NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी में हड़ताल सरकारी दमन के बावजूद जारी 
देश भर के विभिन्न प्लांटों में क्लोवर के 6000 कर्मचारियों में से 2000 कर्मचारियों ने 16% वेतन वृद्धि की मांग करते हुए काम करना बंद कर दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
15 Oct 2020
 हड़ताल

जनरल इंडस्ट्रियल वर्कर्स यूनियन ऑफ साउथ अफ्रीका (जीआईडब्ल्यूयूएसए) के एक सदस्य की मौत 13 अक्टूबर को उस समय हुई थी जब दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी क्लोवर इंडस्ट्रीज के हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर पुलिस ने रबर की गोलियां चलाई थी। 

जीआईडब्ल्यूयूएसए के उप महासचिव चार्ल्स फहला के अनुसार फायरिंग के समय कर्मचारी क्लेविले में कंपनी के डिपो में प्रदर्शन कर घर लौट रहे थे। वे बताते हैं कि ये घटना स्थल क्लोवर प्लांट के क़रीब भी नहीं था।

उन्होंने पीपल्स डिस्पैच को बताया, “दिन भर पुलिस क्लेविले में प्लांट में हमारे प्रदर्शन पर नज़र रखे हुई थी, खाने पीने की चीज़े क्लोवर उन्हें दे रहा था। लेकिन दिन में उपद्रव जैसी कोई स्थिति नहीं थी। ” ब्लॉमफोन्टिन में क्लोवर प्लांट के बाहर क्लेविले, मिल्नर्टन, पैरो, पोलोक्वेन और क्वींसबर्ग में ये प्रदर्शन भी शांतिपूर्ण थे।

श्रमिकों के दलालों के माध्यम से आउटसोर्सिंग की समाप्ति और 16% वेतन वृद्धि की मांग करते हुए दक्षिण अफ्रीका में क्लोवर द्वारा नियुक्त 6000 कर्मचारियों में से 2000 ने काम करना बंद कर दिया जो 13 अक्टूबर से शुरू हुआ। 

यह दिन शाम के 7 बजे के बाद जब कर्मचारी क्लेविले में कंपनी के प्लांट में प्रदर्शन कर वापस घर लौट रहे थे तब उन्हें एक क्रॉसिंग पर रोक दिया गया जहां पुलिस ने "हमारे यूनियन की लाल टी-शर्ट पहने हुए सभी लोगों को गोली मारनी शुरू कर दी।" ये बातें चार्ल्स ने कही।

गोलियों से बचने के दौरान भागते हुए ख़िलसन मनाका को एक कार ने टक्कर मार दी जिससे उनके सिर में चोट लगी और उनकी मौत हो गई। उनके साथ रहे दो अन्य एक्टिविस्ट को गिरफ़्तार किया गया है। चार्ल्स ने कहा, "हम नहीं जानते कि उनके ख़िलाफ़ किस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। हमारे वकील उनकी रिहाई कराने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्हें 15 अक्टूबर को अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

चार्ल्स ने कहा, इस बीच, हड़ताल और विभिन्न प्लांट में प्रदर्शन "उस समय तक जारी रहेगा जब तक कि प्रबंधन हमारी मांगों को स्वीकार नहीं करता।" उन्होंने कहा, "क्लोवर उत्पादों का बहिष्कार कर हमें समर्थन देने के लिए जनता से भी हम सभी आह्वान कर रहे हैं।"

South Africa
Strike in Dairy Compony
workers protest
General Industrial Workers Union of South Africa
GIWUSA

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • Karnataka
    सबरंग इंडिया
    कर्नाटक: बजरंग दल के सदस्य की हत्या, पुलिस ने हिजाब विवाद से लिंक का खंडन किया
    22 Feb 2022
    20 फरवरी, 2022 को बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की मौत के तुरंत बाद कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और धारा 144 लागू कर दी गई है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, निषेधाज्ञा की…
  • Tanzania
    पैन अफ्रीकैनिज़्म टूडे सेक्रेटैरियट
    जिनकी ज़िंदगी ज़मीन है: तंजानिया में किसानों के संघर्ष
    22 Feb 2022
    माउंटंदाओ वा विकुंडी व्या वकुलिमा तंजानिया तक़रीबन 200,000 छोटे-छोटे किसानों का एक नेटवर्क है। यह नेटवर्क ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उन लोगों को अपराधी ठहराये जाने के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है, जिनकी…
  • तृप्ता नारंग
    मणिपुर चुनाव: आफ्सपा, नशीली दवाएं और कृषि संकट बने  प्रमुख चिंता के मुद्दे
    22 Feb 2022
    जहां कांग्रेस और एनपीएफ़ ने अपने घोषणापत्र में आफ्सपा को वापस लेने का ज़िक्र किया है, वहीं भाजपा इसमें चूक गई है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट : लखनऊ की स्लम बस्तियों के सुनो चुनावी एजेंडे
    21 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंचीं लखनऊ की ऐशबाग और सदर इलाके की स्लम बस्तियों में, जहां दलित समाज बसता है। उनके चुनावी बोल, चुनाव के एजेंडे टटोले, क्या चल रही साइकिल, या खिलेगा फूल…
  •  Anish Khan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छात्र नेता अनीश ख़ान की हत्या का विरोध जारी, कोलकाता उच्च न्यायालय में उठी सुनवाई की मांग
    21 Feb 2022
    एसएफ़आई ने अनीश ख़ान की मौत की निंदा करते हुए इसका ज़िम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को बताया है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License