NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट सहमत
सुप्रीम कोर्ट पेगासस जासूसी मामले की किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग वाली वरिष्ठ पत्रकार एन. राम की याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने के लिए राज़ी हो गया है।
भाषा
30 Jul 2021
सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय पेगासस जासूसी मामले की किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग वाली वरिष्ठ पत्रकार एन. राम की याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने के लिए शुक्रवार को सहमत हो गया।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने राम एवं वरिष्ठ पत्रकार शशि कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की इस बात पर गौर किया कि याचिका दायर की गई, सूचीबद्ध की गई और कथित जासूसी के व्यापक असर को देखते हुए इस पर सुनवाई की जरूरत है।

इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम इसे अगले हफ्ते के लिए सूचीबद्ध करेंगे।’’

याचिका में कहा गया कि कथित जासूसी भारत में विरोध की स्वतंत्र अभिव्यक्ति को दबाने और हतोत्साहित करने के एजेंसियों एवं संगठनों के प्रयास की बानगी है।

गौरतलब है कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबरों को इजराइल के पेगासस स्पाइवेयर के जरिए निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की सूची में रखा गया।

लोकसभा, राज्यसभा में गतिरोध जारी

उधर, पेगासस पेगासस जासूसी मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। आज शुक्रवार को भी लोकसभा में तीन नये कृषि कानून और पेगासस जैसे मुद्दों पर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने विरोध जताया।

राज्यसभा में भी सरकार और विपक्ष के बीच बना गतिरोध दूर नहीं हो सका और विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के विरोध के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी।

सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही सभापति एम वेंकैया नायडू ने हंगामा करने वाले सदस्यों के आचरण पर आपत्ति जतायी।

इसके बाद कांग्रेस सदस्य केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने अपने एक सवाल के जवाब को लेकर स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के जवाब में कहा गया था कि देश में कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुयी।

इस पर सभापति ने कहा कि उनके नोटिस के संबंध में प्रक्रिया जारी है।

इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि पिछले पांच साल से नियम 267 के तहत कोई नोटिस स्वीकार नहीं किया गया है। इस पर सभापति नायडू ने कहा कि नियम 267 के तहत नोटिस स्वीकार करने पर सदन का पूर्वनिर्धारित कामकाज स्थगित करना होता है और इसका विरले ही उपयोग होता है। उन्होंने कहा कि आजकल उन्हें नोटिस 267 के तहत रोजाना कई नोटिस मिलते हैं।

इसी दौरान सदन में विभिन्न विपक्षी दलों का हंगामा शुरू हो गया और सभापति ने 11 बजकर करीब 10 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

पेगासस जासूसी विवाद, नए कृषि कानून, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्यों का विरोध मौजूदा मानसून सत्र की शुरूआत से ही जारी है। मौजूदा मानसून सत्र में अब तक राज्यसभा में शून्यकाल नहीं हो पाया है।

Supreme Court
Spyware Pegasus
Pegasus software
Pegasus spy controversy

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • मोदी बनाम योगी, जितिन की इंट्री और हिन्दुत्व दल में 'जाति-जंग' सुलझाने का संघ-फार्मूला
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी बनाम योगी, जितिन की इंट्री और हिन्दुत्व दल में 'जाति-जंग' सुलझाने का संघ-फार्मूला
    10 Jun 2021
    प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी के बीच पिछले काफी समय से चले आ रहे सियासी जंग में क्या वाकई किसी तरह 'सीजफायर' हुआ है?
  • निर्माण मज़दूरों का प्रदर्शन, निजी अस्पतालों को टीका आवंटन को लेकर सवाल और अन्य ख़बरें
    न्यूज़क्लिक टीम
    निर्माण मज़दूरों का प्रदर्शन, निजी अस्पतालों को टीका आवंटन को लेकर सवाल और अन्य ख़बरें
    09 Jun 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे हरियाणा के निर्माण मज़दूरों का विरोध प्रदर्शन, निजी अस्पतालों को टीका मिलने पर सवाल और अन्य ख़बरें।
  • gorakhnath temple
    असद रिज़वी
    गोरखनाथ मंदिर प्रकरण: क्या लोगों को धोखे में रखकर ली गई ज़मीन अधिग्रहण की सहमति?
    09 Jun 2021
    मुशीर अहमद (70) ने न्यूज़क्लिक को फ़ोन पर बताया कि उनका परिवार उनके परदादा के जन्म से पहले से मंदिर के पास के इलाके में रह रहा है। उन्होंने कहा, "घर खाली करने से न केवल हमारी पुश्तैनी ज़मीन बल्कि हम…
  • कोरोना की वैक्सीन BJP की निजी जागीर नहीं
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना की वैक्सीन BJP की निजी जागीर नहीं
    09 Jun 2021
    आज बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में अभिसार शर्मा बता रहे हैं के कोरोना के वैक्सीन को लेकर मोदी सरकार ने पहले ही बहुत गलतियां की हैं। ऊपर से उनके मंन्त्री ऐसा बर्ताव कर रहे हैं जैसे वैक्सीन इनकी निजी…
  • सत्ता के हर दमन का मुंहतोड़ जवाब देता किसान-आंदोलन आज देश की सबसे बड़ी आशा है
    लाल बहादुर सिंह
    सत्ता के हर दमन का मुंहतोड़ जवाब देता किसान-आंदोलन आज देश की सबसे बड़ी आशा है
    09 Jun 2021
    देश आज इतिहास के एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है, यहां से एक रास्ता भारत के de facto फासिस्ट हिन्दू राष्ट्र बनने की ओर जाता है, दूसरा रास्ता कारपोरेट-साम्प्रदयिक फासिस्ट सत्ता को निर्णायक शिकस्त देते हुए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License