NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शन मामले में अखिल गोगोई की जमानत याचिका खारिज की
पीठ ने गोगोई की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम अभी इस याचिका पर विचार नहीं करेंगे।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
11 Feb 2021
sc

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ असम में हिंसक प्रदर्शनों में कथित संलिप्तता के मामले में जेल में बंद कार्यकर्ता अखिल गोगोई की जमानत मंजूर करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यामूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने गोगोई की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम अभी इस याचिका पर विचार नहीं करेंगे।’’

पीठ ने वकील रुणामणि भुइयां से कहा कि मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद याचिकाकर्ता जमानत के लिए शीर्ष अदालत आ सकता है।

गोगोई ने सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों में कथित भूमिका संबंधी मामले में जमानत याचिका खारिज करने के गौहाटी उच्च न्यायालय के सात जनवरी के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।

कृषक मुक्ति संग्राम परिषद (केएमएसएस) एवं राइजोर दल के नेता गोगोई को 12 दिसंबर, 2019 में एहतियात के तौर पर गिरफ्तार किया गया था और वह तब से गुवाहाटी केंद्रीय कारागार में बंद है ।

यह मामला बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया था।

कौन है अखिल गोगोई 

अखिल गोगोई एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील जन नेता हैं उन्होने असम में कृषक मुक्ति संग्राम समिति (KMSS) – नामक एक किसान संगठन की स्थापना की हैं। केएमएसएस भूमिहीन किसानों, ग्रामीण और शहरी गरीबों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला अग्रिम संगठन है। इसने भूमि और वन अधिकारों को हासिल कर  वन गांवों से बाढ़ पीड़ितों और आदिवासी लोगों के पुनर्वास की मांग के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाए हैं।

यह पर्यावरण के संरक्षण के लिए काम करता है जिसमें पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े बांधों के निर्माण के खिलाफ लड़ाई शामिल है जो हजारों लोगों के जीवन को खतरे में डालते हैं और वनस्पतियों और जीवों का विनाश करते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अथक सेनानी के रूप में, गोगोई ने मंत्रियों से जुड़े कई बड़े घोटाले उजागर किए हैं। 2013 में, गोगोई ने खुदरा में एफडीआई के विकल्प के तौर पर किसान सहकारी और खुदरा दुकानों की स्थापना की, जो किसान को सीधे तौर पर शहरी बाजारों से जोड़ते हैं।

जनता के बीच गोगोई की लोकप्रियता राज्य द्वारा किए जा रहे अन्याय का विरोध करने और लोगों को जुटाने की उनकी क्षमता में परिलक्षित होती है; जो शांतिपूर्ण और निडरता का सबब है। लेखक के अनुसार, अखिल गोगोई की राज्य में अवैध हिरासत 2017 में एनएसए के तहत शुरू हुई थी, जिसे उच्च न्यायालय ने अवैध ठहराया था। उन्होंने सीएए-विरोधी आंदोलन का भी नेतृत्व किया क्योंकि उनका मानना है कि यह संविधान का उल्लंघन है और इसलिए भी क्योंकि इससे असम के छोटे देशज समुदायों की पहचान को खतरा पैदा हो जाएगा। सीएए के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन के बाद, राज्य ने विरोधियों के खिलाफ एफआईआर की झड़ी लगा दी और इस प्रक्रिया के माध्यम से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निरंतर और अवैध हिरासत में ले लिया है। लेखक अन्याय के खिलाफ और कार्यकर्ताओं के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए न्यायिक हस्तक्षेप का तर्क पेश करती है।

Supreme Court
Akhil gogoi
CAA
Anti CAA Protest

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब चुनावः बेरोज़गार मांगे नौकरी, पार्टियों के पास नहीं जवाब
    06 Feb 2022
    पंजाब में चुनावी सरगर्मियों के बीच रोज़गार को लेकर राजनीतिक पार्टियां बात करने को लेकर बच रही है. वही इसके उलट राज्य में बेरोज़गारी सबको सता रही है. मज़दूर बताते है कि उन्हें महीने में सिर्फ़ 10 दिन…
  • History
    न्यूज़क्लिक टीम
    कैसे स्थापित की गई संसद और राजपथ पर मूर्तियां?
    06 Feb 2022
    हाल ही में प्रधानमंत्री ने घोषणा की नेताजी की मूर्ति स्थापित करने के बारे में। क्या है संसद और राजपथ पर स्थित मूर्तियों का इतिहास ? क्यों बिना किसी बातचीती और विमर्श के नेताजी की मूर्ति को स्थापित…
  • uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: पहाड़ के अस्तित्व से जुड़े सवालों का नेपथ्य में चले जाना
    06 Feb 2022
    प्राकृतिक और मानव-निर्मित दोनों ही तरह की आपदाओं से जूझते इस राज्य का पहाड़ी क्षेत्र वर्तमान में जिस तरह के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संकटों से गुजर रहा है उसमें उसके भविष्य के लिए…
  • ganga
    विजय विनीत
    Exclusive : गंगा किनारे बालू की अंधाधुंध लूट, भाजपा और सालों से जमे अफसरों की नीयत पर सवालिया निशान
    06 Feb 2022
    सिर्फ बनारस ही नहीं, पूरे प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की लूट मची हुई है। इस लूट की सबसे बड़ी शिकार हुई है गंगा। इसे काशी में साफ-साफ देखा जा सकता है। सरकार और प्रशासन की लूट वाली नीति और नीयत के…
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव: राज्य में बढ़ते दमन-शोषण के बीच मज़दूरों ने भाजपा को हराने के लिए संघर्ष तेज़ किया
    06 Feb 2022
    रुद्रपुर: उत्तराखंड में चुनावी शोर है। आगामी 14 फरवरी को पूरे राज्य में एक ही चरण में मतदान होना है। हर दल अपने-अपने विकास के दावे कर रहा है। लेकिन इन सबके बीच मेहनतकश वर्ग कहीं पी
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License