NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तमिलनाडु चुनाव: बीजेपी के सामने स्याह तस्वीर, उल्टे असर के डर से राष्ट्रीय नेताओं का ज़िक्र नहीं कर रहे प्रत्याशी
मतदाताओं के एक प्रतिबद्ध समूह की उपस्थिति न होने के चलते बीजेपी प्रत्याशी एआईएडीएमके के मतों के हस्तांतरण पर निर्भर हैं। लेकिन दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच ज़मीन पर जुड़ाव नहीं बन पा रहा है, यह साफ़ लक्षित भी हो रहा है, जिससे चुनावों में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन की संभावना कमज़ोर हो रही है।
नीलाबंरन ए
31 Mar 2021
तमिलनाडु चुनाव: बीजेपी के सामने स्याह तस्वीर, उल्टे असर के डर से राष्ट्रीय नेताओं का ज़िक्र नहीं कर रहे प्रत्याशी

तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी, एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है और 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। लेकिन राज्य में बीजेपी विरोधी भावनाओं के चलते पार्टी की एक भी सीट जीत पाने की संभावना बेहद कमज़ोर है।

मतदाताओं के एक प्रतिबद्ध समूह की उपस्थिति ना होने के चलते बीजेपी प्रत्याशी एआईएडीएमके के मतों के हस्तांतरण पर निर्भर हैं। लेकिन दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच ज़मीन पर जुड़ाव नहीं बन पा रहा है, यह साफ़ लक्षित भी हो रहा है, जिससे चुनावों में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन की संभावना कमज़ोर हो रही है।

बीजेपी ने कई अहम चेहरों को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा दूसरे दलों से शामिल हुए चार लोगों को भी टिकट दिया है। AIADMK और बीजेपी चुनाव प्रचार के दौरान अपने राष्ट्रीय नेताओं के बारे में जिक्र करने से बच रही हैं, उन्हें डर है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों के चलते उनके चुनाव अभियान पर बुरा असर पड़ सकता है।

ऊपर से बीजेपी के प्रत्याशियों की सूची अंग्रेजी और हिंदी में प्रकाशित की गई। तमिल को नज़रंदाज करने के कदम की खूब आलोचना भी हुई। राज्य के लोगों के लिए यह एक संवेदनशील मुद्दा है।

कमज़ोर रहा है इतिहास

बीजेपी के लिए तमिलनाडु में खुद को खड़ा कर पाना अब तक मुश्किल ही रहा है। पिछला विधानसभा चुनाव इसकी पुष्टि भी करता है। अब तक सिर्फ़ दो बार के विधानसभा चुनावों में ही बीजेपी प्रत्याशी जीत दर्ज कर पाए हैं। पहली बार बीजेपी अपने दम पर 1996 में एक प्रत्याशी को जीत दर्ज कराने में कामयाब रही थी। दूसरी बार 2001 में डीएमके के साथ गठबंधन कर बीजेपी अपने 4 प्रत्याशियों को जीत दिलाने में कामयाब हो गई थी। 

1991 से लेकर अब तक पार्टी 880 विधानसभा सीटों पर अपनी किस्मत आजमा चुकी है, इनमें से 831 पर बीजेपी प्रत्याशियों की ज़मानत जब़्त हुई है। सिर्फ़ 2001 में ही ऐसा हुआ था, जब बीजेपी के सभी प्रत्याशी अपनी ज़मानत बचाने में कामयाब रहे थे। उस चुनाव में बीजेपी ने डीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। 

फिर बीजेपी की मत हिस्सेदारी भी बहुत खास दिखाई नहीं पड़ती। 1991 से अब तक लड़े चुनावों में पार्टी की हिस्सेदारी 3.2 फ़ीसदी से नीचे ही रही है। 2001 में जिन सीटों पर बीजेपी ने चुनाव लड़ा, उनमें पार्टी के मतों की हिस्सेदारी बढ़कर 38 फ़ीसदी तक हो गई, लेकिन ऐसा सिर्फ़ गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ने की वज़ह से हुआ था। 

फ्रंटलाइन के संपादक आर विजयशंकर कहते हैं, "विचारधारा के स्तर पर बीजेपी पूरी तरह से कंगाल है, उनकी नीतियां तमिलनाडु के मतदाताओं को नहीं लुभातीं। संघ परिवार से जुड़े संगठन पूजास्थलों के ज़रिए संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, पर निकट भविष्य में इसका बहुत लाभ मिलने की गुंजाइश कम ही है।"

बीजेपी की तरफ़ से चुनाव में खड़े लोग कौन हैं?

बीजेपी ने जिन 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उनमें दक्षिण के जिलों में 8 और पश्चिमी जिलों की 5 सीटों पर खड़े किए गए प्रत्याशी शामिल हैं। इस सूची से पता चलता है कि पार्टी ने चुनाव में जातिगत समीकरण को संतुलित करने की कोशिश की है।

इसके अलावा बीजेपी ने कुछ ऐसी सीटों पर भी प्रत्याशी खड़े किए हैं, जहां धार्मिक समीकरण ज़्यादा मायने रखते हैं। उदाहरण के लिए रामनाथपुरम, कोयंबटूर (दक्षिण), कोलाशेल, थुरुवन्नामलाई, विरुधुनगर, विल्वांकोड औ नागरकोइल में अल्पसंख्यकों की बड़ी संख्या है, बीजेपी इसी का फायदा उठाना चाहती है। लेकिन अब तक ध्रुवीकरण कराने की बीजेपी की तमाम कोशिशों का फायदा नहीं हुआ है।

प्रदेशाध्यक्ष एल मुरुगन धारापुरम (आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन कोयंबटूर (दक्षिण), पूर्व राष्ट्रीय सचिव एच राजा कराईकुडी और पूर्व IPS अधिकारी के अन्नामलाई अरावाकुरिची से चुनाव लड़ने वाले अहम चेहरों में शामिल हैं। कोयंबटूर (दक्षिण) विधानसभा हाल में चर्चा में रही हैं, क्योंकि यहां से मक्कल नीथि मैयम (एमएनएम) से अभिनेता कमल हासन ने पर्चा भरा है।

इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोग भी चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी ने तय किया है कि दल बदलकर उनके पाले में आए लोगों को भी टिकट दिया जाए। मौजूदा विधायक पी सरवानन के बीजेपी में शामिल होने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें टिकट दे दिया गया। कांग्रेस की पूर्व नेता खुशबू सुंदर, जो पहले डीएमके के साथ थीं, उन्हें भी टिकट दिया गया है।

एआईएडीएमके के कोटे से मंत्री रहे नैनार नागेंद्रन भी थिरुनेलवेली से मैदान में हैं। बीजेपी से प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा से दो दिन पहले ही उन्होंने अपना नामांकन भर दिया था। VAT कालिवरथन, पट्टाली मक्कल काट्ची (पीएमके) से विधायक रह चुके हैं, उन्हें भी अब बीजेपी ने टिकट दिया है। 

बीजेपी-एआईएडीएमके मोदी-शाह को प्रचार में आगे रखना नहीं चाहतीं?

बीजेपी और एआईएडीएमके की राजनीतिक विचारधारा में भयावह विरोधाभास है, लेकिन इसके अलावा दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं का मैदान में एकजुट होना अभी बाकी है। एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं में ज़्यादा असंतोष है, उन्हें डर है कि बीजेपी उनकी पार्टी को धोखा देगी। इसके चलते एक पार्टी के मतदाताओं का दूसरी साथी पार्टी के पक्ष में हस्तांतरण पर चिंता बनी हुई है।

अनवर राजा एआईएडीएमके से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में टिप्पणी करते हुए कहा था कि जयललिता के निधन के बाद पार्टी सत्ता में रहने में कामयाब रही, इसकी वज़ह पार्टी का त्याग है। "नहीं तो तमिलनाडु में भी वही देखने को मिलता, जो पुदुचेरी और दूसरे उत्तर भारतीय राज्यों में देखने को मिला, जहां बीजेपी ने चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया।"

यहां एक और दिलचस्प बात यह देखने को मिल रही है कि बीजेपी और एआईएडीएमके के प्रत्याशी अपने चुनाव अभियान में नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नाम का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। दीवारों पर बनने वाले राजनीतिक चित्रों से भी यह दो नेता गायब हैं, इससे बीजेपी के खिलाफ़ मौजूद भारी एंटी-इंकमबेंसी के बारे में पता चलता है।

बीजेपी के प्रत्याशी तक ऐसा करने पर मजबूर हो रहे हैं। विवादित नेता और बीजेपी के कराईकुडी से प्रत्याशी एच राजा ने अपनी फ़ेसबुक प्रोफाइल में खुद को "AIADMK गठबंधन का प्रत्याशी बताया है।"

एक जगह बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में दीवार पर बनाए चित्र में नरेंद्र मोदी के नाम का जिक्र कर दिया गया था, जिसे बाद में मतदाताओं की विपरीत प्रतिक्रिया के डर से साफ़ कर दिया गया। 

आजीविका का मुद्दा सबसे आगे आया

केंद्र सरकार की किसी भी कामयाबी को मतदाताओं के सामने पेश ना कर पाना बीजेपी के चुनावी अभियान के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। बीजेपी के लोग और स्टार कैंपेनर, हिंदुओं की डीएमके से रक्षा को अपने भाषण का आधार बना रहे हैं।

इस बीच आजीविका का मुद्दा, ख़ासकर जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों का मु्द्दा मैदान पर असर डाल रहा है। फिर बीजेपी के खिलाफ़ चुनाव लड़ रही पार्टियों ने हिंदी को थोपे जाने, NEET लागू करवाने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, CAA, NRC, NPR और 'एक देश एक राशन नीति' जैसे मुद्दों को बीजेपी के खिलाफ़ पेश किया है, जिन्हें मतदाता सकारात्मक ढंग से ले रहे हैं।

आखिर में, केंद्र में अपने दूसरे कार्यकाल में मौजूद पार्टी के बारे में टिप्पणी करते हुए विजयशंकर कहते हैं, "बीजेपी की एक भी सीट जीत पाने की संभावना नहीं है। यह तमिलनाडु की मैदानी स्थिति है।"

(यह ग्राफ़ प्रकाश आर ने बनाए हैं।)

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

TN Elections: BJP Faces Bleak Prospects, Candidates Avoid Mention of National Leaders Fearing Backlash

Tamil Nadu assembly elections
Failure of BJP in Tamil Nadu
Defectors in BJP
AIADMK-BJP Alliance
DMK
Petrol
Diesel Price Rise
LPG price hike
Vote Percentage of BJP
Assembly Elections 2021

Related Stories

ध्यान देने वाली बात: 1 जून से आपकी जेब पर अतिरिक्त ख़र्च

तमिलनाडु : विकलांग मज़दूरों ने मनरेगा कार्ड वितरण में 'भेदभाव' के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया

आटा भी हो गया महंगा, क्या कर रही सरकार?

रसोई गैस सिलिंडर के दाम 50 रुपये बढ़े, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमत

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

मध्य प्रदेश : एलपीजी की क़ीमतें बढ़ने के बाद से सिर्फ़ 30% उज्ज्वल कार्ड एक्टिव

सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !

तमिलनाडु राज्य और कृषि का बजट ‘संतोषजनक नहीं’ है


बाकी खबरें

  • Cuba
    ऋचा चिंतन
    वैश्विक एकजुटता के ज़रिये क्यूबा दिखा रहा है बिग फ़ार्मा आधिपत्य का विकल्प
    11 Jan 2022
    दुनिया को बिग फ़ार्मा के एकाधिकारवादी चलन का एक विकल्प सुझाते हुए क्यूबा मुनाफ़े से कहीं ज़्यादा अहमियत लोगों को देता है। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, राज्य से वित्त पोषित अनुसंधान को बढ़ावा देता…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,68,063 नए मामले, 277 मरीज़ों की मौत 
    11 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 2.29 फ़ीसदी यानी 8 लाख 21 हज़ार 446 हो गयी है।
  • kashi
    विजय विनीत
    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: कैसे आस्था के मंदिर को बना दिया ‘पर्यटन केंद्र’
    11 Jan 2022
    काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप सड़क के किनारे श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का न्यास सुविधा केंद्र है। यहां एक हेल्प डेस्क है, जिसके बाहर कांच के गेट पर 300 रुपये में सुगम दर्शन का पोस्टर चस्पा किया गया है।…
  • security lapse
    शिव इंदर सिंह
    “मोदी की सुरक्षा में चूक या राजनीतिक ड्रामा?” क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग! 
    11 Jan 2022
    जिला लुधियाना के नौजवान किसान जगजीत सिंह का कहना है, “पहली बात तो किसान मोदी के काफिले से करीब एक किलोमीटर दूरी पर थे। दूसरी बात उनके पास कोई हथियार नहीं थे। वह कम से कम मोदी को काले झंडे दिखा सकते…
  • Rahul and Modi
    ओंकार पूजारी
    2022 तय कर सकता है कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का भविष्य
    11 Jan 2022
    कमज़ोर कांग्रेस इतनी कमज़ोर नहीं है कि औपचारिक मोर्चे या भाजपा विरोधी ताक़तों की अनौपचारिक समझ के मामले में किसी भी अखिल भारतीय भाजपा विरोधी परियोजना से बाहर हो जाए।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License