NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
साहित्य-संस्कृति
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
काश! ये आँखें धंस जातीं हमारे हुक्मरानों की आँखों में, उनके ज़ेहन में
‘इतवार की कविता’ में पढ़तें हैं कवि-पत्रकार भाषा सिंह की वे दो ख़बरें जो कविता की तरह बयान हुईं। दरअसल हमारे दौर की, इस कोराना काल और लॉकडाउन संकट की ये दिल दहलाने वाली सच्चाइयां किसी एक ख़बर या कहानी की तरह सुनना-सुनाना संभव नहीं। इस दुख, इस पीड़ा, इस मर्म को शायद कविता के जरिये ही कहा, समझा जा सकता है।
न्यूज़क्लिक डेस्क
31 May 2020
irshad
फोटो साभार : दैनिक भास्कर

ये आँखें…

 

ये आँखें बहुत चुभती है न !

भीतर कलेजे में धंस जाती हैं

ये आँखें हैं चार साल के इरशाद की

जो दिल्ली से वापस अपने पिता के साथ जा रहा था गांव-घर

जा रहा था बिहार

वह पहुंचा मुज़फ़्फ़रपुर तक तो सही सलामत

लेकिन वहां से बेतिया के लिए ट्रेन चढ़ते-चढ़ते उसने दम तोड़ दिया

कुछ भी खाने को नहीं मिला था

पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा था

लाडले के पेट में अनाज का एक दाना नहीं था

(उसके पिता ने बताया )

 

ये आँखें हमें और आपको परेशान करती हैं

क्योंकि ये खुली रह गईं

वे जाना चाहती थीं अपने गांव-अपने घर

काश! ये आँखें धंस जातीं

हमारे हुक्मरानों की आँखों में, उनके ज़ेहन में

क्योंकि उन्होंने तो पूरी तरह से

भारत के मेहनतकश तबके

मज़दूर

आम नागरिक की तरफ़ से

आँखें फेर ली हैं

2.

women died.png

प्लेटफॉर्म पर दम तोड़ती ‘भारत माता’

भारत निर्माता

भारत माता दम तोड़ रही है

प्लेटफॉर्म पर मरी मां को

सोया जान

उसके कपड़ों से खेलता नन्हा मासूम

2020 के विकसित भारत का आईना है

और देश का भविष्य है

हमने दरअसल

अपने लोकतंत्र को

ऐसे ही लावारिस छोड़ दिया है

 

श्रमिक ट्रेनों से लाशों के आने का सिलसिला

देश की जनता के दुख भरे दिनों की तरह

थमने का नाम नहीं ले रहा है

जो बच रहे हैं, वे भी अपने आप में एक चमत्कार है

उन्हें मारने का इंतजाम तो पूरा पक्का किया है

हुक्मरानों ने

 

तपती गर्मी में

बिना पर्याप्त पानी-खाने के

हज़ारों किलोमीटर का सफ़र तय करते

ये भारतीय नागरिक दम तोड़ रहे हैं

ट्रेनें सिर्फ़ 20-20 घंटें लेट नहीं चल रही हैं

बल्कि मज़दूरों को लेकर रास्ता भटक रही हैं

रास्ता तो वाकई ये देश भूल ही गया है!

 

ऐसे अनगिनत भारत निर्माताओं के मरने की

लगातार हृदयविदारक खबरें आ रही हैं

ये सूची लगातार लंबी होती जा रही है

 

प्लेटफॉर्म पर मरी मां के आंचल से खेलता

मासूम बच्चा

हमारे दौर की सबसे बड़ी-ख़ौफ़नाक सच्चाई है

जो लंबे समय तक

मानवता की मौजूदगी पर

बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती रहेगी

- भाषा सिंह

 

इसे भी पढ़े : …रोटी खाना और रोटी कमाना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं

इसे भी पढ़े :...गले में दिल को लिए चीख़ता है सन्नाटा

Sunday Poem
Coronavirus
Lockdown
poverty
migrants
Migrant workers
poem
Hindi poem

Related Stories

मनरेगा: ग्रामीण विकास मंत्रालय की उदासीनता का दंश झेलते मज़दूर, रुकी 4060 करोड़ की मज़दूरी

कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह

हैदराबाद: कबाड़ गोदाम में आग लगने से बिहार के 11 प्रवासी मज़दूरों की दर्दनाक मौत

बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!

यूपी: महामारी ने बुनकरों किया तबाह, छिने रोज़गार, सरकार से नहीं मिली कोई मदद! 

यूपी चुनावों को लेकर चूड़ी बनाने वालों में क्यों नहीं है उत्साह!

सड़क पर अस्पताल: बिहार में शुरू हुआ अनोखा जन अभियान, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जनता ने किया चक्का जाम

पश्चिम बंगाल में मनरेगा का क्रियान्वयन खराब, केंद्र के रवैये पर भी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल

इतवार की कविता : 'आसमान में धान जमेगा!'

मौत के आंकड़े बताते हैं किसान आंदोलन बड़े किसानों का नहीं है - अर्थशास्त्री लखविंदर सिंह


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License