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अपराध
कानून
राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया
उम्रकैद की सज़ा काट रहे पेरारिवलन, पिछले 31 सालों से जेल में बंद हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद उनको कभी भी रिहा किया जा सकता है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 May 2022
perarivalan
चित्र साभार: द हिंदू

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया।

उम्रकैद की सज़ा काट रहे पेरारिवलन पिछले 31 सालों से जेल में बंद है। कोर्ट के इस आदेश के बाद उनको कभी भी रिहा किया जा सकता है। 

उच्चतम न्यायालय ने अपनी पिछली सुनवाई के दौरान उनकी रिहाई की मांग करने वाली अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। आदेश सुनाते हुए कोर्ट ने तर्क दिया कि राज्यपाल, राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिशों से बाध्य है और उसकी रिहाई की सिफारिश को हमेशा अधर में लटकाए नहीं रह सकते हैं।

इस आदेश के बाद, इस मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे अन्य दोषियों, जिनमें मुरुग्ण और नलिनी श्रीहरिहरण शामिल हैं, की रिहाई की उम्मीद बढ़ जाती है।

21 मई 1991 को एक चुनावी सभा को संबोधित करते वक्त, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में हत्‍या कर दी गई थी। पेरारिवलन घटना के समय महज 19 साल का था। 

गिरफ़्तारी के बाद चले मुकदमे में निचली अदालत ने पेरारिवलन को 1998 में  मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे आजीवन कारावास में बदल दिया।

rajiv gandhi
rajiv gandhi murder
Supreme Court

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