NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रिया हत्याकांडः क़रीब एक हफ्ते बाद एक संदिग्ध गिरफ़्तार, सभी दोषियों को पकड़ने की मांग तेज़
माकपा की दलसिंहसराय और विद्यापतिनगर स्थानीय कमेटी ने रविवार को विरोध मार्च निकाला और सुप्रिया की हत्या के दोषियों को जल्द पकड़कर सजा देने की मांग की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Sep 2021
CPI(M)

बिहार के वैशाली जिले की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली सुप्रिया (15 वर्ष) की निर्मम हत्‍या को लेकर सोमवार को लोगों का गुस्‍सा काफी भड़क गया। इस घटना के बाद से ही इलाके के लोग काफी आक्रोशित थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुस्साई भीड़ ने एक संदिग्‍ध को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी।

पुलिस ने काफी मशक्‍कत और घंटों तक जूझने के बाद संदिग्‍ध को अपनी हिरासत में लिया। इस दौरान लोगों के गुस्‍से को देखते हुए एसपी मनीष ने सुप्रिया के पिता के साथ लोगों को समझाने की कोशिश की। कब्‍जे में लेने के बाद पुलिस संदिग्‍ध को अपने साथ ले गई।

रिपोर्ट के मुताबिक पकड़े गए संदिग्‍ध का घर घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है और घटना वाले दिन से ही वह फरार था। गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार को थानेदार सादी वर्दी में उसे पकड़ने के लिए पहुंचे थे।

जब संदिग्‍ध की नज़र पुलिस पर पड़ी तो वह भागने लगा। संदिग्‍ध को भागता हुआ देख भीड़ ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद लोग उसकी पिटाई करने लगे। रिपोर्ट के अनुसार आरोपी को कब्‍जे में लेने की कोशिश कर रहे थानाध्‍यक्ष से भी भीड़ की धक्‍का मुक्‍की हुई। इसमें थानाध्‍यक्ष को कुछ चोट भी आई है। भीड़ के गुस्‍से को देखते हुए थानाध्‍यक्ष ने खुद को आरोपी के साथ एक दुकान में बंद कर लिया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उस दुकान को घेर लिया। सूचना मिलते ही समस्‍तीपुर के पटोरी थाने और वैशाली के कई थानों की पुलिस घटनास्‍थल पर पहुंच गई।

क्या है पूरा मामला?

10वीं की छात्रा सुप्रिया रोज सुबह करीब पांच बजे कोचिंग पढ़ने के लिए साइकिल से करनौती से 7 किमी दूर पटोरी जाती थी। जिस स्थान पर सुप्रिया की हत्या की गई वह स्थान इसी रास्ते में पड़ता है जो कि काफी सुनसान इलाका है।

मंगलवार, 14 सितंबर को वह सुबह करीब पांच बजे के आस पास घर से कोचिंग के लिए निकली थी लेकिन वह कोचिंग नहीं पहुंची। सुप्रिया के घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी पर उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों ने शाम को महनार थाना को फोन से सूचना दी फिर बाद में लिखित सूचना दी।

रिपोर्ट के मुताबिक 15 सितंबर को 11 बजे दिन में एक महिला ने बरेठा बही चौर के पास पानी में एक लड़की की लाश की सूचना स्थानीय लोगों को दी। बाद में इस शव की पहचान सुप्रिया के रूप में हुई। घटना के कई दिन बाद तक हत्‍यारों की गिरफ्तारी न हो पाने के चलते लोग गुस्‍से में थे।

गुरुवार को पटोरी में हजारों छात्र-छात्राओं ने इस घटना को लेकर शहर के शहीद भगत सिंह चौक से शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन तक कैंडल मार्च निकालकर मृत छात्रा को श्रद्धांजलि दी थी। इस मार्च में शामिल छात्र-छात्राएं और अन्य लोग अपने अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए थे। इन बैनरों और तख्तियों के जरिए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।

उधर सुप्रिया की हत्या को लेकर बिहार में जगह जगह पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। समस्तीपुर जिले की माकपा की दलसिंहसराय और विद्यापतिनगर स्थानीय कमेटी ने रविवार को विरोध मार्च निकाला और दोषियों को जल्द पकड़कर सजा देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने बिहार में लचर कानून व्यवस्था और महिलाओं की असुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए। सरायरंजन, सातनपुर, मोहिउद्दीनगर और उजियारपुर समेत कई इलाकों में कैंडल मार्च निकाला गया और विरोध प्रदर्शन किए गए।    

Bihar
Supriya murder case
CPI-M
SFI

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के मामलों में क़रीब 25 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई
    04 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,205 नए मामले सामने आए हैं। जबकि कल 3 मई को कुल 2,568 मामले सामने आए थे।
  • mp
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर
    04 May 2022
    माकपा और कांग्रेस ने इस घटना पर शोक और रोष जाहिर किया है। माकपा ने कहा है कि बजरंग दल के इस आतंक और हत्यारी मुहिम के खिलाफ आदिवासी समुदाय एकजुट होकर विरोध कर रहा है, मगर इसके बाद भी पुलिस मुख्य…
  • hasdev arnay
    सत्यम श्रीवास्तव
    कोर्पोरेट्स द्वारा अपहृत लोकतन्त्र में उम्मीद की किरण बनीं हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं
    04 May 2022
    हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं, लोहिया के शब्दों में ‘निराशा के अंतिम कर्तव्य’ निभा रही हैं। इन्हें ज़रूरत है देशव्यापी समर्थन की और उन तमाम नागरिकों के साथ की जिनका भरोसा अभी भी संविधान और उसमें लिखी…
  • CPI(M) expresses concern over Jodhpur incident, demands strict action from Gehlot government
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग
    04 May 2022
    माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने इसे भाजपा-आरएसएस द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अनायास नहीं होती बल्कि इनके पीछे धार्मिक कट्टरपंथी क्षुद्र शरारती तत्वों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल
    04 May 2022
    भारत का विवेक उतना ही स्पष्ट है जितना कि रूस की निंदा करने के प्रति जर्मनी का उत्साह।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License