NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने संबंधी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा उच्चतम न्यायालय
“वकीलों का दर्जा निर्दिष्ट समिति द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर तय होना चाहिए और मतदान का सहारा केवल तब लिया जाना चाहिए जब कोई और रास्ता न हो। उच्च न्यायालय मतदान एक अपवाद के रूप में नहीं बल्कि एक नियम प्रक्रिया के रूप में करते हैं।”
भाषा
23 Aug 2021
sc

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा देने के लिए कुछ उच्च न्यायालयों द्वारा एक नियम के रूप में ‘मनमाने एवं भेदभावपूर्ण’ गोपनीय मतदान के इस्तेमाल से जुड़ी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर वह विचार करेगा। न्यायालय ने कहा कि एक या दो हफ्ते में ‘कुछ बदलाव’ हो सकता है।

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की तीन सदस्यीय पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह की बात पर गौर किया। जयसिंह की जनहित याचिका पर ही शीर्ष अदालत ने 2017 में वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए थे।

जयसिंह ने अपने नए आवेदन को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की और आरोप लगाया कि कुछ उच्च न्यायालय वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने के लिए गोपनीय मतदान प्रक्रिया को नियम के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं जो कि ‘‘मनमाना और पक्षपातपूर्ण’’ है और इसे ऐसा घोषित भी किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वकीलों का दर्जा निर्दिष्ट समिति द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर तय होना चाहिए और मतदान का सहारा केवल तब लिया जाना चाहिए जब कोई और रास्ता न हो। जयसिंह ने कहा कि कुछ उच्च न्यायालय मतदान एक अपवाद के रूप में नहीं बल्कि एक नियम प्रक्रिया के रूप में करते हैं।

इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘कई अदालतों में वरिष्ठ के दर्जे को लेकर कुछ समस्याएं हैं। उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने भी वरिष्ठ दर्जे का अनुरोध किया है। मैं इस पर विचार करना चाहता हूं।’’ पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता सोली सोराबजी के निधन का जिक्र किया। वह न्यायालय की समिति के सदस्यों में से एक थे जो वकीलों को वरिष्ठ दर्जा देने संबंधी आवेदनों पर शुरुआती फैसले लेती है। उन्होंने कहा कि अब कोई नई नियुक्ति करनी होगी।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैं इस पर विचार करूंगा। कृपया कुछ वक्त दें।’’

याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गोपनीय मतदान प्रक्रिया का इस्तेमाल करने का जिक्र किया गया और कहा कि इस उद्देश्य के लिए गठित समिति 2017 के फैसले के अनुसार वकीलों को अंक देती है।

उच्चतम न्यायालय ने 2017 में स्वयं के लिए और 24 उच्च न्यायालयों के लिए वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए थे।

Supreme Court
lawyer

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • नीलू व्यास
    यूपी चुनाव : बीजेपी का पतन क्यों हो रहा है?
    03 Mar 2022
    अगर बीजेपी का प्रदर्शन नहीं सुधरा, तो इसकी सारी ज़िम्मेदारी गोरखनाथ मठ के भगवा धारी मुख्यमंत्री की होगी।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन-रूस विवाद: यूक्रेन में फंसे छात्रों पर दोष न मढ़े बीजेपी का प्रचार तंत्र!
    02 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात करेंगे Ukraine के खारकीव में शेलिंग के दौरान हुई एक भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत पर। वह इस विषय पर भी चर्चा करेंगे…
  • manipur
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनाव : मणिपुर की इन दमदार औरतों से बना AFSPA चुनाव एजेंडा
    02 Mar 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की Manipur की उन औरतों से जिन्होंने AFSPA के ख़ात्मे पर BJP को छोड़ तमाम राजनीतिक पार्टियों को वादा देने पर मजबूर किया। उनकी संस्था Extra Judicial…
  • manipur
    भाषा सिंह
    मणिपुरः जो पार्टी केंद्र में, वही यहां चलेगी का ख़तरनाक BJP का Narrative
    02 Mar 2022
    बात बोलेगी— क्या आपको पता है कि मणिपुर की पूरी आबादी पूरे भारत की आबादी का 0.4 फ़ीसदी से भी कम है और यहां के लोगों पर सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून (AFSPA) सहित बाक़ी ख़ौफ़नाक कानून 32 फीसदी थोपे…
  • anganwadi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: सीटू के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने आप सरकार पर बातचीत के लिए दबाव बनाया
    02 Mar 2022
    बुधवार को, दिल्ली आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन (DAWHU) ने दिल्ली सरकार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और का एक ज्ञापन सौंपा। दिल्ली सरकार पर दबाबा बनाया कि वो यूनियन से बातचीत करे और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License