NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सीरिया ने अपने देश से यूएस सैनिकों की वापसी की मांग की
इसने देश के ख़िलाफ़ यूरोपीय और अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग की। यह कहा कि वे युद्ध-ग्रस्त अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में बाधा डाल रहे हैं। साथ ही आतंकवादी संगठनों को मदद करने का आरोप लगाया।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jan 2021
Bashar al-Jaabari

संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के राजदूत और इसके उप विदेश मंत्री बशर अल-जाफरी ने अवैध रूप से सीरिया के इलाकों के कुछ हिस्सों पर काबिज और सीरिया के तेल व गैस संसाधनों को लूटने वाले सभी अमेरिकी सैनिकों को देश से तुरंत वापस लेने की मांग की। वह बुधवार 20 जनवरी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक वर्चुएल कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे।

अल-जाफरी ने अमेरिका पर आईएसआईएस और जभात अल-नुसरा जैसे आतंकवादी संगठनों की मदद करने और समर्थन करने का भी आरोप लगाया जो सीरिया के लोगों पर हमला करने के लिए अभी भी सीरिया के इदलिब प्रांत के कुछ हिस्सों को नियंत्रण में लिए हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑक्यूपाइंग फोर्सेस और आतंकवादी समूह मिलकर सीरिया के आर्थिक संसाधनों को लूटने या मुकाबला करने पर वस्तुओं को जलाने और लूटने का काम करते हैं।

सीरिया के उत्तर-पूर्व में कई अस्थायी ठिकानों से संचालन के अलावा अमेरिका का जॉर्डन की सीमा के पास होम्स प्रांत में अल-तन्फ में एक अवैध सैन्य अड्डा है। यह कहता रहा है कि ये अड्डा आईएसआईएस के खिलाफ युद्ध में एक सीमा चौकी के रूप में काम करता है। हालांकि, सीरियाई सरकार ने इसे क्षेत्र पर अवैध कब्ज़ा बताया था।

जाफरी ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से कहा कि वह अवैध कब्जे को समाप्त करें और सीरिया के प्रति अपनी नीतियों को बदलें। उन्होंने अमेरिका और विभिन्न यूरोपिय देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना की कि इन देशों ने सीरिया के पुनर्निर्माण प्रक्रिया तथा कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ इसकी लड़ाई को प्रभावित किया है। उन्होंने सीरिया के खिलाफ अमेरिकी कब्जे और उसके प्रतिबंधों को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन करार दिया।

पिछले महीने सीरिया पर यूरोपीय और अमेरिकी प्रतिबंधों के दुष्प्रभाव के बारे में यूएन आगाह कर चुका है। सीरिया के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध, महामारी के दौरान छूट देने के बजाय पिछले साल जून में अमेरिकी कांग्रेस में पारित तथाकथित सीज़र अधिनियम के लागू करने के साथ और सख्त हो गए।

सीरिया के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध पहली बार जो बाइडेन के उपाराष्ट्रपति रहते हुए लगाए गए थे जिन्होंने2011 में शुरू हुए युद्ध को तेज करने वाले इस देश में असद विरोधी शक्तियों को अमेरिकी समर्थन की नीति तैयार की थी। राष्ट्रपति के रुप में सीरिया के लिए बाइडेन का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं है।

सीरिया में इस युद्ध ने इस क्षेत्र के सबसे स्थिर देश को तबाह कर दिया है। लगभग 20 मिलियन की आबादी वाले इस देश में आधी आबादी शरणार्थी के तौर पर जीने को मजबूर है और यहां हजारों लोगों की मौत हो गई।

Syria
US Army
United nations
ISIS

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती

यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में न Modi magic न Yogi magic
    06 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से यूपी में छठे चरण के मतदान के बाद की चुनावी स्थिति का जायज़ा लिया। जनता किसके साथ है? प्रदेश में जनता ने किन मुद्दों को ध्यान में रखते…
  • poetry
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'टीवी में भी हम जीते हैं, दुश्मन हारा...'
    06 Mar 2022
    पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद पर हमला, यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को ध्यान में रखते हुए पढ़िये अजमल सिद्दीक़ी की यह नज़्म...
  • yogi-akhilesh
    प्रेम कुमार
    कम मतदान बीजेपी को नुक़सान : छत्तीसगढ़, झारखण्ड या राजस्थान- कैसे होंगे यूपी के नतीजे?
    06 Mar 2022
    बीते कई चुनावों में बीजेपी को इस प्रवृत्ति का सामना करना पड़ा है कि मतदान प्रतिशत घटते ही वह सत्ता से बाहर हो जाती है या फिर उसके लिए सत्ता से बाहर होने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: धन भाग हमारे जो हमें ऐसे सरकार-जी मिले
    06 Mar 2022
    हालांकि सरकार-जी का देश को मिलना देश का सौभाग्य है पर सरकार-जी का दुर्भाग्य है कि उन्हें यह कैसा देश मिला है। देश है कि सरकार-जी के सामने मुसीबत पर मुसीबत पैदा करता रहता है।
  • 7th phase
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव आख़िरी चरण : ग़ायब हुईं सड़क, बिजली-पानी की बातें, अब डमरू बजाकर मांगे जा रहे वोट
    06 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ़ आख़िरी दौर के चुनाव होने हैं, जिसमें 9 ज़िलों की 54 सीटों पर मतदान होगा। इसमें नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत अखिलेश का गढ़ आज़मगढ़ भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License