पोरेशन के साथ-साथ कन्जर्वेटिव एडवोकेसी ग्रुप और दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों ने कहा है कि न्यूनतम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए बेहतर जीवनयापन के वेतन की पेशकश के बजाय, कम वेतन वाली नौकरियों में कर्मचारियों की कमी के संकट को दूर करने के लिए सहायता में कटौती आवश्यक है।

थिंक टैंक सेंचुरी फाउंडेशन द्वारा दिए गए एक अनुमान में नौ राज्यों में लगभग 440,000 बेरोजगार कर्मचारी जिनकी शनिवार को सहायता रोक दी गई थी वे सभी फेडेरल सहायता को खो चुके हैं। सेंचुरी फाउंडेशन के सीनियर रिसर्च फेलो एंड्रयू स्टेंटनर ने बताया कि विभिन्न महामारी-सहायता कार्यक्रमों पर लगभग 15 मिलियन बेरोजगार कर्मचारी निर्भर हैं जो इस कार्यक्रम को समाप्त करने से प्रभावित होने वाले हैं।

श्रमिक संगठनों और वामपंथी समूहों ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना की है और चिंता जताई है कि इससे बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

America
COVID-19
unemployment

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार
    02 Apr 2022
    अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी उस दिन सुबह लीक पेपर प्रकाशित किया था।
  • इलियट नेगिन
    समय है कि चार्ल्स कोच अपने जलवायु दुष्प्रचार अभियान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करें
    02 Apr 2022
    दो दशकों से भी अधिक समय से कोच नियंत्रित फ़ाउंडेशनों ने जलवायु परिवर्तन पर सरकारी कार्यवाई को विफल बनाने के लिए 16 करोड़ डॉलर से भी अधिक की रकम ख़र्च की है।
  • DU
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक
    01 Apr 2022
    नई शिक्षा नीति के तहत UGC ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों को कई कदम लागू करने के लिए कहा है. इनमें चार साल का स्नातक कोर्स, एक प्रवेश परीक्षा और संस्थान चलाने के लिए क़र्ज़ लेना शामिल है. इन नीतियों का…
  • रवि शंकर दुबे
    इस साल यूपी को ज़्यादा बिजली की ज़रूरत
    01 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश की गर्मी ने जहां बिजली की खपत में इज़ाफ़ा कर दिया है तो दूसरी ओर बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए हैं। देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी के बीच कैसे समन्वय होता है।
  • सोनिया यादव
    राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!
    01 Apr 2022
    डॉक्टर अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में उनके पति डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी नेताओं के दबाव में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके चलते उनकी पत्नी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License