NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
राष्ट्रीय संकट पर मूक दर्शक बने नहीं रह सकते : उच्चतम न्यायालय
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने पर उसकी स्वत: संज्ञान सुनवाई का मतलब उच्च न्यायालय के मुकदमों को दबाना नहीं है।
भाषा
27 Apr 2021
राष्ट्रीय संकट पर मूक दर्शक बने नहीं रह सकते : उच्चतम न्यायालय

नयी दिल्ली: कोविड-19 मामलों में बेतहाशा वृद्धि को ‘‘राष्ट्रीय संकट’’ बताते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह ऐसी स्थिति में मूक दर्शक बना नहीं रह सकता। साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने पर उसकी स्वत: संज्ञान सुनवाई का मतलब उच्च न्यायालय के मुकदमों को दबाना नहीं है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर महामारी की स्थिति पर नजर रखने के लिए बेहतर स्थिति में है।

पीठ ने कहा कि कुछ राष्ट्रीय मुद्दों पर शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है क्योंकि कुछ मामले राज्यों के बीच समन्वय से संबंधित हो सकते हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हम पूरक भूमिका निभा रहे हैं, अगर उच्च न्यायालयों को क्षेत्रीय सीमाओं के कारण मुकदमों की सुनवाई में कोई दिक्कत होती है तो हम मदद करेंगे।’’

देश के कोविड-19 की मौजूदा लहर से जूझने के बीच, उच्चतम न्यायालय ने गंभीर स्थिति का गत बृहस्पतिवार को स्वत: संज्ञान लिया था और कहा था कि वह ऑक्सीजन की आपूर्ति तथा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं समेत अन्य मुद्दों पर “राष्ट्रीय योजना” चाहता है।

शीर्ष अदालत ने वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन को इलाज का ‘‘आवश्यक हिस्सा’’ बताते हुए कहा था कि ऐसा लगता है कि काफी ‘‘घबराहट’’ पैदा कर दी गई है जिसके कारण लोगों ने राहत के लिए अलग अलग उच्च न्यायालयों में याचिकायें दायर कीं।

न्यायालय ने वेदांता के तूतीकोरिन स्थित ऑक्सीजन संयंत्र के संचालन की अनुमति दी

उच्चतम न्यायालय ने मंगवलार को वेदांता को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्थित उसके ऑक्सीजन संयंत्र के संचालन की अनुमति दे दी और कहा कि ऑक्सीजन की 'राष्ट्रीय आवश्यकता' के मद्देनजर यह आदेश पारित किया गया है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर तथा न्यायमूर्ति एस रविन्द्र भट की पीठ ने कहा कि इस आदेश की आड़ में वेदांता को तांबा गलाने वाले संयंत्र में प्रवेश और उसके संचालन की अनुमति नहीं दी गई है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वेदांता द्वारा ऑक्सीजन उत्पादन को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिये क्योंकि इस समय राष्ट्र संकट का सामना कर रहा है।

न्यायालय ने कहा कि वेदांता को ऑक्सीजन संयंत्र के संचालन की अनुमति देने का आदेश किसी भी तरह से कंपनी के हित में किसी प्रकार का सृजन नहीं माना जाएगा।

न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को ऑक्सीजन संयंत्र में गतिविधियों पर नजर रखने के लिये जिला कलेक्टर और तूतीकोरिन के पुलिस अधीक्षक को शामिल कर एक समिति गठित करने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने 23 अप्रैल को कहा था कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोग मर रहे हैं। उसने तमिलनाडु सरकार से पूछा था कि वह ऑक्सीजन उत्पादन के लिये तूतीकोरिन में वेदांता के स्टरलाइट तांबा इकाई को अपने नियंत्रण में क्यों नहीं ले लेती, जो प्रदूषण चिंताओं को लेकर मई 2018 से बंद है।

न्यायालय का उप्र सरकार को सिद्दीक कप्पन के मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को पत्रकार सिद्दीक कप्पन के मेडिकल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया। कप्पन को पिछले साल हाथरस जाते वक्त गिरफ्तार किया गया था जहां एक दलित युवती की कथित सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी।

केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जनर्लिस्ट्स (केयूडब्ल्यूजे) का आरोप है कि कप्पन को अस्पताल में उसके बेड से जंजीर से बांध कर रखा गया। कप्पन को बाथरूम में गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में वह कोविड-19 से संक्रमित भी पाए गए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने कप्पन को जंजीर से बांधने के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वह उनके मेडिकल रिकॉर्ड पर कल तक संक्षिप्त जवाब देगी।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को बुधवार तक मेडिकल रिकॉर्ड दाखिल करने का निर्देश दिया।

सुनवाई शुरू होने पर मेहता ने कहा कि उन्हें केयूडब्ल्यूजे द्वारा बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर आपत्ति थी क्योंकि कप्पन न्यायिक आदेश के तहत न्यायिक हिरासत में है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का औचित्य नहीं है क्योंकि आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

केयूडब्ल्यूजे की ओर से पेश वकील विल्स मैथ्यू ने कहा कि 20 अप्रैल को कप्पन बाथरूम में गिर गए और 21 अप्रैल को वह कोविड-19 से संक्रमित पाए गए।

उन्होंने कहा कि कप्पन को अन्य राहत के साथ ही अपनी मां से वीडियो कांफ्रेंस पर बात करने की अनुमति भी दी जानी चाहिए।

पीठ ने मामले पर सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित कर दी क्योंकि वीडियो कांफ्रेंस से संपर्क नहीं होने के कारण दलीलों की सुनवाई में दिक्कत आ रही थी।

पीठ ने मैथ्यू को कहा, ‘‘जब हम मामले को विस्तृत सुनवाई के लिए कल तक के लिए स्थगित कर रहे हैं तो आप अब दलील क्यों दे रहे हैं।’’

उसने मेहता से कप्पन के मेडिकल रिकॉर्ड बुधवार को दाखिल करने के लिए कहा, जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने हामी भरी।

कप्पन की पत्नी ने हाल ही में सीजेआई रमण को पत्र लिखकर अस्पताल से उन्हें तुरंत छुट्टी देने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कप्पन को बिस्तर से जंजीर से इस तरह बांध कर रखा गया जैसे किसी जानवर को बांधा जाता है।

इसे पढ़ें: यूपी की जेल में बंद पत्रकार कप्पन के बेहतर इलाज़ के लिए एडिटर्स गिल्ड, मुख्यमंत्री और सांसदों ने लिखा पत्र

Supreme Court
COVID-19
Oxygen shortage
Health sector collapse

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • यूपी जनसंख्या विधेयक : मनगढ़ंत बुराइयों से जंग
    सुबोध वर्मा
    यूपी जनसंख्या विधेयक : मनगढ़ंत बुराइयों से जंग
    16 Jul 2021
    सभी धर्मों के लोगों के बीच बढ़ती आबादी में पहले के मुक़ाबले गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में यह विधेयक महज़ अलगाव को बढ़ावा देने का ही काम करेगा।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 38,949 नए मामले, 542 मरीज़ों की मौत
    16 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 38,949 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 10 लाख 26 हज़ार 829 हो गयी है।
  • अटलांटिक गठबंधन और पड़ोसी देशों की विफलता अफ़ग़ानिस्तान त्रासदी के लिए ज़िम्मेदार
    रश्मि सहगल
    अटलांटिक गठबंधन और पड़ोसी देशों की विफलता अफ़ग़ानिस्तान त्रासदी के लिए ज़िम्मेदार
    16 Jul 2021
    लगता है तालिबान अफ़ग़ानिस्तान पर नियंत्रण पाने की कगार पर है, उसने युद्धग्रस्त देश के एक बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया है।
  • यूपी से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए नेता।
    असद रिज़वी
    यूपी चुनावी चक्रम: जाति का चश्मा, जाति का चक्रव्यू, एक को मनाया तो दूसरा नाराज़
    16 Jul 2021
    यूपी चुनाव को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल में ग़ैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और ग़ैर-जाटव दलितों को जगह मिली, लेकिन ब्राह्मणों और निषादों को नज़रअंदाज़ करने पर नाराज़गी बढ़ी।
  • जनसंख्या नियंत्रण कानून और यूपी-बिहार
    पुष्यमित्र
    जनसंख्या नियंत्रण कानून और यूपी-बिहार
    16 Jul 2021
    जनसंख्या नियंत्रण के सवाल पर यूपी-बिहार में चल रही यह बहस लोगों को पहली ही नज़र में तार्किक और उपयोगी कम राजनीतिक नफ़े-नुक़सान पर आधारित अधिक लग रही है। हालांकि यह बड़ा सवाल है कि एक ही मुद्दे पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License