NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
श्रीलंका में युद्ध में बचे लोगों को न्याय दिलाने में उत्तरोत्तर सरकारें विफल रहींः यूएनएचआर
यूएन ह्यूमन राइट्स की प्रमुख मिशेल बैचेलेट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इंटरएक्टिव सेशन के दौरान श्रीलंका पर अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें सरकार पर वार क्राइम के दोषियों को बचाने का आरोप लगाया गया।
पीपल्स डिस्पैच
25 Feb 2021
श्रीलंका

बुधवार 24 फरवरी को यूनाइटेड नेशन हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स मिशेल बैचेलेट ने कहा कि श्रीलंका की पिछली सरकारें देश में 2009 की लड़ाई के पीड़ितों के लिए न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में विफल रही हैं। यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल को श्रीलंका पर वह अपनी रिपोर्ट पेश कर रही थीं। काउंसिल का आरंभ सोमवार को एक इंटरैक्टिव सेशन से शुरू हुआ।

बैचेलेट ने कहा कि, "सशस्त्र संघर्ष की समाप्ति के लगभग 12 साल बाद घरेलू पहल पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने और सुलह को बढ़ावा देने के लिए बार-बार विफल रही थी।" उन्होंने कहा कि अपने पूर्ववर्ती सरकारों की तरह वर्तमान सरकार भी "वास्तविक जवाबदेही प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में" विफल रही है।

बैचेलेट ने यह भी कहा कि न्याय प्रदान करने में सरकार की विफलता के प्रभाव से देश में एक दशक तक चले युद्ध के पीड़ितों और बचे लोगों पर खतरनाक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरोत्तर सरकारों ने ऐसे कदम उठाए हैं जिसने देश में नागरिक समाज और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया है।

इस रिपोर्ट में श्रीलंका में मुस्लिम और तमिल अल्पसंख्यकों के बढ़ते भेदभाव और उत्पीड़न पर भी प्रकाश डाला गया है। श्रीलंका में एक दशक से अधिक समय तक चला युद्ध जो ज्यादातर उत्तर में तमिल बहुसंख्यक क्षेत्रों तक सीमित था इसमें 100,000 से अधिक लोगों मारे गए जिनमें से लगभग आधे नागरिक थे। 2009 में युद्ध के अंतिम चरणों के दौरान अधिकांश पीड़ितों को मार दिया गया था जिसमें नागरिकों के खिलाफ श्रीलंकाई सशस्त्र बलों द्वारा अत्याचार और युद्ध अपराधों के कई आरोप भी सामने आए थे।

इस बीच श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुनवरदना ने काउंंसिल में पेश किए गए प्रस्ताव पर आपत्ति जताई जो श्रीलंका में बिगड़ती मानव अधिकारों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करता है। उन्होंने इसे "राजनीतिक" और "अभूतपूर्व प्रोपगैंडा कैम्पेन" का हिस्सा बताया है।

Sri Lanka
UNHR
tamil
Muslims

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी

श्रीलंका में सत्ता बदल के बिना जनता नहीं रुकेगीः डॉ. सिवा प्रज्ञासम

श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़

आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का इस्तीफ़ा, बुधवार तक कर्फ्यू लगाया गया

श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया

आइएमएफ की मौजूदगी में श्रीलंका के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को ख़तरा 


बाकी खबरें

  • aicctu
    मधुलिका
    इंडियन टेलिफ़ोन इंडस्ट्री : सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ख़राब नियोक्ताओं की चिर-परिचित कहानी
    22 Feb 2022
    महामारी ने इन कर्मचारियों की दिक़्क़तों को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
  • hum bharat ke log
    डॉ. लेनिन रघुवंशी
    एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता
    22 Feb 2022
    सभी 'टूटे हुए लोगों' और प्रगतिशील लोगों, की एकता दण्डहीनता की संस्कृति व वंचितिकरण के ख़िलाफ़ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह परिवर्तन उन लोगों से ही नहीं आएगा, जो इस प्रणाली से लाभ उठाते…
  • MGNREGA
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    ग्रामीण संकट को देखते हुए भारतीय कॉरपोरेट का मनरेगा में भारी धन आवंटन का आह्वान 
    22 Feb 2022
    ऐसा करते हुए कॉरपोरेट क्षेत्र ने सरकार को औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने की उसकी उम्मीद के खिलाफ आगाह किया है क्योंकि खपत की मांग में कमी से उद्योग की क्षमता निष्क्रिय पड़ी हुई है। 
  • Ethiopia
    मारिया गर्थ
    इथियोपिया 30 साल में सबसे ख़राब सूखे से जूझ रहा है
    22 Feb 2022
    इथियोपिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 70 लाख लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है क्योंकि लगातार तीसरी बार बरसात न होने की वजह से देहाती समुदाय तबाही झेल रहे हैं।
  • Pinarayi Vijayan
    भाषा
    किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन
    22 Feb 2022
    विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा, ‘‘केरल विभिन्न क्षेत्रों में कहीं आगे है और राज्य ने जो वृद्धि हासिल की है वह अद्वितीय है। उनकी टिप्पणियों को राजनीतिक हितों के साथ की गयी अनुचित टिप्पणियों के तौर पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License