NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अब महाराष्ट्र मामले मे मंगलवार को फ़ैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आज, सोमवार को कहा कि वह देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की याचिका पर मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे अपना आदेश पारित करेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Nov 2019
supreme court

महाराष्ट्र के मसले पर सुप्रीम कोर्ट आज भी अपना फ़ैसला नहीं दे पाया। इसके लिए कल, मंगलवार का दिन मुकर्रर किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आज, सोमवार को कहा कि वह देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की याचिका पर मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे अपना आदेश पारित करेगा।

न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ विश्वास मत कराने पर आदेश पारित कर सकती है।
शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस यह मांग कर रहे थे कि विश्वास मत आज कराने का आदेश दिया जाए, जिसका फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विरोध किया।

आपको बता दें कि जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार रात को ही शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की याचिका स्वीकार कर ली थी और सुनवाई के लिए रविवार का दिन तय किया था। ऐसा लगने लगा था कि संभवतय: उसी दिन फ्लोर टेस्ट के बारे में फ़ैसला दे दिया जाएगा।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कोर्ट ने आज, सोमवार, सुबह साढ़े दस बजे का समय तय किया। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जहां जल्द से जल्द ख़ासतौर पर आज ही आदेश पारित करने की अपील कर रहे थे वहीं
बीजेपी और सरकार इत्यादि की तरफ़ से पेश हुए वकील और समय मांग रहे हैं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने अपना फ़ैसला मंगलवार तक के लिए सुरक्षित कर लिया।

ताज़ा घटनाक्रम  

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले और पार्टी के बयानों से जुड़े ताजा घटनाक्रम इस प्रकार हैं :

सुबह 11:34 : केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए भाजपा के पास एनसीपी के 54 विधायकों का समर्थन है। उसने शीर्ष अदालत से देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर जवाब देने के लिए दो-तीन दिन मांगे।

सुबह 11:23 : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने एकबार फिर दावा किया कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी, कांग्रेस और शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाएगी।

सुबह 11:15 : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य पार्टी के नेताओं ने महाराष्ट्र में एनसीपी (अजित पवार) के साथ सरकार बनाने के भाजपा के कदम के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

सुबह 10:44: महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक ड्रामे और विधायकों के ‘‘खरीद-फरोख्त’’ की आशंका के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अपने विधायक शहर के पांच सितारा रिजॉर्ट से निकाल दो होटल में भेजे।

सुबह 10:24: शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी, एनसीपी और कांग्रेस के नेता राज्य में सरकार गठन के लिए अपना पक्ष रखने के लिए सोमवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करेंगे।

सुबह 9:45: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी के संसदीय रणनीतिक समूह की बैठक हुई।

सुबह 9:40 : शिवसेना ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा जो पार्टी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ 25 साल की दोस्ती की कदर नहीं कर सकती वह क्या अजित पवार का साथ देगी।

सुबह 9:09 : कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या देश अब "जनादेश के खुले अपहरण '' के दौर में पहुंच चुका है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Maharastra
Maharastra Political Crises
Supreme Court
Devendra Fednavis
BJP
Ajit Pawar
Shiv sena
NCP
Congress
sonia gandhi
Political Drama in Maharastra

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • Victims of Tripura
    मसीहुज़्ज़मा अंसारी
    त्रिपुरा हिंसा के पीड़ितों ने आगज़नी में हुए नुकसान के लिए मिले मुआवज़े को बताया अपर्याप्त
    25 Jan 2022
    प्रशासन ने पहले तो किसी भी हिंसा से इंकार कर दिया था, लेकिन ग्राउंड से ख़बरें आने के बाद त्रिपुरा सरकार ने पीड़ितों को मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। हालांकि, घटना के तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के…
  • genocide
    अजय सिंह
    मुसलमानों के जनसंहार का ख़तरा और भारत गणराज्य
    25 Jan 2022
    देश में मुसलमानों के जनसंहार या क़त्ल-ए-आम का ख़तरा वाक़ई गंभीर है, और इसे लेकर देश-विदेश में चेतावनियां दी जाने लगी हैं। इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
  • Custodial Deaths
    सत्यम् तिवारी
    यूपी: पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से एक आदिवासी की मौत, सरकारी अपराध पर लगाम कब?
    25 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार दावा करती है कि उसने गुंडाराज ख़त्म कर दिया है, मगर पुलिसिया दमन को देख कर लगता है कि अब गुंडाराज 'सरकारी' हो गया है।
  • nurse
    भाषा
    दिल्ली में अनुग्रह राशि नहीं मिलने पर सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने विरोध जताया
    25 Jan 2022
    दिल्ली नर्स संघ के महासचिव लालाधर रामचंदानी ने कहा, ‘‘लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, जीटीबी हस्पताल और डीडीयू समेत दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग…
  • student
    भाषा
    विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट
    25 Jan 2022
    रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License